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धर्मांतरण का विरोध करने पर रामलिंगम की हत्या

मंगलवार रात को एक समुदाय के कुछ लोगों ने ‘पट्टली मक्कल काची’ (पीएमके) के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी. जिसके कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है. प्रशासन ने तंजावुर जिले में कुंभकोणम के पास पुलिस कर्मियों को तैनात किया है.

घटना मंगलवार रात तिरुभुवनम में हुई. लोगों के एक समूह ने पीएमके कार्यकर्ता 42 वर्षीय रामलिंगम पर घर वापिस जाते समय हमला कर हाथ काट दिया. गंभीर रूप से घायल रामलिंगम को कुंभकोणम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया. अस्पताल के डॉक्टरों ने रामलिंगम को शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रामलिंगम की मृत्यु हो गई.  रामलिंगम के शव को उनके परिवार को सौंप दिया गया है, पुलिस आरोपितों को पकड़ने का प्रयास कर रही है.

तिरुविदाईमारुधुर पुलिस ने एक संवाददाता को बताया कि इससे पहले भी कई बार रामलिंगम पर हमला हो चुका है. प्रथम दृष्ट्या संभावना जताई जा रही है कि रामलिंगम की हत्या अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से बहस के बाद की गई है. शहर के मुस्लिम लोग अक्सर अपने समुदाय बाहुल्य के क्षेत्र में जाते हैं. इन क्षेत्रों में मुस्लिम धर्म प्रचार को लेकर काम किया जाता है. यही नहीं इस क्षेत्र में दूसरे समुदाय के लोगों के आने पर भी रोक लगाई गई थी.

रामलिंगम अपने व्यवसाय में काम करने वाले कुछ लोगों को लेने के लिए गली में चले गए थे और वहीं पर उन्होंने मुसलमानों के समूह को वहाँ इस्लाम के बारे में बोलते देखा, जिस पर उन्होंने सवाल उठाए थे. इस मुद्दे को दोपहर में मुस्लिम मौलवियों ने सुलझा लिया था. लेकिन पुलिस को संदेह है कि इन लोगों ने मामले को दबाने के लिए के लिए रामलिंगम के हाथों को काट दिया.

पुलिस के अनुसार, “आमतौर पर गाँवों का दौरा करने वाले लोग खुद को मुस्लिम बहुल इलाकों तक ही सीमित रखते हैं, लेकिन मंगलवार को जो समूह प्रचार करने के लिए आया था, उसने कथित तौर पर एक ऐसी गली का दौरा किया था, जिसमें दलित समुदाय से संबंधित निवासियों की बड़ी संख्या थी.”

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