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समाज भगवान श्रीराम के सर्वप्रिय वनवासी समाज के कल्याण हेतु आगे आए – विहिप

नई दिल्ली. भगवान श्रीराम का सर्वप्रिय समाज, जिनके साथ चौदह वर्ष रहकर उन्होंने उनके कल्याण हेतु कार्य किया, दुर्भाग्य से वह आज अभावग्रस्त अवस्था में जी रहा है. विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल जी ने समाज का आह्वान करते हुए कहा कि सभी राम भक्त मिलकर भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए समाज के हर दलित या पिछड़े व्यक्ति की सेवार्थ तन मन धन से आगे आएं. सृष्टि के आदि ग्रंथ वेदों के मंत्रों को सर्वग्राह्य व आसान तथा रोचक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के उद्देध्य से कच्छ (गुजरात) के युवा संत दर्शनाचार्य स्वामी शांतानंद सरस्वती तथा वैदिक विदुषी विमलेश बंसल “आर्या” द्वारा लिखित साम अथर्ववेद शतक नामक पुस्तक का विमोचन किया गया.

अखिल भारतीय दयानंद सेवाश्रम संघ के 36वें वनवासी वैचारिक क्रांति शिविर के समापन अवसर पर राष्ट्रीय जनजाति आयोग की उपाध्यक्षा अनुसुइया उड़के जी ने कहा कि वनवासी क्षेत्रों के लोगों को अधिकार दिलाने में अभी तक अनेक प्रयास हुए हैं, किन्तु अभी भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है. भारत के सुदूर वनवासी गिरिवासी व अति पिछड़े क्षेत्रों में भोले-भाले लोगों के धर्मांतरण की गतिविधियों पर भी समाज को सचेत रहना होगा, जिससे कोई उनका शोषण न कर सके. वनवासी कल्याण आश्रम, एकल विद्यालय तथा स्वामी दयानंद के शिष्यों की निगरानी में शिक्षा व सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का जो कार्य चल रहा है, उसके परिणाम अब दिखने लगे हैं.

नई दिल्ली के मावलंकर सभागार में विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल जी ने कहा कि वेदों के मन्त्रों का सरल भाषा में प्रस्तुति का जो काम लेखकों ने किया है, वह एक अनुकरणीय पहल है. भाषा की सरलता और काव्य की रोचकता के साथ मन्त्रों की सटीक व्याख्या इस पुस्तक की विशेषता है. इस तरह की पुस्तकें जब सर्व सुलभ होंगी, तभी सच्चे अर्थों में चारों वेदों के ज्ञान को हम विश्व के कोने कोने में ले जाने में समर्थ होंगे.

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिमी बंगाल, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, असम व अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों से आये लगभग 200 छात्र छात्राओं ने संस्कार शिक्षा राष्ट्रभक्ति एवं चरित्र निर्माण हेतु 15 दिन तक भाग लिया. इस अवसर पर वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश कुलकर्णी जी, दयानंद सेवाश्रम संघ के प्रधान महाशय धर्मपाल आर्य जी, महामंत्री जोगेंद्र खट्टर जी, शिविर संयोजक आचार्य दया सागर व जीव बर्धन शास्त्री, सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी व अनेक राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. शिविर प्रतिवर्ष की भांति पश्चिमी दिल्ली के रानी बाग स्थित आर्य समाज मन्दिर में सम्पन्न हुआ.

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