जम्मू कश्मीर संवाद केंद्र में मनाई गई नारद जयंती Reviewed by Momizat on . जम्मू. दिनांक 18 मई को त्रिकुटा संवाद केन्द्र, जम्मू कश्मीर की ओर से देर्विर्ष नारद जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिस में मुख्य वक्ता के नाते पांचजन्य के स जम्मू. दिनांक 18 मई को त्रिकुटा संवाद केन्द्र, जम्मू कश्मीर की ओर से देर्विर्ष नारद जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिस में मुख्य वक्ता के नाते पांचजन्य के स Rating: 0
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जम्मू कश्मीर संवाद केंद्र में मनाई गई नारद जयंती

जम्मू. दिनांक 18 मई को त्रिकुटा संवाद केन्द्र, जम्मू कश्मीर की ओर से देर्विर्ष नारद जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिस में मुख्य वक्ता के नाते पांचजन्य के संपादक श्री हितेष शंकर ने बताया कि नारद जी आदि पत्रकार के तौर पर याद किये जाते है. उनका पूरा जीवन सूचना संचार के लिये समर्पित था. वे देवों के पास भी पहुंचते और दानवों के पास भी जाते. सबके द्वार उनके लिये खुला थे. सब उनका स्वागत करते, सब उनको पूजते क्योंकि परोपकार नारद की वृत्ति है. वही उनका जीवनध्येय है.

श्री शंकर ने बताया कि भारतीय परम्परा के अनुसार देर्विर्ष नारद की जयंती इस बार भी ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को मनाई जा रही है. इसे भारतीय ‘पत्रकारिता दिवस‘ के रूप में मनाया जाता है. विश्व के सर्वप्रथम संवाददाता नारद जी आज के पत्रकारों को भी सत्य के पक्ष में, परंपराओं के पोषण में और सर्व सामान्य के हित में खड़ा होने की प्रेरणा देते हैं.

कार्यक्रम के अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार श्री यश भसीन जी ने कहा कि वर्तमान युग मीडिया का युग है. इसलिये मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है. देवर्षि नारद से प्रेरणा लेते हुये पत्रकारों को आधारहीन, भ्रम और द्वेष पैदा करने वाले समाचारों तथा असंगत बातों से परहेज करना चाहिये. अतः पत्रकारों को अधिक से अधिक अच्छे विचारों को प्राथमिकता देने का प्रयास करना चाहिये.

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुये त्रिकुटा संवाद के अध्यक्ष डॉ. सत्यदेव गुप्ता ने संवाद केन्द्र की गतिविधियों से सबको अवगत कराया. कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री उपेन्द्र शर्मा ने किया.

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