अस्पृश्यता को कभी धार्मिक, नैतिक व सामाजिक अनुमति नहीं थी – इंद्रेश कुमार जी Reviewed by Momizat on . जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि छुआछूत एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, इसे सामाजिक समरस्ता क जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि छुआछूत एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, इसे सामाजिक समरस्ता क Rating: 0
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अस्पृश्यता को कभी धार्मिक, नैतिक व सामाजिक अनुमति नहीं थी – इंद्रेश कुमार जी

जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि छुआछूत एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, इसे सामाजिक समरस्ता के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है. इंद्रेश कुमार जी राष्ट्रीय जन चेतना न्यास एवं नगर निगम जोधपुर द्वारा बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की 126वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित कर रहे थे. जोधपुर के टाउन हॉल में बाबा साहेब के जीवन के कई पहलुओं को कार्यक्रम में रेखांकित किया गया.

मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार जी ने कहा देश में छुआछूत क्रूरता की चरम सीमा पर था, तब भीमराव अम्बेडकर जी का जन्म हुआ था. बाबा साहेब ने हिन्दुओं का धर्मान्तरण न हो, इसलिए हिन्दुत्व पंथ के भारतीय संस्कार एवं संस्कृति से जुड़े बौद्ध धर्म को स्वीकार कर करोड़ों हिन्दुओं को धर्मान्तरण से बचाया. क्योंकि बाबा साहेब जानते थे कि अस्पृश्यता को कभी धार्मिक, नैतिक व सामाजिक अनुमति नहीं थी. जाति से पुकारने की परम्परा भी पुरातन भारत में नहीं थी. जातिवाचक पुकारने की परम्परा षड्यंत्र पूर्वक अंग्रेजों द्वारा चलाई थी, जिसका मूल उद्देश्य हिन्दू समाज का विभाजन करना था. जातिवाद छुआछूत को मिटाना ही सच्ची ईश्वर की भक्ति है. उन्होंने कहा कि संघ के सामाजिक समरसता व जनचेतना के प्रयास रंग ला रहे है, एक कुआं, एक मंदिर, एक शमशान का अभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चला रहा है.

छुआछूत मुक्त भारत के निर्माण का दिलाया संकल्प

सभी समाजों से आये समाज प्रतिनिधियों को इस अवसर पर छुआछूत मुक्त भारत बनाने का संकल्प दिलवाया. समाज में खुशहाली हो, कोई भी बिना कपड़ा नहीं रहे, कोई भी भूखा नहीं रहे, ऐसी हमारी ग्राम की रचना बननी चाहिये.

जाति, बिरादरी के प्रतिनिधियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में सभी जातिबिरादरी के मुखिया एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया. जिससे कार्यक्रम का वातावरण सामाजिक समरसता, समानता और समता बना हुआ नजर आ रहा था.

मंच पर राष्ट्रीय जन चेतना न्यास के सत्यपाल हर्ष, राष्ट्रीय  स्वयंसेवक संघ के प्रान्त संघचालक ललित कुमार शर्मा जी, महापौर घनश्याम औझा जी सहित अन्य उपस्थित थे. कार्यक्रम के समापन पर जन चेतना न्यास के सचिव हरदयाल वर्मा जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

डॉ. अम्बेडकर भारत के विभाजन के पक्ष में नहीं थे

इंद्रेश कुमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर भारत के विभाजन के पक्ष में नहीं थे. इसलिए उन्होंने समझौते की बैठक से दूरी बनाये रखी. भारत को आज़ादी बाद में मिली, पहले विभाजन मिला.

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