दो घंटे की फिल्म द्वारा भारतीय संस्कृति को विकृत रूप में दर्शाया जा रहा – डॉ. बाल मुकुंद जी Reviewed by Momizat on . नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्याल के दौलत राम कॉलेज में 'संस्कृति' के तत्वाधान में रानी पद्मावती पर व्याख्यान आयोजित किया गया. व्याख्यान में अखिल भारतीय इतिहास संक नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्याल के दौलत राम कॉलेज में 'संस्कृति' के तत्वाधान में रानी पद्मावती पर व्याख्यान आयोजित किया गया. व्याख्यान में अखिल भारतीय इतिहास संक Rating: 0
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दो घंटे की फिल्म द्वारा भारतीय संस्कृति को विकृत रूप में दर्शाया जा रहा – डॉ. बाल मुकुंद जी

नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्याल के दौलत राम कॉलेज में ‘संस्कृति’ के तत्वाधान में रानी पद्मावती पर व्याख्यान आयोजित किया गया. व्याख्यान में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के संगठन सचिव डॉ. बाल मुकुंद जी ने कहा कि आजादी के बाद से ही इतिहास कम्युनिस्टों के हवाले कर दिया गया. तर्क और तथ्य से विहीन रहकर कम्युनिस्टों ने इतिहास लेखन किया है. दो घंटे की फिल्म से हमारी संस्कृति को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की जा रही है. कम्युनिस्ट इतिहासकारों का भारतीय संस्कृति और उसकी गौरव गाथाओं से कोई सरोकार नहीं है. कम्युनिस्टों ने भारत के बजाए इंडिया बनाने की कल्पना की है.

सीएसएसडीएस इग्नू के निदेशक प्रो. कपिल कुमार जी ने कहा कि आजादी के बाद के इतिहासकारों ने देश का इतिहास लेखन अंग्रेजों को समर्पित कर दिया है. इन कम्युनिस्टों ने सिर्फ और सिर्फ इतिहास को आधार बनाकर भारतीय संस्कृति का शोषण किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी महिलाएं जौहर कर रही हैं, लेकिन स्त्री विमर्श के नाटककारों को इससे कोई सरोकार नहीं है. जब बगदादी महिलाओं को खुलेआम बेच रहा था और वो महिलाएं स्वयं आत्मदाह कर रहीं थीं, तब कोई निवेदिता मेमन स्त्री के अधिकार और स्वतंत्रता के लिए कुछ बोलती नहीं है. उन्होंने देश में पद्मावती फिल्म के विरोध का समर्थन किया.

कार्यक्रम में यूजीसी के सदस्य इंद्रमोहन कपाड़िया जी ने कहा कि फिल्म के सहारे हमारे इतिहास से खेला जाता है. ऐसी साजिशें आजादी के बाद से ही की जा रही हैं. इस अवसर पर एडीटीएफ के महासचिव वीरेंद्र कुमार नेगी भी मौजूद थे.

इस अवसर पर शब्दप्रकाश जी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को इतिहास के मूल को समझाना है, इसलिये यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है. कार्यक्रम में विश्वविद्याल के 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया.

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