संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण, दूसरे धर्मावलंबियों से कोई विद्वेष नहीं – राकेश लाल जी Reviewed by Momizat on . राँची (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झारखंड सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज का संगठन है, समाज को संगठित करते हुए राष् राँची (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झारखंड सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज का संगठन है, समाज को संगठित करते हुए राष् Rating: 0
You Are Here: Home » संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण, दूसरे धर्मावलंबियों से कोई विद्वेष नहीं – राकेश लाल जी

संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण, दूसरे धर्मावलंबियों से कोई विद्वेष नहीं – राकेश लाल जी

राँची (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झारखंड सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज का संगठन है, समाज को संगठित करते हुए राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल करना ही संघ का मुख्य उद्देश्य है. हम अन्य सभी धर्म एवं धर्मावलंबियों का सम्मान करते हैं, उनसे संघ का किसी प्रकार का कोई विद्वेष नहीं है. राकेश जी संघ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में पारित प्रस्तावों के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने केरल में संघ के कार्यकर्ताओं की हत्या को वर्तमान मार्क्सवादी सरकार द्वारा प्रायोजित बताते हुए कहा कि 1942 से केरल में संघ राष्ट्र भक्ति की भावना का संचार करते हुए हिन्दुओं को संगठित करने का कार्य कर रहा है. संघ के बढ़ते प्रभाव से साम्यवादियों की जमीन खिसकने लगी है. इसी डर से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी संघ एवं आनुशांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या करवा रही है. अब तक 350 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है. संघ केरल में हो रही राज्य प्रायोजित हत्याओं की कठोर शब्दों में निंदा करता है. इस संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय भावना को प्रबल करने पर जोर देते हुए कहा कि ये अराष्ट्रीय शक्तियां है, जो देश और समाज को तोड़ने का काम कर रही है, राष्ट्रीय भावना को प्रबल करके ही इन शक्तियों से निपटा जा सकता है.

धर्मान्तरण और गोवध पर कहा कि धर्मान्तरण या गोवध रोकना प्रत्यक्षतः संघ का काम नहीं है, इसके लिए समाज को आगे आना होगा. संघ व्यक्ति निर्माण पर जोर देता है और व्यक्ति ही संगठित समाज और राष्ट्र का विकास करता है. धर्मान्तरण और गोवध के विरोध का स्वर समाज से ही निकलना चाहिए, झारखण्ड के संदर्भ में कहा कि हालांकि राज्य में गोवध निषेध कानून लागू है, अतः कानून का सही से पालन करवाना राज्य सरकार का काम है. ग्रामीण इलाकों में मिशनरियों के बढ़ते प्रभावों पर एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि संघ के कार्यकर्ता विकट परिस्थितियों में भी सुदूर वनों में पेड़ों की छाया में एकल विद्यालय चला कर संघ की विचारधारा को मजबूत कर रहे है. वहीं शहरी क्षेत्रों में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बच्चों को न्यूनतम फीस में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहा है. प्रेस वार्ता में झारखण्ड प्रांत के संघचालक देवव्रत पाहन उपस्थित थे.

About The Author

Number of Entries : 3679

Leave a Comment

Scroll to top