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शब्द ही पत्रकार के धर्म और अधर्म को तय करते हैं – तरुण विजय

शिमला (विसंकें). विश्व संवाद केंद्र शिमला द्वारा नारद जयंती के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन होटल होली-डे होम में किया गया. कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज मुख्य अतिथि तथा पाञ्चजन्य के पूर्व संपादक एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता शिमला प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल हेडली ने की.

मुख्य वक्ता तरुण विजय जी ने कहा कि शब्द ही पत्रकार के धर्म और अधर्म को तय करते हैं. धर्म और अधर्म का ज्ञान एक पत्रकार को होना बहुत जरूरी है. यह ज्ञान जब प्राप्त हो जाएगा तो राष्ट्र निर्माण में स्वयं ही भूमिका तय हो जाएगी. वैचारिक पक्ष की अदूरदर्शिता के कारण सत्य और असत्य को विकृत पत्रकारिता के स्वरूप में आज सर्वत्र दिखाया जा रहा है. इसका विवेकपूर्ण निर्णय करने की आवश्यकता है. उन्होंने आजादी से पूर्व की संघर्षपूर्ण पत्रकारिता के विषय का मार्मिक विवेचन प्रस्तुत किया. आजादी से पूर्व महात्मा गांधी, भगत सिंह, लोकमान्य तिलक, आदि क्रांतिकारियों ने पत्रकार के रूप में स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया. कहा भी जाता है जो युद्ध हथियारों, तोपों से नहीं जीते जाते, वह कलम से जीते जा सकते हैं. आज के परिवेश में पत्रकारिता एक बाज़ार बन चुकी है. लेकिन फिर भी पत्रकारिता में एक मिशन के रूप में काम करने वाले पत्रकार समाज में अमिट छाप छोड़ रहे हैं. सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक जानकारियां जनता के सामने आती हैं, इन्हें परखना आवश्यक है. सोशल मीडिया के विषय में कहा कि इसके अधिक प्रयोग के कारण प्रत्येक व्यक्ति एक पत्रकार की तरह व्यवहार करने लगा है, लेकिन इसकी अधूरी प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाया. वर्तमान परिदृश्य में पत्रकारिता के सामने मुख्य चुनौतियां हैं, कंटेंट, भाषा व वैचारिकता.

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पत्रकारिता में धर्म की आवश्यकता है. आजकल विज्ञापन एकत्रित कर धन अर्जन करना समाचार एजेंसियों का काम रह गया है. पत्रकारिता में मानदंड स्थापित करने की आवश्यकता है. आजादी के बाद का दौर पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी प्रभावी रहा है. लेकिन जब देश में आपातकाल लगा तो मीडिया का गला घोंट दिया गया. आज ऐसी भाषा उपयोग हो रही है जो समाज में सही संदेश नहीं देती है. पत्रकारों से आह्वान किया कि नकारात्मक के स्थान पर सकारात्मक समाचार भी बताएं.

कार्यक्रम में विश्व संवाद केंद्र के साप्ताहिक विचार पत्र हिम संचार के विशेषांक का विमोचन किया गया. विश्व संवाद केंद्र के प्रमुख दलेल ठाकुर ने बताया कि पिछले 12 वर्षों से नारद जयंती के अवसर पर पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है और अब तक 60 पत्रकारों को सम्मानित कर चुके हैं.

विश्व संवाद केंद्र शिमला न्यास के अध्यक्ष प्रोफेसर नरेंद्र शारदा ने धन्यवाद किया. कार्यक्रम का संचालन केंद्र की सदस्य नीतू वर्मा ने किया.

पत्रकार सम्मान समारोह में मातृवंदना के संपादक डॉ. दयानंद शर्मा जी को वरिष्ठ पत्रकार, दिव्य हिमाचल के पूर्व स्टेट ब्यूरो स्वर्गीय सुनील शर्मा को विशेष स्मृति सम्मान, दैनिक जागरण के संवाददाता अजय बन्याल को युवा पत्रकार, दिव्य हिमाचल की दीपिका शर्मा को महिला पत्रकार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में टीवी 100 के पराक्रम चंद को सम्मानित किया गया. मंडी जिला के छायाकार जय कुमार को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में पत्रकार, सूचना जनसंपर्क विभाग के अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित थे.

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