राष्‍ट्रगान के दौरान हूटिंग को माना हत्या से भी ज्यादा गंभीर Reviewed by Momizat on . तिरुवनतंपुरम. राष्‍ट्रगान बजने के दौरान खड़े नहीं होने और हूटिंग करने के कथित आरोप में गिरफ्तार किए गये एक मुस्लिम युवक को राहत देने से यहां के एक जिला और सत्र तिरुवनतंपुरम. राष्‍ट्रगान बजने के दौरान खड़े नहीं होने और हूटिंग करने के कथित आरोप में गिरफ्तार किए गये एक मुस्लिम युवक को राहत देने से यहां के एक जिला और सत्र Rating: 0
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राष्‍ट्रगान के दौरान हूटिंग को माना हत्या से भी ज्यादा गंभीर

तिरुवनतंपुरम. राष्‍ट्रगान बजने के दौरान खड़े नहीं होने और हूटिंग करने के कथित आरोप में गिरफ्तार किए गये एक मुस्लिम युवक को राहत देने से यहां के एक जिला और सत्र न्‍यायालय ने इनकार कर दिया. आरोपी के वकील ने कहा कि कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके मुवक्किल का अपराध हत्‍या से भी ज्‍यादा गंभीर है. आरोपी पिछले दो हफ्ते से जेल में बंद है. दरअसल, 25 साल के सलमान और उसके कुछ दोस्‍तों पर आरोप है कि एक सिनेमा हॉल में जब राष्‍ट्रगान बजाया गया था तो वे अपनी सीट पर बैठे रहे थे. उधर, मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है और युवक पर  देशद्रोह का आरोप लगाए जाने का विरोध किया है.

सलमान 18 अगस्‍त को अपने दोस्‍तों के साथ तिरुवनतंपुरम के एक सरकारी सिनेमा हॉल में मूवी देखने गया था. यहां पर हर शो से पहले राष्‍ट्रगान बजाया जाता है और इस दौरान दर्शकों से खड़ा होने को कहा जाता है. लेकिन सलमान और उसके दोस्‍त राष्‍ट्रगान बजने के दौरान खड़े नहीं हुये. इस पर कुछ दर्शकों ने आपत्ति दर्ज की. कुछ लोगों ने मामले की शिकायत पुलिस के पास दर्ज करा दी. इसके बाद सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया था.

सलमान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124A (देशद्रोह) के अलावा आईटी एक्‍ट की धारा 66A के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि उसने फेसबुक पर तिरंगे के बारे में अपशब्‍द कहे थे. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है. राष्‍ट्रगान के अपमान मामले में सलमान के अलावा दो महिलाओं सहित पांच अन्य लोग भी देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे हैं. इनमें से हरिहर शर्मा को अग्रिम जमानत मिल चुकी है और बाकी अन्‍य फरार हैं.

हरिहर शर्मा ने कहा, ‘हम पहले भी इस सिनेमाघर में कई फिल्‍में देख चुके हैं. उस वक्‍त भी जब राष्‍ट्रगान बजाया गया था तो हम खड़े नहीं हुये थे. लेकिन 18 अगस्‍त को जब हम अपनी सीट पर बैठे रहे तो कुछ लोगों ने इस पर सवाल खड़े किये. उन्‍होंने हमसे कहा कि अगर राष्‍ट्रगान के दौरान हम खड़े नहीं हो सकते तो हमें पाकिस्‍तान चले जाना चाहिये.’

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