समाज में अच्छी शक्तियों के संगठन की आवश्यकता – संजीवन कुमार जी Reviewed by Momizat on . शिमला (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक संजीवन कुमार जी ने कहा कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर का भव्य निर्माण होगा. सन् 1992 में बाबरी मस्ज शिमला (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक संजीवन कुमार जी ने कहा कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर का भव्य निर्माण होगा. सन् 1992 में बाबरी मस्ज Rating: 0
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समाज में अच्छी शक्तियों के संगठन की आवश्यकता – संजीवन कुमार जी

शिमला (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक संजीवन कुमार जी ने कहा कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर का भव्य निर्माण होगा. सन् 1992 में बाबरी मस्जिद के ढांचे को ढहा दिया गया था, तब से राम मंदिर के लिए हिन्दू समाज एक संगठन के रूप में राम मंदिर के लिए प्रयासरत था. अब जल्द ही वहां पर राममंदिर का भव्य निर्माण हो जाएगा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया.

कार्यक्रम का प्रारम्भ लाल बहादुर चौक उपायुक्त कार्यालय के समीप पथ संचलन से हुआ. वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनियों के बीच देशभक्ति गीतों पर कदमताल करते हुए स्वयंसेवक मिडल बाजार होते हुए शेरे ए पंजाब पहुंचे, वहां से वापिस रामबाजार से कार्टरोड के लिए रवाना हुए. संजीवन जी ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. समाज में बुरी और अच्छी शक्तियों के बीच हमेशा से संघर्ष चला आ रहा है. जब असुर शक्तियों का संगठन होता है तो कंस, रावण और दुर्योधन जैसी शक्तियां प्रबल होती हैं, लेकिन जब देव शक्तियां विजित होती है तो कृष्ण, राम और शिवाजी जैसे लोग आगे आते हैं जो समाज में आदर्श राज्य की स्थापना करते हैं. आज देश का दुर्भाग्य है कि समाज में सुरसा और लंकिनी जैसी शक्तियां पैदा हो गयी है जो समाज को क्षति पहुंचा रही हैं. ऐसे में इन शक्तियों से निपटने के लिए समाज में अच्छी शक्तियों के संगठन की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व रामसेतु को तोड़ने का षड्यंत्र देश में किया गया और रामायण के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह खड़े किये गये, लेकिन संगठन की ताकत और देश के सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति प्रतिबद्धता के कारण यह षड्यंत्र कामयाब नहीं हो पाया. संघ में शाखा के महत्व के बारे में बताया कि शाखा में प्रत्येक व्यक्ति में अच्छे संस्कार प्रबल होते हैं और बुराईयों से दूर रहने की प्रेरणा दी जाती है. यही कारण है कि जब किसी महिला या बेटी पर कोई बदमाश उसके सम्मान को आघात पहुंचाना चाहता है तो उसे उस समय स्वयंसेवक द्वारा ही रक्षा का भरोसा रहता है जो संघ के उज्ज्वल चरित्र का प्रतीक है. उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे राष्ट्रनिर्माण के काम में आगे आये और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. पथ संचलन के दौरान राजधानी के लोगों ने स्वयंसेवकों पर पुष्पों की वर्षा कर स्वागत किया.

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