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विकासार्थ विद्यार्थी की राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

पटना (विसंके). ‘विकासार्थ विद्यार्थी’ की राष्ट्रीय कार्यशाला पटना के अग्रसेन भवन स्थित सभागार में संपन्न हुई. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के एक प्रकल्प विकासार्थ विद्यार्थी की इस आठ सत्रों में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एवं चिंतक सुभाष पालेकर तथा विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मिलिंद मराठे ने 23 सितंबर को किया.

अपने उद्बोधन में श्री पालेकर ने कहा कि स्वार्थवश विकास की अंधी दौड़ में अपने प्राकृतिक संसाधनों का जिस प्रकार अदूरदर्शितापूर्वक हम दोहन कर रहे हैं, उससे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति के अमूल्य संसाधन नहीं बचेंगे. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में उन्होंने जापान की प्रसंशा करते हुए कहा कि जापान के पास साल के वृक्षों की अकूत संपदा है, फिर भी वह इस लकड़ी का आयात करता है. अमेरिका भी अपने संसाधनों का न्यूनतम उपयोग कर रहा है. यही हाल चीन का भी है. परंतु हम विकास के दिखावे में स्थायी विकास के मुद्दे को छोड़ रहे हैं. हमें अपनी प्रकृति की ओर पुनः लौटना होगा, नहीं तो इसके घातक परिणाम होंगे.

दो दिनों तक चली इस कार्यशाला में कई विषयों पर गहन चिंतन हुआ, जिसमे विकास की भारतीय अवधारणा, शून्य बजट की खेती (पारंपरिक कृषि का महत्व), सामाजिक बदलाव में छात्र-युवाओं की भूमिका, युवाओं की ग्रामीण विकास में नेतृत्व की आवश्यकता जैसे विषय शामिल थे. इन सत्रों को सुभाष पालेकर के अलावा महाराष्ट्र के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता प्रसाद देवधर तथा दीन दयाल शोध संस्थान के भरत पाठक ने भी संबोधित किया. बिहार के विधान पार्षद तथा विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री हरेन्द्र प्रताप ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक आदमी को एक फलदार वृक्ष लगाना चाहिए. उन्होंने बताया की पर्यावरण के दृष्टि से तो कोई भी पेड़ जरूरी है, लेकिन फलदार वृक्ष का अलग ही महत्व है. उन्होंने पिछले साल हुई केदारनाथ प्राकृतिक आपदा के लिए पर्यावरण से छेड़छाड़ को मुख्य कारण बताया. उन्होंने पेड़-पौधों की कटाई रोकने का आह्वान कर कहा कि प्रकृति संरक्षण पर गंभीरतापूर्वक विचार होना चाहिए.

समापन सत्र को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री के. रघुनंदन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक बदलाव के अग्रदूत बने तभी भारत में साकारात्मक क्रांति हो सकती है और भारत विश्व गुरू बन सकता है. कार्यक्रम में देश भर से आए 150 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिसमे पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक स्वांत रंजन भी उपस्थित थे. विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय प्रमुख नागराज रेड्डी ने संगठन की गतिविधियों के बारे में विस्तार से विचार रखे तथा आगामी योजनाओं के बारे में बताया.

संजीव कुमार

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