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मुजफ्फर हुसैन मुंबई में सुपुर्द-ए-खाक

मुंबई (विसंकें). विश्‍व संवाद केंद्र, मुंबई की स्थापना के बाद से उपाध्यक्ष पद पर कार्यान्वित रहे ज्येष्ठ पत्रकार, विचारक एवं लेखक मुजफ्फर हुसैन (78) का शासकीय सम्मान के साथ विक्रोली में अंतिम संस्कार हुआ. अस्वस्थता के कारण पवई स्थित हीरानंदानी अस्पताल में भर्ती हुसैन का मंगलवार को अस्पताल में निधन हो गया था.

20 मार्च, 1940 में जन्मे मुजफ्फर हुसैन महाराष्ट्र के वैचारिक क्षेत्र में प्रख्यात लेखक, विचारक के नाम से सुपरिचित थे. उन्हें महाराष्ट्र व केंद्र सरकार से अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए थे. सन् 2002 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. महाराष्ट्र सरकार ने 2014 साल का लोकमान्य तिलक जीवन गौरव पुरस्कार देकर सम्मानित किया था. राजमाता पत्रकारिता पुरस्कार, राममनोहर त्रिपाठी पुरस्कार, पत्रकार केसरी पुरस्कार भी उन्हें प्राप्त हुए थे.

मुजफ्फर हुसैन द्वारा लिखित ‘इस्लाम और शाकाहार’, ‘मुस्लिम मानस शास्र’, ‘दंगों में झुलसी मुंबई’, ‘अल्पसंख्याक वाद – एक धोखा’, ‘इस्लाम धर्म में परिवार नियोजन’, ‘लादेन, दहशतवाद और अफगानिस्तान’, ‘समान नागरी कायदा’ आदि पुस्तकें काफी चर्चा में रहीं. एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, प्रवाह के विरुद्ध निग्रह से अपनी राह चलने वाले, निर्भय योद्धा पत्रकार से परिचित ऐसा उनका व्यक्तित्व था.

ज्येष्ठ पत्रकार मुजफ्फर हुसैन के देहान्त से निर्भय पत्रकारिता को प्रखर राष्ट्रवाद का आयाम देने वाला ध्येयवादी व्यक्तित्व हमने गंवाया है. विविध चर्चित राजकीय, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विषयों पर आधारित उनका निर्भीक लेखन पत्रकारिता को ऊंचाइयों पर ले जाने वाला था. अनेक राष्ट्रीय महत्वपूर्ण विषयों पर उनकी समन्वयवादी भूमिका समाज के लिये दिशा दर्शक थी. दो साल पहले ही उन्हें राज्य शासन का लोकमान्य तिलक जीवन गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया था. – देवेंद्र फडणवीस जी

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रथम राष्ट्रीय संयोजक एवं संस्थापक सदस्यों में एक पद्मश्री मुजफ्फर हुसैन का देहांत हो गया. मालिक से यह दुआ है कि उनको जन्नत में जगह दे और उनके परिवार को हिम्मत और हौंसला दे, ताकि वह इस असहनीय दुःख को सह सकें. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सभी इकाईयों और कार्यकर्ताओं से यह अपील है कि वह इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ एकजुट खड़े रहें. ईश्‍वर से प्रार्थना है कि मुजफ्फर हुसैन जी की पत्नी, बहन नफीसा हुसैन को इस असहनीय कष्ट को सहने की ताकत दे. – इंद्रेश कुमार जी

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