भीलवाड़ा में मौन धरना देकर जनता ने जताया आक्रोश, असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग Reviewed by Momizat on . भीलवाड़ा (विसंकें). शहर में उपद्रव व तनाव की घटनाओं से परेशान आमजन सड़कों पर उतर आया. बिगड़े माहौल, अशान्त फिजा व असुरक्षा के भाव में घिरे आक्रोशित लोगों ने पुल भीलवाड़ा (विसंकें). शहर में उपद्रव व तनाव की घटनाओं से परेशान आमजन सड़कों पर उतर आया. बिगड़े माहौल, अशान्त फिजा व असुरक्षा के भाव में घिरे आक्रोशित लोगों ने पुल Rating: 0
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भीलवाड़ा में मौन धरना देकर जनता ने जताया आक्रोश, असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

भीलवाड़ा (विसंकें). शहर में उपद्रव व तनाव की घटनाओं से परेशान आमजन सड़कों पर उतर आया. बिगड़े माहौल, अशान्त फिजा व असुरक्षा के भाव में घिरे आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पक्षपात पूर्ण कार्यवाही का आरोप लगाया. लोगों ने कलैक्ट्रेट चौराहे पर हजारों की संख्या में मौन धरना दिया. नागरिक सुरक्षा मंच भीलवाड़ा के बैनर तले मौन प्रदर्शन में संदिग्ध लोगों को बचाने और संरक्षण देने के आरोप प्रशासन पर लगाए. कपड़ा नगरी भीलवाड़ा में नामजद मुकदमों में ढीली कार्यवाही के बाद पथराव और आगजनी ने शहरवासियों के बढ़ते गुस्से की आग में घी डालने जैसा काम किया.

यही कारण रहा कि नागरिक सुरक्षा मंच के बैनर तले शुक्रवार रात कलैक्ट्रेट पर मौन धरना देने की योजना बनी. शनिवार सुबह 8.30 बजे धरने की योजना कलैक्ट्रेट के बाहर धरातल पर उतर आई. हजारों की संख्या में परिवार, महिलाएं व बुजुर्ग तक धरने में शिरकत करने पहुंचने लगे. पौने 9 बजे तक कलैक्ट्रेट रोड पूरी तरह जाम हो गया. लोगों के आक्रोश का अन्दाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह-सुबह ठीठुरन भरी सर्दी में भी लोग सड़क पर बैठ गए. धरने में विभिन्न संप्रदायों और मतों के संत भी शामिल हुए. धरने को विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य सुरेश गोयल ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज किसी के खिलाफ नहीं है, मगर एक समुदाय के असामाजिक तत्वों की आपत्तिजनक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. शहर की शान्त फिजा को बीते एक दशक से समाज कंटक अशान्त करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने करीब 13 साल से शहर का माहौल बिगाड़ने को लेकर असामाजिक तत्वों के प्रयासों का सिलसिलेवार ब्योरा पेश किया.

धरने में नागरिक सुरक्षा मंच भीलवाड़ा के अध्यक्ष एडवोकेट उमेद सिंह राठौड़ ने कहा कि अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई और नामजद आरोपियों को हवालात नहीं दिखाई तो आन्दोलन किया जाएगा. इसके लिए सभी समाज का सहयोग लेकर आगे रणनीति तय करेंगे. धरने के दौरान समिति के उपाध्यक्ष मनीष बहेड़िया ने सकल समाज की तरफ से तैयार किए गए 14 बिन्दुओं के ज्ञापन का वाचन किया. धरने के बाद नागरिक सुरक्षा मंच के पदाधिकारियों ने कलैक्टर महावीर प्रसाद शर्मा, एसपी प्रदीप मोहन शर्मा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. धरने में शामिल महिलाओं में अब तक की कार्रवाई को लेकर आक्रोश था. खास तौर से जूनावास स्कूल के पास रहने वाले परिवार बार बार सुरक्षा को लेकर आशंकित लग रहे थे. धरने के दौरान संत समाज से भी प्रतिनिधि मौजूद थे.

कोई अपराधी नहीं बख्शा जाएगा

ज्ञापन देने आए प्रतिनिधि मण्डल ने आन्दोलन व बंद की चेतावनी दी. इसी बातचीत के दौरान कलैक्टर एमपी शर्मा ने आश्वस्त किया कि कोई भी अपराधी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन पूरे मामले में नजर रख रहा है. पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करवा रहे हैं, दोषी को सजा दिलवाएंगे. उधर, एसपी प्रदीप मोहन शर्मा ने भी प्रतिनिधियों से कहा कि आन्दोलन जैसी नौबत नहीं आएगी. हम कार्रवाई कर रहे है और जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे.

हम दहशत में रहने को मजबूर

धरने में शामिल जूनावास निवासी रेखा सोनी ने बताया कि हम करीब दो दर्जन परिवार दहशत में जीने को मजबूर हैं. अभी भी हमें बच्चों सहित जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. महिला ने पत्रकारों को बताया कि बच्चे चार दिन से स्कूल तक नहीं जा रहे हैं.

हर स्तर पर सहयोग को तैयार

ज्ञापन के बाद नागरिक सुरक्षा मंच के प्रतिनिधि मण्डल ने व्यक्तिगत नाम लेकर भी अधिकारियों को समाज कंटकों पर कार्रवाई करने की मांग की. प्रतिनिधि मण्डल में शामिल वीएचपी के सुरेश गोयल ने कहा कि मंच प्रशासन को हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है, बस दोषी लोगों पर कार्रवाई हो, और समुदाय विशेष बहुल क्षेत्र में आमजन की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की. उन्होंने आगजनी में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की भी मांग की.

सभी को मिले एक सामान मुआवजा मिले

धरने में आए सर्राफा व्यापारियों का कहना था कि हर विवाद में ज्वैलर्स ही सबसे पहले निशाना बनाया जाता है. हम इन घटनाओं से डरते नहीं हैं. मगर परिवार की सुरक्षा का मामला परेशान करता है. प्रशासन जैसा दूसरे पक्ष को मुआवजा देता है, वैसा ही हमें भी दे. मुआवजा देने में पक्षपात नहीं होना चाहिए.

14 घटनाओं के ब्योरे से बताया दर्द – 1. शीतला सप्तमी पर हुआ विजय हत्याकाण्ड, 2. गणेश चतुर्दशी पर घटित विशाल पारीक हत्याकाण्ड, 3. जलझूलनी एकादशी पर माण्डल में पुजारी हत्या, 4. राजू बैरवा हत्याकाण्ड, 5. करजालिया प्रकरण, 6. जन्माष्टमी पर बीज गोदाम रोड पर चाकूबाजी, 7. अनन्त चतुदर्शी पर सिद्धि विनायक अस्पताल के पास चाकूबाजी, 8. भवानी नगर में घरों पर पथराव व हमला, 9. गुल नगरी में घरों पर पथराव, 10. गुल नगरी में रूट मार्च कर रहे पुलिसकर्मियों पर हमला, 11. बाहले में 2 वर्षीय मासूम बालक से मारपीट, 12. दादी धाम रोड पर टहलते युवक पर हमला, 13. वैभव नगर सांगानेरी गेट पर हमला, 14. पुराने शहर में एक दशक छह से अधिक बार धार्मिक जुलूसों पर पथराव

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