मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं, अपितु आस्था का केंद्र हैं – डॉ. कृष्णगोपाल जी Reviewed by Momizat on . वृंदावन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि श्रीराम धर्म की धुरी हैं. जनता के मन में राम का आदर्श, उनका दर्शन और चरि वृंदावन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि श्रीराम धर्म की धुरी हैं. जनता के मन में राम का आदर्श, उनका दर्शन और चरि Rating: 0
You Are Here: Home » मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं, अपितु आस्था का केंद्र हैं – डॉ. कृष्णगोपाल जी

मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं, अपितु आस्था का केंद्र हैं – डॉ. कृष्णगोपाल जी

वृंदावन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि श्रीराम धर्म की धुरी हैं. जनता के मन में राम का आदर्श, उनका दर्शन और चरित्र गहराई से बैठ गया है. राम को लेकर देश प्रेरणा और दिशा पाता है. हमें राम का मंदिर केवल एक भवन के रूप में नहीं बनाना, बल्कि समाज में राम के चरित्र और आदर्शों के प्रतीक के रूप में स्थापित भी करना है. मुगलकाल में बाबा तुलसी ने रामनाम का गान किया और आजादी की लड़ाई में गांधी जी ने भी रामधुन गाई.

डॉ. कृष्णगोपाल जी गुरूवार को वृंदावन स्थित केशव धाम में आयोजित अन्नकूट प्रसादी उत्सव के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी समाज ने इनता दुःख नहीं पाया, जितना हिन्दू समाज ने पाया है. विश्व की अनेकों सभ्याताएं विलुप्त हो गईं. लेकिन, संकटों के बाद भी भारतीय संस्कृति और सभ्यता अपने गौरव के साथ खड़ी है.

उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बने, ऐसा हम सभी का संकल्प है. राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है. 68 वर्ष तक न्यायालय निर्णय नहीं दे पा रहा है, आश्चर्य की बात है. हिन्दू समाज अब जनता के न्यायालय में जाएगा. हिन्दू समाज को अपनी जाग्रती का प्रदर्शन करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी विश्वरूप दिखाना भी जरूरी होता है. हिन्दू समाज निर्णय करेगा कि इस विषय को लंबा क्यों खींचा जा रहा है.

दक्षिण की नई अयोध्या बना शबरीमला

सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है. मंदिर उनका होता है, जिन्होंने परंपराएं शुरू की हैं. मंदिर आस्था का केंद्र है. धार्मिक परंपराओं में अगर न्यायालय हस्तक्षेप करने लगेगा तो क्या होगा? अगर किसी परंपरा से किसी को हानि होती है, तो न्यायालय हस्तक्षेप करे. शबरीमला मामले में अनावश्यक विवाद पैदा किया गया. पूरे केरल में कोई महिला निकलकर नहीं आयी. मंदिर की परंपराओं को बचाने के लिए संपूर्ण समाज एकजुट हो गया और दक्षिण की नई अयोध्या बन गया है शबरीमला.

कार्यक्रम में केशवधाम में संचालित छात्रावास में छात्रों की शिक्षा की प्रसंशा करते हुए कहा कि छात्रावास देशभक्ति का केंद्र हैं. पूर्वोत्तर के बच्चे आते हैं, पढ़ते हैं और वापस चले जाते हैं. लेकिन भाव रहता है, देश मेरा है. उग्रवाद से दूर रहते हैं और धीरे-धीरे अपने समाज का नेतृत्व करते हैं. समाज को बदलने का काम इन बच्चों के द्वारा हो रहा है.

पूर्वोत्तर के छात्रों की प्रस्तुति ने मोहा मन

कार्यक्रम में केशवधाम छात्रावास के छात्रों ने एकल गीत, नृत्य प्रस्तुत किया. एकल गीत मातृमंडल सेवा भारती की क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख रीना सिंह ने प्रस्तुत किया. इससे पूर्व सभी ने गोवर्धन पूजन की. बाद में सभी ने अन्नकूट प्रसादी गृहण की. इससे पूर्व कार्यक्रम में आचार्य अतुल कृष्ण जी, भागवताचार्य मृदुलकांत शास्त्री, केशवधाम के अध्यक्ष नारायणदास अग्रवाल, मंत्री सतीश अग्रवाल ने केशवधाम की पत्रिका का विमोचन किया.

About The Author

Number of Entries : 5201

Leave a Comment

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe now to get notified about VSK Bharat Latest News

Scroll to top