सफलता की ओर मंगल अभियान Reviewed by Momizat on . चेन्नई. भारत ने अपने 'मंगल अभियान' में 22 सितंबर को उस समय बड़ी बाधा पार कर ली जब मंगलयान के लिक्विड इंजन को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया. अब 24 सितंबर को  यान चेन्नई. भारत ने अपने 'मंगल अभियान' में 22 सितंबर को उस समय बड़ी बाधा पार कर ली जब मंगलयान के लिक्विड इंजन को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया. अब 24 सितंबर को  यान Rating: 0
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सफलता की ओर मंगल अभियान

चेन्नई. भारत ने अपने ‘मंगल अभियान’ में 22 सितंबर को उस समय बड़ी बाधा पार कर ली जब मंगलयान के लिक्विड इंजन को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया. अब 24 सितंबर को  यान मंगल की कक्षा में प्रवेश करेगा. मंगल की कक्षा में मंगलयान की एंट्री का काउंट डाउन शुरू हो गया है. गति कम करने के लिये मंगलयान के इंजन को सफलतापूर्वक चालू कर लिया गया है. 24 तारीख से मंगलयान मंगल के चारों तरफ चक्कर लगाना शुरू कर देगा.

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑरगनाइजेशन (इसरो) के वैज्ञानिकों के अनुसार अंतरिक्ष में 300 दिन गुजार चुका मंगलयान अच्छी स्थिति में है. लेकिन मंगल की कक्षा में घुसने के लिये मंगलयान के इंजन को स्टार्ट करना जरूरी था जो पिछले 300 दिनों से बंद पड़ा था.

इंजन को 2 बजकर 30 मिनट पर करीब 4 सेकेंड के लिये चलाया गया. मुख्य इंजन यानी 440 न्यूटन तरल एपोगी मोटर को फिर से चालू किया गया और उसके साथ 22 न्यूटन वाले सभी आठों इंजन लगभग 4 सेकेंड चालू रखे गये. इससे यान की स्पीड में कमी आई.

मंगलयान के इंजन को पिछले साल 5 नवंबर को मंगल की कक्षा के लिये छोड़ा गया था. मंगल अभियान भारत का पहला अंतरग्रही अभियान है. इसे 5 नवंबर 2013 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) सी-25 की मदद से प्रक्षेपित किया गया था.

मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश करने के एतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 24 सिंतबर को इसरो केंद्र में मौजूद रहेंगे. किसी भी देश ने अपनी पहली कोशिश में मंगल पर विजय नहीं पाई है. भारत अपने पहले प्रयास में ही मंगल की कक्षा के काफी करीब पहुंच चुका है. अब बस इतंजार है 24 सितंबर का जब मंगल पर भारत की विजय का राष्ट्र का  आत्मविश्वास बढ़ाने वाला शुभ समाचार आयेगा.

 

 

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