समाज एकजुट हो देश व समाज के कार्य में अधिकाधिक योगदान दे – प्रो सीताराम जी Reviewed by Momizat on . हरियाणा (विसंकें). हरियाणा प्रांत संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (सामान्य) का समारोप कार्यक्रम शनिवार शाम 6 बजे आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन नरवाना के राजीव हरियाणा (विसंकें). हरियाणा प्रांत संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (सामान्य) का समारोप कार्यक्रम शनिवार शाम 6 बजे आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन नरवाना के राजीव Rating: 0
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समाज एकजुट हो देश व समाज के कार्य में अधिकाधिक योगदान दे – प्रो सीताराम जी

DSC00802हरियाणा (विसंकें). हरियाणा प्रांत संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (सामान्य) का समारोप कार्यक्रम शनिवार शाम 6 बजे आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन नरवाना के राजीव गांधी सनातन धर्म महाविद्यालय में हुआ. समारोप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पं. नेकी राम कॉलेज रोहतक के पूर्व प्राचार्य डॉ. जगदेव विद्यालंकार जी, विशिष्ट अतिथि के रूप में ओलंपियन मुक्केबाज जयभगवान ने शिरकत की. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह प्रो सीताराम व्यास जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे.

मुख्य वक्ता प्रो. सीताराम जी ने कहा कि समाज में पश्चिमी सभ्यता के अंधानुकरण के चलते पारिवारिक संस्थाओं का निरंतर क्षरण होता जा रहा है, नैतिकता के मापदंड भी बदल रहे हैं. कहा कि संघ पिछले 89 वर्षों से देश और समाज को संगठित करने केसाथ ही व्यक्ति निर्माण का कार्य कर रहा है. संघ की शाखा में नियमित जाने वाला स्वयंसेवक समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर उस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करता है. आज के कार्यक्रम में शिक्षार्थियों द्वारा शारीरिक प्रदर्शन कर शाखा के कार्यक्रमों का परिचय दिया गया है. प्रतिदिन शाखा में इन्हीं कार्यक्रमों द्वारा गुणों का निर्माण होता है. इस प्रकार सामान्य से असामान्य व्यक्तित्व बन समाज का नेतृत्व करने वाला स्वयंसेवक तैयार होता है.

IMG_3692उन्होंने कहा कि आज देश की परिस्थिति करवट बदल रही है. भारत की स्वीकार्यता पूरी दूनिया में हो रही है. 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रत्यक्ष उदाहरण है. कल योग दिवस के कार्यक्रमों में गौरवभाव लेकर शामिल होना चाहिए. आज समाज को एकजुट हो कर देश व समाज के कार्य में अधिक योगदान देने की आवश्यकता है. अपने अपने स्थान की स्थानीय समस्याओं को हल कर बड़ी समस्याओं को हल करने की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता है.

समारोप कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत प्राचार्य डॉ. जगदेव विद्यालंकार ने कहा कि संघ समाज में क्या कार्य कर रहा है, समारोह के दृश्य को देखकर इसका प्रतिरूप देखने को मिला. समाज में परिवर्तन अति आवश्यक है. जिस देश में राष्ट्रचिंतन पीछे छूट जाता है वो देश पराधीन हो जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि युवा पीढ़ी आगे आकर परिवर्तन के काम को आगे बढ़ाये. उन्होंने राष्ट्र भाषा को ही देश के विकास का मंत्र बताते हुए कहा कि वैदिक संस्कृति के मूल तत्वों को बनाए रखकर ही भारत पुनः विश्वगुरू के पद पर आरूढ़ होगा.

कार्यक्रम में नरवाना नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जन सहभागिता रही. वर्ग कार्यवाह द्वारा 20 दिनों में वर्ग की गतिविधियों की जानकारी दी गई. बताया कि 342 स्थानों से 754 शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करने आए थे, जिनमें प्राध्यापक, अध्यापक, अधिवक्ता, कृषक, व्यवसायी, इंजीनियर व कालेज विद्यार्थी 16 से 40 वर्ष तक की आयु के युवक थे. प्रथम वर्ष के साथ साथ 55 अन्य संख्या को घोष वाद्यों का प्रशिक्षण दिया गया. उन्होंने महाविद्यालय समिति, जिला प्रशासन व वर्ग की व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाली सामाजिक संस्थाओं का धन्यवाद किया. ध्वजावतरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. शिक्षार्थी 21 जून को प्रातः दीक्षांत समारोह के बाद अपने अपने क्षेत्रों में जायेंगे.

 

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Comments (1)

  • दिनेश बंसल

    भारत विश्व गुरू था,
    भारत विश्व गुरू है,
    भारत विश्व गुरू रहेगा…

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