केवल स्वतंत्रता दिवस पर भारत माता की जय बोल लेना पर्याप्त नहीं – सुरेश भय्या जी जोशी Reviewed by Momizat on . इंदौर (विसंकें). स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर में प्रातः 8:00 बजे, शुभ कारज गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने महाविद्यालयीन वि इंदौर (विसंकें). स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर में प्रातः 8:00 बजे, शुभ कारज गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने महाविद्यालयीन वि Rating: 0
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केवल स्वतंत्रता दिवस पर भारत माता की जय बोल लेना पर्याप्त नहीं – सुरेश भय्या जी जोशी

इंदौर (विसंकें). स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर में प्रातः 8:00 बजे, शुभ कारज गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओ को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अनेक बलिदानों के पश्चात देश को स्वतंत्रता मिली. स्वतंत्रता के पश्चात देश अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ा है. हम स्वावलंबन की ओर तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन समाज को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आघातों से भी सदैव सावधान रहना पड़ता है. हमारा समाज इन आघातों को झेलते हुए आगे बढ़ता जा रहा है.

उन्होंने कहा कि हम सभी का जन्म लगभग 1947 (स्वतंत्रता के पश्चात) के पश्चात हुआ है. हमने अत्याचार नहीं देखे, न ही झेले. देश के लिए मरना-मिटना क्या होता है, हमें नहीं मालूम. फिर भी, कुछ न करते हुए भी, हम स्वतंत्र देश के नागरिक हैं. जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिए वे चले गए, उन्होंने स्वतंत्रता का आनंद नहीं देखा, वे स्वतंत्रता का आनंद भी नहीं ले सके. लेकिन उनके बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं. हम निरंतर चलने वाली प्रक्रियाओं का अंग बनें, जीवन में प्रगति, career, व्यवसाय यह सब चलता है, सब कुछ ठीक है. लेकिन हम देश की प्रगति में योगदान देने वाले बनें. देश के प्रति उदासीन होने से देश का भविष्य अंधकारमय होता है. केवल स्वतंत्रता दिवस पर भारत माता की जय बोल लेना पर्याप्त नहीं. अपने देश की विशेषता और अपने समाज की विशेषता के प्रति स्वाभिमान का भाव रखते हुए देश के बारे में निरंतर चिंतन करते रहना चाहिए. समाज में कई प्रकार की देश विरोधी गतिविधियां चलती रहती हैं, हम उनको समझने वाले बनें.

सरकार्यवाह जी ने कहा कि स्वदेशी के भाव से देशभक्ति का प्रकटीकरण होता है. हम आधुनिकता के विरोधी न बनें, पर विदेशी का बहिष्कार करें. स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, स्वदेशी का आचरण और स्वदेशी का व्यवहार हमारा हो. चीन देश में अंदर तक घुस आया है. हमारे जीवन में घुस गया है. उसकी घुसपैठ निरंतर बढ़ रही है, हम इसके प्रति सतर्क हों. आर्थिक गुलामी से बचने के लिये स्वदेशी का व्यवहार अपनाएं. आज के दिन हम संकल्प करें कि हम देश हित में काम करेंगे और देश हित में ही बोलेंगे. उन्होंने कहा कि युवा महापुरुषों का स्मरण करें और उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करें. व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन की दिशा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर तय करें. स्वतंत्रता दिवस पर मेरी सभी को हार्दिक शुभकामनाएं.

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Comments (6)

  • Ram JI

    संघ को भारत सरकार से एक राष्ट्र – एक भाषा का संकल्प याद दिलाना चाहिये। मेरा मानना है कि राष्ट्रवाद की बुनियाद मातृभाषा पर टिकी होती है।

    संघे शक्ति युगे-युगे

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  • Pankaj jha

    Hindustan ko hindu rastra banana Hi hamara sapna hi jai hind

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  • भास्कर मिश्रा

    हिन्दुस्तान हिन्दुओं का स्थान है और हमारा संस्कृति एवं सभ्यता अन्य देशों से काफी अलग है हम अपनी इस सभ्यता को बरकरार रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं!

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  • Dilip panda

    Bharat Mata Ki Jai

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  • Suresh Chandra Pandey

    भारत से गरीबी दूर करना और राष्ट्र को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। भारत माता की जय।

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  • Shiva nand jha

    आतंक और जातिवाद से मुक्ति ही भारत माता की सही सेवा होगी

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