भारतीयों भाषाओं के सरंक्षण एवं संवर्धन में हो समाज की भूमिका – अशोक सोहनी जी Reviewed by Momizat on . इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी जी ने कहा कि आज विविध भारतीय भाषाओं व बोलियों के चलन तथा उपयोग में आ रही कमी, उनके शब्दों इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी जी ने कहा कि आज विविध भारतीय भाषाओं व बोलियों के चलन तथा उपयोग में आ रही कमी, उनके शब्दों Rating: 0
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भारतीयों भाषाओं के सरंक्षण एवं संवर्धन में हो समाज की भूमिका – अशोक सोहनी जी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी जी ने कहा कि आज विविध भारतीय भाषाओं व बोलियों के चलन तथा उपयोग में आ रही कमी, उनके शब्दों का विलोपन तथा विदेशी भाषाओं से प्रतिस्थापन एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है. आज अनेक भाषाएं एवं बोलियां विलुप्त होती जा रही हैं और कई अन्य भाषाओं का अस्तित्व संकट में है. इसलिए हम सभी को समाज को सामूहिक प्रयास करके इन भाषाओं को विलुप्त होने से बचाना चाहिए. विश्व की सभी भाषाओं को सीखने का समर्थन करते हुए, ये भी ध्यान दिलाया जाता है कि हमारा भारत देश बहुभाषी देश है. अतः हम सभी की ये जिम्मेदारी बनती है कि हम सभी भाषाओं को सरंक्षण प्रदान करे. वे इंदौर महानगर की समन्वय बैठक में संबोधित कर रहे थे.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा दिनांक 29/03/2018 को स्वामी प्रीतमदास सभा गृह साधुवासवानी नगर में समन्वय बैठक आयोजित की थी. अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में इस वर्ष जो प्रस्ताव पारित हुआ, उसी विषय पर क्षेत्र संघचालक जी ने विचार रखे और सभी से इस विषय के क्रियान्वन पर विचार विमर्श किया.

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