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उत्तर व दक्षिण बिहार में 1120 स्थानों पर 1550 शाखाएं – डॉ. मोहन सिंह जी

पटना (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह जी ने नागौर में संपन्न अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक से संबंधित जानकारी दी. तीन दिनों तक चली बैठक में संघ के विभिन्न आयाम और कार्यक्रमों की विस्तृत चर्चा हुई. राष्ट्रीय परिदृश्य पर उभर रहे चुनौतियों के बारे में भी गहन विमर्श किया गया. बैठक में राष्ट्रीय विषयक तीन प्रस्ताव भी पारित किये गये.

पहले प्रस्ताव में प्रभावी स्वास्थ्य रक्षा एवं सस्ती व सुलभ चिकित्सा की आवश्यकता बताई गयी. दूसरे प्रस्ताव में गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती शिक्षा सबको सुलभ कराने का आह्वान किया गया. तीसरा प्रस्ताव सामाजिक समरसता से संबंधित था, जिसमें सबसे आग्रह किया गया कि दैनन्दिन जीवन में समरसतापूर्ण व्यवहार करें.  उत्तर – पूर्व क्षेत्र में तीन प्रांत हैं, उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार, झारखंड. उत्तर बिहार में 817 स्थानों पर 1034 शाखाएं लग रही हैं, 147 मिलन (साप्ताहिक) व 117 मंडली (मासिक) हैं. दक्षिण बिहार में 303 स्थानों पर 516 शाखाएं, 61 मिलन, 48 मंडली कार्य कर रही हैं.

मुंबई में आयोजित ‘अखिल भारतीय खेल कार्यशाला’ की चर्चा भी हुई, जिसमें लगभग 200 नये खेल सामने आये. संपूर्ण देश में स्वयंसेवकों द्वारा संचालित 1 लाख 52 हजार 388 सेवा कार्य चल रहे हैं. इन सेवा प्रकल्पों में 81 हजार 278 शिक्षा, 22 हजार 741 स्वास्थ्य संबंधी, 26 हजार 388 समाजिक संस्कार तथा 21 हजार 981 स्वावलंबन देने वाले सेवा कार्य चलाये जा रहे हैं. सेवा प्रकल्पों के संकलन, प्रशिक्षण इत्यादि दृष्टि से अखिल भारतीय स्तर पर कार्यरत राष्ट्रीय सेवा भारती द्वारा 3 से 5 अप्रैल, 2015 तक दिल्ली में आयोजित ‘सेवा संगम’ का उल्लेख भी किया गया.

समग्र ग्राम विकास को गति देने के लिए 12 से 14 जून, 2015 तक बेंगलुरू के निकट प्रशांति कुटीरम् में आयोजित ‘ग्राम संगम’ का भी उल्लेख किया गया. ग्राम संगम में 673 ग्रामों के 1819 प्रतिभागी सम्मिलित हुए, जिसमें 1238 पुरूष एवं 581 महिलाएं थीं. इसमें 35 वर्ष से कम आयु के 70 संकल्पित युवाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में विभिन्न विषयों की जानकारी देने के साथ प्रशिक्षण भी 18 चर्चा सत्रों में दिया गया. ग्राम संगम में प्रतिभागियों ने अपने गांव को स्वावलंबी, नशामुक्त, भेद-भाव एवं स्पृश्यतामुक्त तथा सामाजिक कुरीतियों से मुक्त करने का संकल्प भी लिया. 3 जनवरी, 2016 को पुणे में आयोजित ‘शिवशक्ति संगम’ तथा 14 जनवरी, 2016 को आयोजित ‘सातपुडा संगम’ की चर्चा भी हुई.

स्वामी विवेकानंद जयंती पर महाकौशल (मध्य प्रदेश का एक प्रांत) प्रांत में 778 स्थानों पर आयोजित ‘सामूहिक श्रम साधना’ का भी जिक्र हुआ. जिसमें 22 हजार 900 स्वयंसेवकों ने स्थान-स्थान पर तालाब एवं नदी तटों की सफाई की तथा शासकीय अस्पताल, विद्यालय एवं सार्वजनिक मंदिर इत्यादि स्थानों पर श्रमदान द्वारा स्वच्छता की.

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