मदरसे में राष्ट्रगान गाने पर मौलानाओं ने शिक्षक को पीटा Reviewed by Momizat on . कोलकाता. पश्चिम बंगाल के एक मदरसा शिक्षक काजी मासूम अख्तर को बच्चों को राष्ट्रगान सिखाना भारी पड़ गया. जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस की तैयारी को लेकर मदरसा शि कोलकाता. पश्चिम बंगाल के एक मदरसा शिक्षक काजी मासूम अख्तर को बच्चों को राष्ट्रगान सिखाना भारी पड़ गया. जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस की तैयारी को लेकर मदरसा शि Rating: 0
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मदरसे में राष्ट्रगान गाने पर मौलानाओं ने शिक्षक को पीटा

06_01_2016-6madarsaकोलकाता. पश्चिम बंगाल के एक मदरसा शिक्षक काजी मासूम अख्तर को बच्चों को राष्ट्रगान सिखाना भारी पड़ गया. जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस की तैयारी को लेकर मदरसा शिक्षक बच्चों को राष्ट्रगान सिखा रहा था. जिसकी जानकारी मिलने पर क्षेत्र के कुछ मौलवियों और उनके सहयोगियों ने इसे इस्लाम विरोधी बताकर अख्तर पर हमला कर दिया. मदरसे में राष्ट्रगान और तिरंगा फहराने पर अख्तर के खिलाफ फतवा भी जारी किया गया है. घटना के बाद सवाल उठना लाजमी है कि देश में रहकर राष्ट्रगान का अपमान क्यों, राष्ट्रगान गाने और तिरंगा फहराने से परहेज क्यों है. न्यायालय ने भी कुछ समय पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार को मदरसों में राष्ट्रगान और तिरंगा फहराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे.

 

मौलवियों ने अख्तर के खिलाफ जारी फतवा में राष्ट्रगान (जन गण मन) को अपवित्र और हिंदुवादी गीत बताया है. इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात भी कही गई है. अख्तर तालपुकुर आला मदरसे के हेडमास्टर हैं. अख्तर के मुताबिक उन्हें पूरी तरह से इस्लामिक ड्रेस में मदरसा आने को कहा गया है. उनके क्लीन शेव और जींस पहनने पर भी पाबंदी है. उन्हें दाढ़ी बढ़ाने और हर हफ्ते फोटो खींचकर भेजने को भी कहा गया है. फिलहाल वे वेस्टर्न ड्रेस में मदरसा जाते हैं. मारपीट के बाद अख्तर मदरसा नहीं गए हैं. उन्होंने सीएम ममता बनर्जी से सुरक्षा की गुहार लगाई है. जमीयत उलेमा के वाइस प्रेसिडेंट मुफ्ती सैयद मिर्जाउद्दीन अबरार ने अख्तर से मारपीट को गलत बताया है. ईदगाह के इमाम खालिद रशीद ने कहा कि राष्ट्रगान गाना हर भारतीय का कर्तव्य है.

 

अख्तर से पहले भी हो चुकी है मारपीट

अख्तर पर हमले का यह पहला मामला नहीं है. 26 मार्च, 2015 में भी लोगों ने उनकी पिटाई की थी, तब मामला एक धार्मिक प्रतीक से जुड़ा था. कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने मामले में अल्पसंख्यक आयोग से चेयरमैन को पत्र लिखा है. पुलिस मामले को जल्द सुलझाने की बात कह रही है.

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