बाल कृष्ण ने सबको मोहा Reviewed by Momizat on . पटना (विसंके). संस्कार भारती द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा में बाल कृष्ण बने बच्चों ने सबका मन मोह लिया. संस्था की औरंगाबाद (दक्षिण बिहार) द्वारा आयोजित पटना (विसंके). संस्कार भारती द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा में बाल कृष्ण बने बच्चों ने सबका मन मोह लिया. संस्था की औरंगाबाद (दक्षिण बिहार) द्वारा आयोजित Rating: 0
You Are Here: Home » बाल कृष्ण ने सबको मोहा

बाल कृष्ण ने सबको मोहा

पटना (विसंके). संस्कार भारती द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा में बाल कृष्ण बने बच्चों ने सबका मन मोह लिया. संस्था की औरंगाबाद (दक्षिण बिहार) द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में चार सौ बच्चों ने बाल कृष्ण के रूप में प्रस्तुति दी. औरंगाबाद में पिछले दस वर्षों से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. प्रतियोगिता में 398 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें 20 मुस्लिम समुदाय के बच्चे भी थे.

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्थानीय विधायक एवं पूर्व सहकारिता मंत्री रमाधार सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता भले ही स्थानीय स्तर पर होती है, लेकिन इसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होती है. ऐसी प्रतियोगिताओं से ही हमारी संस्कृति विकसित होती रही है. संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष आनंद प्रकाश नारायण सिंह उपाख्य रौशन जी ने कहा कि संस्कार भारती का उद्देश्य जन-जन में अपनी संस्कृति के प्रति स्वाभिमान भाव जागृत करना है. संस्कृति के प्रति यदि हम गौरवान्वित होते रहे तो बड़ी से बड़ी बाधायें भी आसानी से पार कर सकते हैं. संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से लोग अपनी गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हैं. औरंगाबाद जैसे स्थान पर भी ऐसे भव्य आयोजनों के कारण ही देश विघातक शक्तियां यहां कमजोर हुई हैं तथा देशभक्त शक्तियां मजबूत. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तन-मन, धन पूर्वक ऐसे आयोजनों से जुड़ें.

कार्यक्रम में बच्चों ने श्रीकृष्ण के भिन्न रूपों का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. कोई माखन की मटकी चोरी कर अपने मित्रों के साथ माखन खा रहा था तो कोई बाल कृष्ण राधा को रिझाने में लगा था. कार्यक्रम में कृष्ण कहीं गिरधर के रूप में कहीं मुरलीधर के रूप में दिख रहे थे. गोपालक से महाभारत के रथ चालक तक विभिन्न रूपों में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी. कार्यक्रम के अंत में संस्था के कलाकारों द्वारा दांडिया की प्रस्तुति भी दी गई. इसके बाद सैकड़ों बाल कृष्णों के नेतृत्व में एक शोभा यात्रा निकाली गई. यह शोभा-यात्रा कार्यक्रम स्थल से होते हुए रमेश चौक पहुंची और उसके बाद कार्यक्रम स्थल लौटी. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सभी बाल कृष्णों की भव्य आरती उतारी गई. कार्यक्रम के दौरान ऐसा लग रहा था कि यह शहर कहीं वृंदावन तो नहीं! पुरस्कार वितरण बिहार विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष तथा पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव ने किया. निर्णायक मंडली में पटना के नाटककार रीतेश परमार, पलामू के कलाकार शैकर चट्टोपाध्याय, मुनमुन चक्रवर्ती, कामख्या प्रसाद तथा डॉ. प्रतिभा रानी उपस्थित थे. कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक रामावतार प्रसाद, डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद थे. आगत अतिथियों का स्वागत संस्था के जिलाध्यक्ष रंजय अग्रहरी तथा संरक्षक रामावतार प्रसाद व डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने किया. धन्यवाद ज्ञापन नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने किया.

About The Author

Number of Entries : 3788

Leave a Comment

Scroll to top