समाज में अपनी मातृभूमि एवं पूर्वजों के प्रति गौरव का भाव जाग्रत करना होगा – डॉ. मोहन भागवत जी Reviewed by Momizat on . भीलवाड़ा, चित्तौड़. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के सान्निध्य में भीलवाड़ा के अग्रवाल उत्सव भवन में राजस्थान क्षेत्र के सेवा परियोजना भीलवाड़ा, चित्तौड़. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के सान्निध्य में भीलवाड़ा के अग्रवाल उत्सव भवन में राजस्थान क्षेत्र के सेवा परियोजना Rating: 0
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समाज में अपनी मातृभूमि एवं पूर्वजों के प्रति गौरव का भाव जाग्रत करना होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

भीलवाड़ा, चित्तौड़. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के सान्निध्य में भीलवाड़ा के अग्रवाल उत्सव भवन में राजस्थान क्षेत्र के सेवा परियोजना प्रमुखों एवं उनके सहयोगी कार्यकर्ताओं की बैठक सम्पन्न हुई.

प्रदेश के कई क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समाज जागरण आदि के माध्यम से समाज के जरूरतमन्द वर्गों, जनजातियों एवं समुदायों में संघ की प्रेरणा से अनेक सेवा परियोजनाएं संचालित हो रही हैं. इन सेवा परियोजनाओं के माध्यम से संबंधित समुदायों व वर्गों में एकल विद्यालय, संस्कार केन्द्र, भजन मण्डली व समाज जागरण के अनेक प्रकल्प चलाए जा रहे हैं. डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ आदि जनजातीय क्षेत्रों में 775 एकल विद्यालय चलाए जा रहे हैं. जिनके माध्यम से शिक्षा सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों के बालक-बालिकाएं शिक्षा के साथ ही संस्कार भी प्राप्त कर रहे हैं. बांसवाड़ा क्षेत्र में 85 पूर्ण विकसित विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं. इनके अलावा 50 स्वयं सहायता समूह एवं बड़ी संख्या में गाँवों में आरोग्य रक्षक नियुक्त कर उनके माध्यम से स्वास्थ्य रक्षा व प्राथमिक चिकित्सा आदि की व्यवस्था की गई हैं. उदयपुर की कोटड़ा तहसील जहाँ क्षय रोग महामारी के स्तर पर फैल रहा था, वह इन आरोग्य रक्षकों के माध्यम से क्षय रोग मुक्त हो गई है. पूर्णतया उपेक्षित गाड़िया लुहार घुमन्तू जाति के 213 बच्चों को भी प्रोत्साहित कर व प्रेरणा देकर विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया है.

पर्यावरण के क्षेत्र में भी संघ की प्रेरणा से ‘‘अमृता देवी पर्यावरण नागरिक संस्थान’’ (अपना संस्थान) नामक स्वैच्छिक संगठन के रूप में कार्यरत है, जिसने गत वर्ष तीन लाख से ज्यादा पेड़ पौधे राजस्थान में लगाए तथा वर्षा जल संरक्षण योजना के माध्यम से मकानों की छतों का पानी कुओं तक पहुंचाकर भूमिगत जलस्तर व उसकी गुणवत्ता को सुधारने में सफलता प्राप्त की है. इन सभी विविध परियोजनाओं के प्रमुखों ने प्रथम सत्र में अपना कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. दोपहर के सत्र में कार्यकर्ताओं ने अपने सेवा परियोजना कार्य में आने वाली समस्याओं की चर्चा सरसंघचालक जी से की.

सरसंघचालक जी ने कहा कि समाज में अपनी मातृभूमि एवं अपने पूर्वजों के प्रति गौरव का भाव जाग्रत करना होगा. ऐसे लोगों को लगना चाहिए कि कष्ट के समय शेष समाज के लोग उनके साथ हैं. कार्यकर्ता कार्य की गति बढ़ावें. समाज के सब लोगों को साथ लेकर हम इन योजनाओं को आगे बढ़ाएं. उन्होंने कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज बंधुओं के साथ बन्धुता एवं अपनेपन का भाव विकसित करना होगा. सामान्य जन भी देश और समाज के प्रति अपनापन अनुभव करें, इसकी आवश्यकता है.

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