राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता – अनिल कुमार जी Reviewed by Momizat on . वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए चुनौतियां पैदा कीं राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव सम्पन्न फरीदाबाद (विसंकें). वाईएमसीए विश्वविद्यालय वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए चुनौतियां पैदा कीं राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव सम्पन्न फरीदाबाद (विसंकें). वाईएमसीए विश्वविद्यालय Rating: 0
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राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता – अनिल कुमार जी

वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए चुनौतियां पैदा कीं

राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव सम्पन्न

फरीदाबाद (विसंकें). वाईएमसीए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार जी ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है. वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए कई चुनौतियां पैदा की हैं. इनका सामना करने के लिए मीडिया के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे नई तकनीकों से स्वयं को जोड़ें और पत्रकारिता के क्षेत्र में उच्च मूल्य स्थापित करने में अपना योगदान दें. प्रो. दिनेश जी शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव कार्यक्रम के समापन अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव को वार्षिक आयोजन बनाने की भी घोषणा की. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव का आयोजन किया गया, जिसने पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों को परस्पर संवाद के लिए बेहतरीन मंच प्रदान किया गया. दो दिवसीय सम्मेलन में हरियाणा के इतिहास, संस्कृति, महापुरुष एवं योगदान से संबंधित विषयों पर विभिन्न पांच श्रेणियों में शोध-पत्र, लेख, शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री तथा फोटोग्राफी में लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.

समारोप समारोह के मुख्य वक्ता उत्तर क्षेत्र प्रचार प्रमुख अनिल कुमार जी ने कहा कि मीडिया एवं कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है. विज्ञापन एवं फिल्मों में भारतीय संस्कृति को किस तरह से दिखाया जा रहा है, क्या यह भारत का मूल स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है, यह समझने की जरूरत है. मीडिया कर्मियों तथा कलाकारों को यह तय करना होगा कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं.

सम्मेलन में ये रहीं सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियां

शोध पत्र श्रेणी के शिक्षक वर्ग में पहला पुरस्कार डॉ. पवन सिंह मलिक, दूसरा डॉ. तरुणा नरूला तथा तीसरा भारती बतरा को मिला. विद्यार्थी वर्ग में दीक्षा बतरा के शोध-पत्र को श्रेष्ठ चुना गया. लेख श्रेणी के मीडिया वर्ग में पहला पुरस्कार नसीब सैनी, दूसरा डॉ. संजीव कुमारी तथा तीसरा नरेन्द्र कुंडू जी को मिला. शिक्षक वर्ग में जयपाल सिंह का लेख सर्वश्रेष्ठ चुना गया. दूसरा पुरस्कार परमेश त्यागी तथा तीसरा पुरस्कार अनिल कुमार पांडेय, पवन सिंह मलिक को दिया गया. विद्यार्थी वर्ग में पहला पुरस्कार सीआरएसयू, जींद की ट्विंकल संधू, दूसरा पुरस्कार वाईएमसीए विश्वविद्यालय की चंचल रागिनी तथा तीसरा पुरस्कार गवर्नमेंट पीजी कालेज के संजू दूहन को मिला. फोटोग्राफी श्रेणी के विद्यार्थी वर्ग में पहला पुरस्कार मनीषा, दूसरा पुरस्कार वाईएमसीए विश्वविद्यालय की साक्षी चौहान तथा तीसरा पुरस्कार अंशुल गर्ग को दिया गया.

शॉर्ट फिल्म पकड़म – पकड़ाई रही अव्वल

शॉर्ट फिल्म (लघु फिल्म) श्रेणी के विद्यार्थी वर्ग में पकड़म – पकड़ाई श्रेष्ठ फिल्म रही. दूसरा पुरस्कार टेक टू फ्लाई फिल्म तथा तीसरा पुरस्कार समवन इन पेन फिल्म को मिला. बी गुड फील गुड फिल्म को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. इसी श्रेणी के शिक्षक वर्ग में इलेक्शन टाइम फिल्म को पहला पुरस्कार दिया गया. डॉक्यूमेंट्री (वृत्तचित्र) श्रेणी के विद्यार्थी वर्ग में पगड़ी वाला तूफान फिल्म को पहला पुरस्कार, अमावस्या फिल्म को दूसरा पुरस्कार तथा डॉयलेक्ट आफ हरियाणा फिल्म को तीसरा पुरस्कार दिया गया. मीडिया वर्ग में गोवंश फिल्म को पहला पुरस्कार दिया गया. शिक्षक वर्ग में थकान से आगे फिल्म को पहला पुरस्कार मिला.

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