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गौ विज्ञान परीक्षा राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित

जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोधपुर प्रांत संघचालक ललित शर्मा जी ने स्वदेशी गाय के दूध की ताकत के साथ वैज्ञानिक आधारों को बताते हुए ए1, ए2 मिल्क की जानकारी दी. वैज्ञानिक उदाहरण देते हुए उन्होंने अमेरिकन एवं जर्सी गायों को गाय मानने से इन्कार करते हुए उसके दूध को ताकत की तुलना में बिमारियों का प्रदाता बताया तथा कहा कि जर्सी गाय का दूध मधुमेह का कारण भी है. उन्होंने गाय के आर्थिक महत्व को समझकर उसकी सेवा एवं परिवार का एक अंग मानने का भी आह्वान किया. ललित जी गौ विज्ञान परीक्षा के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी जी ने कहा कि चन्द्रमा सूर्य से रोशनी लेकर चमकता है, ऐसे में चन्द्रमा के साथ-साथ सूर्य की उपासना भी आवश्यक है. सूर्य नमस्कार से हम शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति अर्जित करते है, ठीक वैसे ही गाय की रीड की हड्डी पर सूर्य की रोशनी के प्रभाव से जो दुग्ध में पीलापन आता है, वह स्वर्ण उत्पन्न होने का द्योतक है. ऐसे में देशी गाय की नस्ल एवं इसके वैज्ञानिक प्रभाव को बच्चों के माध्यम से परिवारों तक पहुंचाना एक पुनीत कार्य है. जिसे गौ विज्ञान परीक्षा के माध्यम से पूर्ण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों की प्रार्थना सभा में योग, सूर्यनमस्कार व प्रणायाम को शामिल करने से हमारी नई पीढ़ी को एक ऊर्जा मिली है. शिक्षा में आई क्यू के साथ ई क्यू, भावपूर्ण शिक्षा, एस क्यू, आध्यात्मिक शिक्षा को विद्यार्थियों को देने की आवश्यकता पर बल दिया.

कार्यक्रम में रामस्नेही संत हरिराम शास्त्री ने उपस्थित बालकों, अभिभावकों व शिक्षकों के बीच आपसी समन्वय एवं संस्कार स्थापित करने की आवश्यकता जताई, साथ ही कहा कि गाय पूजन एवं देशी गाय उत्पाद का सेवन हमें संस्कृति के साथ पर्यावरण के नजदीक ले जाता है.

कार्यक्रम में परीक्षा प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए आयोजन समिति के प्रान्त सहसंयोजक विरेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि परीक्षा का शुभारम्भ 2011 में चितौड़ प्रान्त से हुआ. 2012 से यह राज्य स्तर पर आयोजित की जा रही है. वर्तमान सत्र 2016-17 में परीक्षा के प्रथम चरण का आयोजन 1619 केन्द्रों पर 21 सितम्बर 2016 को किया गया. परीक्षा का द्वितीय चरण 27 नवम्बर 2016 को आयोजित हुआ. प्रतियोगिता परीक्षा में कुल 2,15,839 परिक्षार्थियों ने भाग लिया. राज्य स्तर पर कुल चयनित 96 विजेता प्रतिभागियों का सम्मान चैक राशि, प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो से किया गया.

राज्य स्तर पर बाल वर्ग में ज्ञानदीप आदर्श विद्या मंदिर मथानिया के ओमप्रकाश चौधरी प्रथम, श्रीमति शारदादेवी गहाणी आदर्श विद्या मंदिर नोखा की पूनम राठौड़ द्वितीय, न्यू बालाजी पब्लिक माध्यमिक विद्यालय झंवर की मैना पटेल तृतीय, न्यू बालाजी पब्लिक माध्यमिक विद्यालय झंवर की दीपिका सोलंकी, आदर्श विद्या मंदिर बालिका लालसागर की शुभम गोदारा ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया.

किशोर वर्ग में आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय श्रीडूंगरगढ के लीलापत सारस्वत प्रथम, आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय देचू के राधेश्याम द्वितीय, श्री गौरव आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ा कोटेचा की खुशबू परिहार तृतीय, श्री गौरव आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ा कोटेचा की अर्चना परिहार, आदर्श विद्या मन्दिर माध्यमिक विद्यालय श्रीडूंगरगढ के आनन्द शर्मा, श्रीमती शारदादेवी गहाणी आदर्श विद्या मंदिर नोखा की यशान्षी शर्मा, आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय पचपदरा के अभिषेक प्रजापत ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया.

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रान्त गौ सेवा प्रमुख श्याम सुन्दर राठी, कार्यक्रम के अध्यक्ष समाजसेवी एवं युवा उद्यमी ज्ञानेश्वर भाटी, तथा कार्यक्रम संयोजक श्याम पालीवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए. अतिथियों का परिचय ओमप्रकाश गौड, स्वागत दौलतराम सारण ने किया.

 

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