अ.भा. प्रतिनिधि सभा 2017 – पू. सरसंघचालक जी तथा सरकार्यवाह जी का 2016-17 में प्रवास Reviewed by Momizat on . पू. सरसंघचालक जी का प्रवास इस वर्ष की प्रवास योजना में समाज जीवन के कुछ प्रमुख पू. संत, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक, व्यापार, उद्योग, कृषि, न्याय एवं कला क्षेत्र पू. सरसंघचालक जी का प्रवास इस वर्ष की प्रवास योजना में समाज जीवन के कुछ प्रमुख पू. संत, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक, व्यापार, उद्योग, कृषि, न्याय एवं कला क्षेत्र Rating: 0
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अ.भा. प्रतिनिधि सभा 2017 – पू. सरसंघचालक जी तथा सरकार्यवाह जी का 2016-17 में प्रवास

पू. सरसंघचालक जी का प्रवास

इस वर्ष की प्रवास योजना में समाज जीवन के कुछ प्रमुख पू. संत, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक, व्यापार, उद्योग, कृषि, न्याय एवं कला क्षेत्र तथा प्रशासकीय सेवा में कार्यरत अथवा निवृत्त अधिकारियों से व्यक्तिगत, समूह में अथवा परिवारों में जाकर मिलने की योजना बनी थी.

वृंदावन के रामकृष्ण मठ के पू. स्वामी सुप्रकाशानंद जी, वृंदावन के ही पू. रमेशबाबा जी, पुरी के पू. प्रज्ञानानंद जी, उज्जैन के वाल्मिकी धाम स्थित पू. उमेशनाथ योगी जी तथा अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संप्रदाय के पू. महंत स्वामी जी आदि संतों से आशिर्वाद प्राप्त हुआ.

भाग्यनगर (हैदराबाद) में अपोलो अस्पताल के श्री प्रताप रेड्डी जी, इन्फोटेक के श्री मोहन रेड्डी जी, पद्मश्री टी.वी. नारायणन जी तथा नागार्जुन ग्रुप के श्री राजू जी से मिलना हुआ. पद्मविभूषण श्री रतन जी टाटा से नागपुर संघ कार्यालय में मुलाकात हुई. गुजरात में वासदा स्टेट के महाराजा श्री दिग्विजेन्द्रसिंह जी तथा कर्णावती (अमदाबाद) में अरविंद ग्रुप के श्री संजय लालभाई जी एवं निरमा ग्रुप के श्री करसनभाई पटेल से मुलाकात हुई. उज्जैन में सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक श्री गुंदेचा बंधुओं का गायन सुनने तथा साथी कलाकारों से मिलने का अवसर मिला. संबलपुर के पास खिंडा गांव के दि. 28 फरवरी 1884 में हुतात्मा हुए सुरेन्द्र साई के घर जाकर उनके परिवारजनों से उनके जयंति (दि. 23 जून) के अवसर पर मिलना हुआ. इसके अतिरिक्त विविध 26 समूहशः बैठकों में लगभग 400 समाज के प्रतिष्ठित भाई-बहनों से भी मिलना हुआ.

सभी 11 क्षेत्रों में संगठनात्मक प्रवास में कार्यकर्ताओं की बैठकों के साथ-साथ विशेष कार्यक्रमों की भी अच्छी योजना बनी थी. इन कार्यक्रमों में अरुणाचल में संपन्न ‘‘अरुण चेतना’’ सम्मेलन एवं जम्मू प्रांत का एकत्रीकरण ‘‘शंखनाद’’, तमिलनाडु में तिरुलनवेल्ली जिला एकत्रीकरण, जमशेदपुर में नगर का सांघिक एवं भाग्यनगर में व्यवसायी तरुण सांघिक उल्लेखनीय है. नागपुर महानगर में गणसमता स्पर्धा तथा भीलवाडा में विभाग एकत्रीकरण विशेष उल्लेखनीय हैं.

इनके अलावा नागपुर में सी.ए. व्यवसायियों की बैठक एवं युवा सेवा कार्यकर्ता बैठक, क्रीडाभारती विदर्भ के द्वारा क्रीडा क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों का सम्मान एवं विश्वमांगल्य सभा द्वारा आयोजित वीरमाता सम्मान कार्यक्रम, आगरा में प्राध्यापक सम्मेलन तथा कुटुंब प्रबोधन द्वारा नवदंपतियों का सम्मेलन ऐसे भी विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ.

सरकार्यवाह जी का प्रयास

वर्ष 2016-17 के प्रवास में संगठनात्मक बैठकों के अतिरिक्त संपर्क विभाग, धर्मजागरण समन्वय विभाग आदि की योजना से कुछ कार्यक्रमों का आयोजन हुआ.

1). मुंबई में युवा उद्योजकों के साथ वार्तालाप आयोजित किया था. गत वर्ष से नित्य मासिक मिलन होता आया है. इस कार्यक्रम में 57 युवा उद्योजक उपस्थित थे. संघ समझने के प्रति अच्छी जिज्ञासा रही.

2). नागपुर महानगर में एक भाग में प्रबुद्ध नागरिक एवम चिकित्सक श्रेणी के साथ वार्तालाप के कार्यक्रम हुए. जिसमें क्रमशः 136 प्रबुद्धजन तथा 142 चिकित्सक उपस्थित रहे.

3). मध्यभारत प्रांत में मुरैना में विभाग के खंड स्तर पर समरसता विषय में कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें 333 ग्रामों से 3623 और 99 नगरीय बस्तियों से 1706 कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

4). चेन्नई में प्रबुद्ध गोष्ठी में 102 महानुभाव उपस्थित रहे. विविध कार्यों की जानकारी और रुचिनुसार बैठकें रखी थी. आये हुए बंधुओं ने कार्य का दायित्व लेने के प्रति सकारात्मक संकेत दिये है.

5). मालवा प्रांत में धर्मजागरण समन्वय विभाग द्वारा ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्र में कार्यरत धर्मरक्षा समिति के कार्यकर्ताओं का अभ्यास वर्ग संपन्न हुआ, जिसमें 938 स्थानों से 3593 कार्यकर्ता उपस्थित हुए.

6). इन्दौर महानगर में ‘‘महानगरों का बदलता परिवेश’’ इस विषय पर संघकार्य के संदर्भ में चर्चा-संवाद का कार्यक्रम हुआ, जिसमें 42 प्रबुद्ध जन सहभागी हुए.

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