आर्टिकल 35A – सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पीड़ित बाल्मीकि समाज ने विधानसभा चुनाव में वोटिंग अधिकार मांगा Reviewed by Momizat on . नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में जम्मू कश्मीर से जुड़े संविधान के आर्टिकल 35A को हटाने की मांग को लेकर पहले से केस लंबित है. जिसकी सुनवाई की तारीख अभी तक तय नहीं हो नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में जम्मू कश्मीर से जुड़े संविधान के आर्टिकल 35A को हटाने की मांग को लेकर पहले से केस लंबित है. जिसकी सुनवाई की तारीख अभी तक तय नहीं हो Rating: 0
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आर्टिकल 35A – सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पीड़ित बाल्मीकि समाज ने विधानसभा चुनाव में वोटिंग अधिकार मांगा

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में जम्मू कश्मीर से जुड़े संविधान के आर्टिकल 35A को हटाने की मांग को लेकर पहले से केस लंबित है. जिसकी सुनवाई की तारीख अभी तक तय नहीं हो पाई है. लेकिन इस बीच जम्मू में बसे बाल्मीकि समाज ने एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है. जिसमें आर्टिकल 35A को हटाने की मांग की गयी है. जम्मू के गांधीनगर एरिया में बाल्मीकि कॉलोनी निवासी अजीत कुमार, कौशल्या, नीलम, इंद्रजीत सिंह, कुलविन्दर और सूरज इसमें याचिकाकर्ता हैं. हालांकि इस याचिका की लिस्टिंग अभी तक नहीं हो पाई है. उनका कहना है कि आर्टिकल की आड़ में वर्षों से उनके साथ भेदभाव हो रहा है. उनके अधिकार सीमित हैं.  लोकसभा चुनाव में तो मतदान कर सकते हैं, लेकिन विस चुनावों में मतदान का अधिकार नहीं है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से जम्मू कश्मीर विधानसभा में वोटिंग का अधिकार देने की मांग की है. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के संविधान के अनुसार स्टेट सब्जेक्ट को ही राज्य विधानसभा में वोट देने का अधिकार है. क्योंकि आर्टिकल 35A के चलते बाल्मीकि समाज के लोगों को अभी तक परमानेंट रेज़िडेंट सर्टीफिकेट नहीं मिल सका है. जिसके चलते पिछले 60 साल से करीब 500 परिवारों को राज्य की विधायिका के लिए वोट के अधिकार से वंचित रखा गया है. देश के नागरिक होने के नाते इन लोगों को लोकसभा चुनाव में वोट देने अधिकार प्राप्त है. लेकिन राज्य में नहीं… जिसमें सबसे बड़ी बाधा आर्टिकल 35A है.

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