रक्षा बंधन उत्सव के माध्यम से सभी को प्रेम से रहने का संदेश Reviewed by Momizat on . वाराणसी (विसंकें). समाज में एकता, समरसता, पारस्परिक स्नेह बन्धुभाव को मजबूती देने के लिए रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी उत्तर भाग इकाई की ओर से रक्षा बं वाराणसी (विसंकें). समाज में एकता, समरसता, पारस्परिक स्नेह बन्धुभाव को मजबूती देने के लिए रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी उत्तर भाग इकाई की ओर से रक्षा बं Rating: 0
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रक्षा बंधन उत्सव के माध्यम से सभी को प्रेम से रहने का संदेश

वाराणसी (विसंकें). समाज में एकता, समरसता, पारस्परिक स्नेह बन्धुभाव को मजबूती देने के लिए रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी उत्तर भाग इकाई की ओर से रक्षा बंधन उत्सव का आयोजन किया गया. पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेस में उत्सव की शुरूआत संघ गीत, एकल गीत से हुई. ध्वज प्रणाम और ध्वज को रक्षासूत्र बांधने के बाद प्रख्यात कथावाचक संत अतुल कृष्ण भारद्वाज जी का उद्बोधन हुआ. सन्तश्री ने ज्ञान और राष्ट्रप्रेम की गंगा बहा संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को बजरंगबली बताया. कहा कि जिस तरह महाराष्ट्र में समर्थ गुरू रामदास ने गांव-गांव अखाड़ा और समर्थवान युवाओं की फौज छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए तैयार की थी. उसी तरह डॉ. हेडगेवार ने पूरे देश में विभिन्न भाषा-भाषी धर्म को मानने वाले युवाओं और नागरिकों को एक सूत्र में पिरोया. पूरे व्यवस्था के संचालन के लिए उन्होंने भगवाध्वज को सर्वोपरि रखा. भगवा ही हमारा गुरू है. गंगा की निर्मलता का संदेश देकर भारतीय धर्म परम्परा दर्शन का विषद ज्ञान महाभारत से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के जरिये किया. मानव जीवन को सुखमय बनाना ही सही मायने में राष्ट्र का वैभव है. संघ यही संदेश देश और समाज को देने के लिए कार्य कर रहा है. उत्सव में एनडीआरएफ के जवान भी सम्मिलित हुए. जिन्हें बहनों ने रक्षासूत्र बांध कर देश सेवा का संकल्प दिलाया. समारोह में अन्य मंचासीन अतिथि विभाग संघ चालक रमेश, भाग संघ चालक वीरेन्द्र गुप्त रहे. समारोह में एनडीआरएफ के डीआईजी आलोक कुमार, संम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्वालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे, सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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