प्रसिद्ध न्यायविद् वीआर कृष्ण अय्यर का निधन, संघ ने गहरा शोक व्यक्त किया Reviewed by Momizat on . कोच्चि. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर का गुरुवार, 4 दिसंबर को सायंकाल यहां निधन हो गया. अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक उन्हें गुर्दे और दिल क कोच्चि. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर का गुरुवार, 4 दिसंबर को सायंकाल यहां निधन हो गया. अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक उन्हें गुर्दे और दिल क Rating: 0
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प्रसिद्ध न्यायविद् वीआर कृष्ण अय्यर का निधन, संघ ने गहरा शोक व्यक्त किया

कोच्चि. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर का गुरुवार, 4 दिसंबर को सायंकाल यहां निधन हो गया. अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक उन्हें गुर्दे और दिल की बीमारी के साथ ही न्यूमोनिया भी था. आपको बता दें कि न्यायमूर्ति अय्यर ईएमएस नंबूदरीपाद के नेतृत्व वाली केरल की पहली कम्युनिस्ट सरकार में मंत्री भी रहे थे. उन्होंने हाल ही में अपना 100वां जन्म दिन मनाया था. अब तक 105 किताबें लिखने वाले अय्यर ने वकालत 1937 में अपने पिता के साथ शुरू की थी.

श्री अय्यर की अंतिम विदाई में उन्हें सम्मान देने के लिये राज्य के विभिन्न हिस्सों से सभी वर्गों के हजारों लोग उपस्थित हुये. उनके पार्थिव शरीर को आज यानी शुक्रवार, 5 दिसंबर को सुबह लोगों के अंतिम दर्शन के लिये कदावंतरा राजीव गांधी इनडोर स्टेडियम ले आया गया था. न्यायमूर्ति अय्यर के सम्मान में केरल उच्च न्यायालय में आज अवकाश घोषित कर दिया गया. इसके अलावा कोचीन कॉरपोरेशन में स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी आज कामकाज नहीं हो रहा. आज शाम छह बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा.

वे पहले हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे थे. उन्होंने अपने वक्त में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास के सबसे ऐतिहासिक निर्णय दिये थे. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अपील तक ठुकरा दी थी, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध की गई थी.

परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने वक्तव्य में कहा, “ न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्ण अय्यर के निधन से हमने महान न्यायविद् खो दिया है. उन्होंने हमारी न्यायिक प्रणाली को सामाजिक न्याय प्रदाता के रूप में बदलने में मौलिक योगदान किया. उन्हें हमेशा ऐसे महान मानवतावादी के के रूप में याद किया जायेगा, जिन्होंने हमें उत्कृष्ट सामाजिक जीवन का उपहार दिया. मुझे हाल ही में उनसे भेंट करने का अवसर मिला था जो मेरे लिये स्फूर्तिदायक अनुभव था. विद्वान अध्येता का सरल, सादगीपूर्ण जीवन, उनका उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण और सबके लिये शुद्ध प्रेम ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया. मैं उनके परिवार और उन लोगों को जो उन्हें अपना मानकर प्यार करते थे, अपनी हार्दिक संवेदना संप्रेषित करता हूं.”

सहसरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने अपने शोकसंदेशमें कहा, “महान आत्मा! आत्मा को शांति मिले”. अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री जे नन्दकुमार ने ट्वीट किया, “ न्यायमूर्ति वीआर कृष्ण अय़्यर नहीं रहे, हार्दिक संवेदना”

 

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