प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं – पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या Reviewed by Momizat on . गुजरात (विसंकें). गुजरात में देवर्षि नारद जयंती की स्मृति में  “पत्रकार सम्मान समारोह ” का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक गुजरात (विसंकें). गुजरात में देवर्षि नारद जयंती की स्मृति में  “पत्रकार सम्मान समारोह ” का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक Rating: 0
You Are Here: Home » प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं – पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या

प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं – पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या

गुजरात (विसंकें). गुजरात में देवर्षि नारद जयंती की स्मृति में  “पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक मुकेशभाई मलकान, मुख्य वक्ता पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या (अध्यक्ष, गुजरात साहित्य परिषद) तथा विसंकें गुजरात के न्यासी हरेश भाई ठक्कर जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या का शाल ओढ़ाकर मुकेशभाई मलकान ने सम्मान किया. सम्मानित महानुभावों में भवेनभाई कच्छी (सुप्रसिद्द स्तंभकार), ज्योतिबहन उनडकट (स्तंभकार), ब्रजेश कुमार सिंह (ABP Asmita, Gujarati), विकास उपाध्याय (TV 9), आरती बोरिया (RJ, Redio City 91.1) शामिल हैं.

इस अवसर पर मुख्य वक्ता पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या ने कहा कि सभी सम्मानित पत्रकारों को मेरा अभिनंदन. आज 21वीं सदी के युग में विणाधारक श्री नारद का आदर्श रखना एक कौतुक पैदा करता है. नारदजी के विषय में नारद पुराण में 25,000 श्लोक हैं. नारदजी ब्रह्मा के मानस पुत्र थे. श्री नारद मुनि सकल ब्रह्माण्ड की जानकारी रखते थे और Free Lancer थे, दृष्टा थे, Mind of God थे, पुण्य प्रकोपी भी थे. अन्याय सहन न करना, यह पत्रकार का स्वभाव है. शिक्षण एवं मनोरंजन के साथ 64 विधाओं के जानकर थे. आज जिस नवजीवन प्रेस ट्रस्ट के संकुल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है. उस पर दो बार प्रतिबंध आया,

वास्तव में आज यह सम्मान पत्रकारों का सम्मान नहीं, वरन शब्दों का सम्मान है. लगातार विचार प्रक्रिया से उत्पन्न शब्दों का यह सम्मान है. वास्तव में लेखक को शब्दों द्वारा ही विश्वभर में सम्मान मिलता है. किसी को भी वाचन, निरीक्षण एवं उसमें से जन्मे विचारों के बिना पत्रकारिता के क्षेत्र में नहीं आना चाहिये. यह अग्निपथ की यात्रा है. प्रिंट मीडिया, इलैक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया वास्तव में एक दूसरे के दुश्मन नहीं, बल्कि पूरक हैं. ये तीनों मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं. पत्रकारों से समाज को विशेष अपेक्षा है क्योंकि Truth speaking पत्रकारों का धर्म है.

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि मुकेश भाई मलकान (प्रांत संघचालक, गुजरात प्रांत) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पत्रकारों से राष्ट्र सेवा का आह्वान किया. इस अवसर पर यशवंत भाई चौधरी (प्रांत कार्यवाह, गुजरात प्रांत), शैलेष भाई पटेल (सह प्रांत कार्यवाह, गुजरात प्रांत), विजय भाई ठाकर (प्रांत प्रचार प्रमुख), सहित अनेक पत्रकार तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

About The Author

Number of Entries : 3679

Leave a Comment

Scroll to top