भारतीय पत्रकारिता सेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय है – प्रो. राकेश सिन्हा जी Reviewed by Momizat on . गोरखपुर (विसंकें). भारत नीति प्रतिष्ठान के मानद निदेशक प्रो राकेश सिन्हा जी ने कहा कि पश्चिम की पत्रकारिता पूंजी के दासत्व की प्रतिमान है, जबकि इसके विपरीत भारत गोरखपुर (विसंकें). भारत नीति प्रतिष्ठान के मानद निदेशक प्रो राकेश सिन्हा जी ने कहा कि पश्चिम की पत्रकारिता पूंजी के दासत्व की प्रतिमान है, जबकि इसके विपरीत भारत Rating: 0
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भारतीय पत्रकारिता सेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय है – प्रो. राकेश सिन्हा जी

गोरखपुर (विसंकें). भारत नीति प्रतिष्ठान के मानद निदेशक प्रो राकेश सिन्हा जी ने कहा कि पश्चिम की पत्रकारिता पूंजी के दासत्व की प्रतिमान है, जबकि इसके विपरीत भारत की पत्रकारिता मूल्यों का पराक्रम है. भारतीय पत्रकारिता सेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय है. प्रो. राकेश जी देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में विश्व संवाद केन्द्र गोरखपुर द्वारा आयोजित “संवाददाता, संवाद एवं राष्ट्र” संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जब रोक लगी तो इसी पत्रकारिता ने लोकतंत्र की रक्षा में क्रांतिकारी सामाजिक आंदोलन का रूप धारण कर लिया था. भारत की सांस्कृतिक विरासत और विविधता से भरपूर लोक संस्कृति के सर्वतोन्मुखी प्रसार में पत्रकारिता ने अभूतपूर्व योगदान दिया है. देश में छिड़ी सामयिक बहस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ देश के शान्तिपूर्ण लोकतंत्र में खलल डालने के तथाकथित असहिष्णुता पर छद्म विवाद का षड्यन्त्र रचा जाता है तो दूसरी तरफ ऐतिहासिक हैदराबाद विलय दिवस 17 सितम्बर को काला दिवस के रूप में मनाया जाता है. खास बात यह है कि इस विषय पर पूरे देश में खामोशी छायी रहती है. उन्होंने केरल स्थित चेरामन की ऐतिहासिक सुप्रसिद्ध मस्जिद का उद्धरण देते हुए भारत के बहुसंख्यक समाज की साम्प्रदायिक उदारता के बारे में बताया और कहा कि देश में असली असहिष्णुता राजनीतिक वोट बैंक और ऐसे वोट बैंक की तुष्टीकरण की राजनीति के विध्वंस के प्रति है.

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कोलम्बिया विश्वविद्यालय, न्यूयार्क के पूर्व आचार्य प्रो. अशोक प्रसाद जी ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार पत्रकारिता है. जन अभिव्यक्ति का यह सबसे विश्वसनीय माध्यम है. अध्यक्षीय संबोधन में गोरखपुर विवि के कुलपति प्रो. वीके सिंह जी ने कहा कि वाद विवाद एवं स्वस्थ संवाद द्वारा समस्याओं का समाधान पत्रकारिता का मिशनरी कार्य है. कार्यक्रम में समाज के विविध क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों तक मीडिया की सहज पहुंच बनाने में परिश्रम करने वाले पत्रकारों एवं छायाकारों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. अतिथि परिचय प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा जी ने करवाया, कार्यक्रम का संचालन प्रो. संजीत कुमार गुप्ता जी ने किया. कार्यक्रम में गणमान्यजन उपस्थित थे.

केरल को आर्मी प्रोटेक्शन फोर्स के हवाले करे केन्द्र

प्विरोश्व संवाद केन्द्र पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रो. राकेश सिन्हा जी ने केरल के कन्नूर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मुद्दे पर कहा कि वहां की सरकार को मार्क्‍सवादियों का पोलित ब्यूरो चला रहा है. उसने सरकार को मौखिक निर्देश दे रखा है कि संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं को समाप्त कर दिया जाए. सीपीएम के पोलित ब्यूरो के 16 सदस्यों में से सात सदस्य केरल के हैं और उनमें से भी दो कन्नूर जिले के हैं. खुद मुख्यमंत्री भी वहीं के हैं, लेकिन सबसे खराब स्थिति कन्नूर की ही है. केंद्र सरकार को चाहिए कि वह केरल को आर्मी प्रोटेक्शन फोर्स के हवाले कर दे. तीन तलाक पर उन्होंने कहा कि तीन तलाक का पक्ष लेने वाले पहले अपने घर से निपटें, क्योंकि विरोध में उनके घरों की महिलाएं ही मोर्चा संभाल रही हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि देश के संवैधानिक लोकतंत्र पर उनका भरोसा कायम है. तीन तलाक की व्यवस्था जल्द से जल्द बदलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तर्क की भाषा नहीं जानता, उसे केवल ताकत की भाषा समझ में आती है. केन्द्र सरकार को उचित समय देखकर उससे इसी भाषा में बात करनी होगी. पाकिस्तान को सिंध देने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि आज भी वह हमारे राष्ट्रगान का हिस्सा है. बलुचिस्तान की चर्चा पर उनका कहना था कि उसकी आजादी सुनिश्चित है. उनके साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना जी, विश्व संवाद केन्द्र न्यास के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा जी उपस्थित थे.

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