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मानवता की दृष्टि से समाज में सेवा का संस्कार अत्यंत आवश्यक – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

मुंबई2मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि मानवता की दृष्टी से सेवा का संस्कार अत्यंत आवश्यक है. अभावग्रस्त तथा किसी आपदा में फंसे अपने समाज बांधवों को तत्परता से मदद पहुंचाने का कार्य हिन्दू समाज बड़ी सहजता तथा आत्मीयता के साथ करता रहा है. चाहे वो सुनामी का समय हो, या नेपाल में आया धरणीकंप (भूकंप) हो, अथवा चैन्नई में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति हो. हमारे समाज ने आपद स्थिति में फंसे लोगों को तत्पर होकर मदद पहुंचाना, यही सेवा संस्कार है. उन्होंने कहा कि सभी जीवों में एक ही ईश्वर का अंश है, यह समझकर जनता की सेवा करना ही वास्तविक आध्यात्म है.

सह सरकार्यवाह जी मुंबई में आयोजित ‘हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले’ (हिन्दू स्प्रिचुअल एंड सर्विस फेयर – 2016) के उद्घाटन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि के रूप में कर्नाटक के वेरुमलस्थित प्रख्यात संत विद्यानंद सरस्वती जी उपस्थित थे. उनके साथ जैन मुनी विनम्रसागर, बौद्ध भिक्षु राहुल बोधी, सिख संत गुरुजीत सिंह तथा स्वामीनारायण संप्रदाय के गुरूप्रसाद भी उपस्थित थे. देश के जाने माने अर्थशास्री तथा ‘हिंदू आध्यात्मिक सेवा दर्शन’ संकल्पना के उद्गाता डॉ. गुरुमूर्ती, अभिनेत्री जूही चावला, अभिनेता सचिन खेडेकर, संगीतकार उदित नारायण आदि गणमान्यजन भी कार्यक्रम में उपस्थित थे.

हिन्दू फेयर1उद्घाटन समारोह में मार्गदर्शन करते हुए विद्यानंद सरस्वती जी ने कहा कि यह उपक्रम एक अनूठा प्रयास है. हिन्दू समाज को साधने का यह अनुपम प्रयास कहना चाहिए. हिन्दू मंदिर, संस्थाएं, मठ तथा संगठन सेवाकार्य पर आस्था रखने वाले और बहुत ही अच्छी संख्या में ऐसे सेवाकार्य चलाने वाले होते हैं. लेकिन सेवाकार्य की प्रसिद्धि करना हमारे संस्कार के विरुद्ध होने के कारण ऐसे कार्यों की जानकारी समाज तक पहुंचाने में अवरोध आते है. हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला जैसे उपक्रमों के कारण सामान्य जनों को भी देशभर में चलने वाले ऐसे कार्य की जानकारी मिलना संभव होता है. इसलिए ऐसे उपक्रमों का आयोजन लगातार होना जरुरी है. भारतीय तथा विदेश में स्थित हिन्दू समाज का भी मनोबल ऐसे कार्यक्रमों से बढ़ेगा.

हिन्दू आध्यात्मिक सेवा दर्शन मेले में इस बार देशभर की प्रमुख 80 संस्थाओं ने अपने कार्य की जानकारी देने वाले स्टाल लगाए हैं. यह स्टाल इन संस्थाओं को नि:शुल्क रूप से मुहैय्या करवाए गए हैं. आर्ट ऑफ लिविंग, माता अमृतानंदमई परिवार, चिन्मय मिशन, गायत्री परिवार, कलावती आई, पतंजली योगपीठ, रामकृष्ण मठ, विवेकानंद केंद्र जैसी देश-विदेश में सक्रिय संस्थाएं तथा सिद्धिविनायक मंदिर, शिर्डी साईबाबा मंदिर, कोल्हापुर तथा मुंबई का अंबामाता मंदिर, जीवन विद्या मिशन, वारकरी संप्रदाय, वालावलकर ट्रस्ट, आदित्य प्रतिष्ठान जैसे महाराष्ट्र के जाने माने आध्यात्मिक केंद्र भी सेवा मेले में सहभागी हुए हैं.

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