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नारी के प्रति सम्मान का उत्सव है रक्षाबन्धन – इन्द्रेश कुमार जी

लखनऊ (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार जी ने कहा कि रक्षाबंधन हमारे समाज में नारी के प्रति सम्मान का उत्सव है. जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, वहां ईश्वरीय शक्तियों का वास होता है और जहां नारी का सम्मान नहीं होता है, वहां राक्षसी शक्तियां जन्म लेती हैं. सिटी मान्टेसरी स्कूल के ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखनऊ महानगर (पूरब) की ओर से आयोजित उत्सव को सम्बोधित करते हुए इन्द्रेश जी ने कहा कि हम प्रकृति के साथ भी रक्षाबंधन मनाते हैं. रक्षाबंधन सुरक्षा का भी अनुबंध है. हमारी स्वतन्त्रता सम्मान और संस्कृति सेना के कारण सुरक्षित है. इसलिए हमें उनका भी सम्मान करना चाहिए. संघ का स्वयंसेवक चरित्र और व्यवहार के कारण जाना जाता है. भगवान राम और कृष्ण अपने चरित्र से जाने गए. उन्होंने स्वदेशी की अपील करते हुए कहा कि भारत सरकार ने दुनिया के नक्शे में चीन और पाकिस्तान को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है. चीन विश्वासघाती है. चीन रूपी राक्षस से हमें मिलकर लड़ना होगा. उन्होंने चीन की ‘डोकलाम’ पर सैन्य कार्रवाई की धमकी को हास्यास्पद बताया.

उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपने ढंग से चीन से निपटेगी, लेकिन हमें भी चीनी सामान का बहिष्कार कर हिसाब चुकता करना चाहिए. इन्द्रेश कुमार जी ने कहा कि ‘‘जन खोया नहीं जाता – जमीन छोड़ी नहीं जाती. गुलामी के समय में किन्ही कारणों से छोड़कर चले गए बन्धुओं को पुनः हिन्दू धर्म में वापस आने की अपील की. रक्षाबंधन पर स्वच्छता का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि हम स्वयं से शुरूआत करें और निश्चय करें कि हम सार्वजनिक स्थान पर गंदगी नहीं करेंगे. उन्होंने अन्त्योदय की परिभाषा बताते हुए कहा कि घर, समाज, जाति और धर्म में जो सबसे बाद में हो, वही अन्त्योदय है.

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