संस्कारित समाज की रचना से ही सामाजिक परिवर्तन संभव – सुरेश भय्याजी जोशी Reviewed by Momizat on . 25 फरवरी 2018 को होने वाले ‘राष्ट्रोदय’ कार्यक्रम के लिये भूमि पूजन मेरठ (विसंकें). मेरठ में ‘राष्ट्रोदय’ कार्यक्रम हेतू जागृति विहार एक्सटेंशन में तैयार किए गए 25 फरवरी 2018 को होने वाले ‘राष्ट्रोदय’ कार्यक्रम के लिये भूमि पूजन मेरठ (विसंकें). मेरठ में ‘राष्ट्रोदय’ कार्यक्रम हेतू जागृति विहार एक्सटेंशन में तैयार किए गए Rating: 0
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संस्कारित समाज की रचना से ही सामाजिक परिवर्तन संभव – सुरेश भय्याजी जोशी

25 फरवरी 2018 को होने वाले राष्ट्रोदयकार्यक्रम के लिये भूमि पूजन

मेरठ (विसंकें). मेरठ में राष्ट्रोदय कार्यक्रम हेतू जागृति विहार एक्सटेंशन में तैयार किए गए संघ स्थान का विधिवत भूमि पूजन हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी उपस्थित रहे. भूमि पूजन के पश्चात सरकार्यवाह जी ने उपस्थित स्वयंसेवकों को सम्बोधित किया. उन्होंने राष्ट्रोदय कार्यक्रम के विभिन्न आयामों व संघ के लक्ष्यों के बारे में बताया. भूमि पूजन कार्यक्रम में वैशाली महानगर से 183 फीट लम्बा तिरंगा, सहारनपुर के बेहट से 54 फीट ऊंचा भगवा ध्वज, गाजियाबाद जिले से मशाल, धामपुर से सुदर्शन चक्र, रामपुर से शस्त्र के रूप में चाकू, मुरादाबाद जिले से पीतल का कलश, सम्भल से 19 कूपों का जल तथा पूरे प्रान्त के सभी धार्मिक स्थलों की मिट्टी एवं पवित्र नदियों का जल आयोजन स्थल पर लाया गया. सुबह 10 बजे भूमि पूजन का कार्यक्रम वेद मंत्रोच्चारण द्वारा गुरुकुल प्रभात आश्रम के कुलाधिपति स्वामी विवेकानन्द सरस्वती जी ने सम्पन्न करवाया. स्वयंसेवकों ने घोष के साथ शारीरिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया.

भय्याजी जोशी ने कहा कि गत 9 दशकों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र सेवा में लगा है. हिन्दू शक्ति को जगाना ही हमारा लक्ष्य है क्योंकि यही वह ईश्वरीय शक्ति है जो अन्याय के विरुद्ध खड़ी है. संघ एक संस्कारित समाज की रचना करना चाहता है क्योंकि इससे ही देश में बड़ा सामाजिक परिवर्तन सम्भव हो सकेगा और हम पूरे विश्व का सही मार्गदर्शन कर सकेंगे. यह परिवर्तन सरकार, संविधान, कानून इत्यादि से नहीं आएगा. अगर हम इतिहास देखें तो समाज में जो भी बड़े परिवर्तन हुए हैं, वह संतों, महंतों, संन्यासियों और समाजसेवियों के माध्यम से हुए हैं, सरकार तो केवल सुविधा दे सकती है. लेकिन परिवर्तन समाज के भीतर से ही होता है. संघ मानता है कि हमें ऐसे आदर्श प्रस्तुत करने चाहिये, जिनसे जन सामान्य प्रेरणा ले सके और शाखा के माध्यम से ऐसे ही आदर्श प्रस्तुत किये जाते रहे हैं. आज हिन्दू समाज के सशक्तिकरण में जो सबसे बड़ी बाधा है, वह है उसका जाति व वर्गों में विभाजित होना. सामाजिक अस्पृश्यता हिन्दू धर्म की सबसे बड़ी कमजोरी है. जिसे हमें समाप्त करना है. संघ का मानना है कि हिन्दू समाज की सबसे बड़ी पहचान जाति नहीं, बल्कि उसका अपने हिन्दू होने पर गौरवान्वित होना है.

उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या पर प्रहार करते हुए इस कुरीति को जड़ से मिटाने का आह्वान किया. साथ ही कहा कि स्वच्छ भारत का निर्माण सरकार के निर्णय से नहीं, बल्कि समाज की स्वयं की पहल से ही सम्भव है. उन्होंने कहा कि गौहत्या का विरोध किसी धर्म का विरोध नहीं है, बल्कि यह इस देश की अस्मिता से जुड़ा प्रश्न है और संघ गौरक्षा के लिये कटिबद्ध है. निर्भय हिन्दू समाज की स्थापना करना ही संघ का लक्ष्य है और इस मार्ग में अहिन्दू शक्तियां सदैव ही रोड़ा अटकाती रही हैं, पर संघ कभी अपने मार्ग से डिगा नहीं है. हम अपने राष्ट्र सेवा के लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्षेत्र संघचालक डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा जी, अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश जी, क्षेत्र कार्यवाह मनवीर सिंह जी, क्षेत्र प्रचारक आलोक कुमार जी, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम जी, प्रान्त संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक जी, सहित मेरठ प्रान्त के अन्य दायित्वान कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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