अयोध्या की धर्म सभा में बोले संत हर सूरत में बनना चाहिए राम मंदिर Reviewed by Momizat on . अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिये रविवार को विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने धर्मसभा का आयोजन किया. जिन लोगों को यह भ्रम हो गया था कि राम जन्म भूमि का मुद अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिये रविवार को विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने धर्मसभा का आयोजन किया. जिन लोगों को यह भ्रम हो गया था कि राम जन्म भूमि का मुद Rating: 0
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अयोध्या की धर्म सभा में बोले संत हर सूरत में बनना चाहिए राम मंदिर

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिये रविवार को विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने धर्मसभा का आयोजन किया. जिन लोगों को यह भ्रम हो गया था कि राम जन्म भूमि का मुद्दा ठंडा पड़ चुका है और अब नई पीढ़ी को राम जन्म भूमि के मुद्दे में कोई दिलचस्पी नहीं है उनका भ्रम टूट गया. बड़े भक्तमाल की बगिया की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर राम भक्त ही नजर आ रहे थे. धर्मसभा में विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने कहा कि “वर्ष 1992 के बाद आज 25 वर्ष हो चुके हैं. एक पीढ़ी युवा अवस्था में पहुंच चुकी है. कुछ विद्वान् यह आंकलन लगाने लगे थे कि युवाओं को अब राम मंदिर आन्दोलन से कोई सरोकार नहीं है. आज केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश के 48 जनपदों के हिन्दुओं ने यह बता दिया है कि राम जन्म भूमि का मुद्दा आज भी अपनी उसी ऊर्जा के साथ जीवित है.”

चम्पत राय ने कहा कि “यह झगड़ा 490 वर्ष पुराना है. मुसलमानों की तरफ से पहले यह कहा गया था कि अगर वर्ष 1528 के पहले वहां पर मंदिर साबित हो जाता है तो वो लोग अपना दावा छोड़ देंगे. वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया. मुसलमानों को आगे आना चाहिए था, मगर उन लोगों ने ऐसा नहीं किया. हमने कोर्ट से बंटवारा नहीं मांगा था. वहां पर भगवान् राम का मंदिर था, वहां की पूरी भूमि हमें चाहिए.”

11 दिसंबर के बाद राम मंदिर निर्माण पर निर्णय लेगी केंद्र सरकार – रामभद्राचार्य जी

मंचासीन संतों में चित्रकूट के रामभद्राचार्य जी जो राम मंदिर आन्दोलन से वर्ष 1984 से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि “केंद्र सरकार के एक बड़े मंत्री, जो प्रधानमंत्री के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं. उनसे मेरी बात हुई है. उन्होंने अपना नाम बताने के लिए मना किया है. उन्होंने मुझसे वायदा किया है कि 11 दिसंबर को अधिसूचना समाप्त होने के बाद हम एक बड़ा निर्णय लेने जा रहे हैं. उन मंत्री महोदय ने कहा है कि वह संतों के आशीर्वाद से दिल्ली में बैठे हैं, संतों के साथ विश्वासघात नहीं करेंगे. मुझे लगता है कि केंद्र सरकार अध्यादेश का निर्णय लेगी और राम मंदिर का निर्माण बहुत जल्द ही शुरू होगा. कोई माई का लाल राम मंदिर का निर्माण नहीं रोक सकेगा.

मंचासीन अन्य साधू संतों ने भी राम मंदिर की मांग को दोहराया. प्रतापगढ़ के राम भक्त सियाराम ने मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए का दान दिया. इसकी घोषणा उन्होंने कुछ दिन पहले ही कर दी थी. धर्म सभा में एक करोड़ का चेक श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दिया गया. अयोध्या में आयोजित धर्म सभा को सकुशल संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी. शनिवार रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव (गृह ) को अपने सरकारी आवास पर तलब किया और अयोध्या की स्थिति के बारे में जानकारी ली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को यह आदेश दिया था कि “किसी भी राम भक्त को खरोंच भी न आने पाए.”

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