केरल में राष्ट्रपति शासन लागू हो, केंद्र हस्तक्षेप करें – राकेश सिन्हा जी Reviewed by Momizat on . इंदौर (विसंकें). विचारक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर प्रो. राकेश सिन्हा जी ने कहा कि केरल में हो रही राष्ट्रवादियों की हत्या दुर्भाग इंदौर (विसंकें). विचारक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर प्रो. राकेश सिन्हा जी ने कहा कि केरल में हो रही राष्ट्रवादियों की हत्या दुर्भाग Rating: 0
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केरल में राष्ट्रपति शासन लागू हो, केंद्र हस्तक्षेप करें – राकेश सिन्हा जी

इंदौर (विसंकें). विचारक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर प्रो. राकेश सिन्हा जी ने कहा कि केरल में हो रही राष्ट्रवादियों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है, इस संहार को रोकना अति आवश्यक है. ये राजनीतिक द्वेष से की गई हत्याएं हैं. देश की राजनीति का पतन हुआ है, इस देश की राजनीति की दिशा हमें तय करनी होगी कि इसमें राष्ट्रवाद है या नहीं. उन्होंने कहा कि केरल में लगातार हो रही हत्याओं से सम्पूर्ण देश में आक्रोश है. इस हालत में केरल में केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करते हुए, वहां फौरन राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए. भारत के विचार पर प्रहार उन ताकतों द्वारा हो रहा है, जिन्हें विदेशों से लगातार आर्थिक और वैचारिक सहायता मिलती रही है. भारतीय राष्ट्रवाद सांस्कृतिक हो, राजनीतिक नहीं. सिर्फ संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करना राष्ट्रवाद नहीं है, राष्ट्रवाद का तात्पर्य मिट्टी, मनुष्य व इतिहास से प्रेम करना है.

राकेश सिन्हा जी डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय चिंतन यज्ञ के द्वितीय दिन के सत्र में संबोधित कर रहे  थे. लाभ-मंडपम, अभय-प्रशाल में आयोजित कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. निशांत खरे जी ने रखी. सीए एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज फडनीस जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. मुख्य अतिथि सेवानिवृत एयर मार्शल जयंत जी आप्टे थे. कार्यक्रम का संचालन अभय शर्मा जी ने किया और आभार प्रदर्शन रत्नेश दूबे जी ने किया.

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Comments (1)

  • Rudra

    संघ केवल भारत के लिए ही नहीं वरन पूरे विश्व के लिए काम कर रहा है. हम हिंदू जो अपने धर्म से भटक गए थे, उनको सही हिंदुत्वादी मार्ग दिखा रहा है और वसुधैव कुटुंबकम की भावना से संपूर्ण विश्व एक परिवार है इसे बता रहा है. इसमें किसी व्यक्ति, किसी धर्म, किसी संप्रदाय का कोई विरोध नहीं है. ये लोग जबरदस्ती संघ के बारे में दुष्प्रचार फैला रहे हैं. संघ एक राष्ट्रवादी, एक मानवतावादी अनुशासनप्रिय संगठन है. इसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है. यह व्यक्ति को जीना सिखाता है, व्यक्ति को व्यक्ति बनाता है.

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