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सामाजिक समरसता को गति देगा राष्ट्रोदय का आयोजन

हिन्दवः सोदरा सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत् – श्री गुरूजी (द्वितीय सरसंघचालक)

यदि अस्पृश्यता पाप नहीं, तो कुछ भी पाप नहीं – बालासाहब देवरस (तृतीय सरसंघचालक)

राष्ट्रीय स्वयंसवक संघ अपने प्रारंभ काल से ही सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए दोनों पूर्व सरसंघचालकों के कथन को सार्थक कर रहा है. समरसता संघ की कार्यशैली का भाग है. इसी कड़ी में समाज के विशाल वर्ग के मध्य समरसता के संदेश को दृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मेरठ प्रांत द्वारा “राष्ट्रोदय” – विशाल स्वयंसेवक समागम का आयोजन किया जा रहा है, ये कार्यक्रम अपने आप में अद्वितीय होगा. महामंडलेश्वर श्रद्धेय स्वामी अवधेशानन्द गिरी जी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लाखों स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा. कार्यक्रम के आयोजन में समाज के हर जाति वर्ग का सहयोग मिल रहा है, कार्यक्रम में आने वाले लगभग तीन लाख स्वयंसेवकों के लिये भोजन समस्त जाति वर्ग के परिवारों से आएगा. “राष्ट्रोदय” समागम में पूर्ण गणवेश में उपस्थित स्वयंसेवक एक साथ, अनुशासनबद्ध होकर शारीरिक प्रदर्शन करेंगे.

कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक सद्भावना (समरसता) का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से मातृ शक्ति, संत समाज, सभी मत, पंथ, संप्रदाय एवं वर्गों के प्रमुखों को कार्यक्रम देखने के लिये आमंत्रित किया गया है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना काल (विजयादशमी, सन् 1925) से ही राष्ट्र जीवन में सामान्य व्यक्ति की मनोभूमिका एवं व्यवहार राष्ट्र भक्ति से युक्त हो, इस उद्देश्य से कार्य कर रहा है. इसी निमित्त मेरठ प्रांत (संघ रचना अनुसार) प्रत्येक गांव, बस्ती, नगर का प्रतिनिधित्व करते हुए विशाल स्वयंसेवक एकत्रीकरण (“राष्ट्रोदय” – स्वयंसेवक समागम) करने जा रहा है. कार्यक्रम में मेरठ प्रांत की तीन कमिश्नरियों (मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद) के 14 प्रशासनिक जिलों (संघ दृष्टि से 25 जिले) से स्वयंसेवक भाग लेंगे. इसमें कार्य क्षेत्र की दृष्टि से कुल 363 खंड एवं नगर, 987 मंडल, 1553 बस्तियां तथा 10580 गांव शामिल हैं.

कार्यक्रम में भाग लेने के लिये ऑनलाइन व व्यक्तिगत दोनों प्रकार से पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी, बिना पंजीकरण कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति नहीं थी. पंजीकरण अभियान के दौरान प्रांत के कुल 3, 11, 578 स्वयंसेवकों ने पंजीकरण करवाया है. इसमें महानगरीय त्रेज्ञ से 93,364 स्वयंसेवक तथा ग्रामीण क्षेत्र से 2,18,214 स्वयंसेवक शामिल हैं. आयु अनुसार वर्गीकरण किया जाए तो 40 वर्ष से कम आयु के 2,22,791 स्वयंसेवकों ने पंजीकरण करवाया है, और 88,787 स्वयंसेवक 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं. व्यवसाय अनुसार, सबसे अधिक संख्या विद्यार्थियों की है, कार्यक्रम के लिये कुल 94,489 विद्यार्थियों ने, 70,580 व्यापारियों ने, 53,568 नौकरी पेशा, 46,572 कृषक, 33,348 अधिवक्ताओं ने, 12,534 अध्यापकों ने, 4205 चिकित्सकों व 25,181 अन्य ने पंजीकरण करवाया है. समस्त पंजीकृत स्वयंसेवकों को बारकोड युक्त प्रवेशिका प्रदान की जा रही है, प्रवेशिका होने पर ही कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कर सकेंगे.

“राष्ट्रोदय” कार्यक्रम का आयोजन जागृति विहार, मेरठ में स्थित 650 एकड़ (2.5 किमी.*1 किमी.) में फैले परिसर में होगा. कार्यक्रम स्थल पर बनाया जा रहा विशाल मंच “राष्ट्रोदय” की भव्यता को दर्शाएगा. कार्यक्रम के लिये 200 फीट लंबे, 100 फीट चौड़े तथा 35 फीट ऊंचे मंच का निर्माण किया जा रहा है. विभिन्न स्थानों से आने वाले स्वयंसेवक नौ प्रवेश द्वारों (बारकोड युक्त प्रवेशिका के सत्यापन के पश्चात) से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. स्वयंसेवक करीब 4000 छोटे- बड़े वाहनों से अपने-अपने स्थान से कार्यक्रम में भाग लेने के लिये मेरठ पहुंचेंगे, वाहनों की पार्किंग के लिये छह स्थानों पर 600 एकड़ स्थान चिन्हित किया गया है. वहां पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. विशाल आयोजन स्थल पर 20 एलईडी स्क्रीन्स भी लगाई जा रही हैं, जिससे स्वयंसेवक मंच को नजदीक से देख सकें. 15 कैमरों से संपूर्ण कार्यक्रम को कवर किया जाएगा.

सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. संभवतया, इतने बड़े स्तर पर ऐसा प्रयास पहले कभी किसी संगठन ने नहीं किया होगा. कार्यक्रम में आने वाले स्वयंसेवकों, अतिथियों व व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों का भोजन क्षेत्र के समस्त जाति वर्गों के परिवारों से आएगा. संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा मेरठ, मवाना, सरधना में तीन लाख परिवारों से संपर्क किया गया है, प्रत्येक परिवार से दो-दो भोजन के पैकेट मिलेंगे. परिवारों को भोजन के पैकेट बनाने के लिये थैलियां वितरित की गई हैं, जिन पर राष्ट्रोदय का संदेश अंकित है. मुख्य परिसर से 7 से 10 किमी. पहले नौ अलग-अलग स्थानों पर समस्त स्वयंसेवक भोजन करने के पश्चात कार्यक्रम स्थल पर आएंगे. समाज के विभिन्न जाति वर्ग के परिवारों से आए भोजन को स्वयंसेवक नौ पूर्व निर्धारित स्थानों पर स्नेहपूर्वक एक साथ बैठकर ग्रहण करेंगे.

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये हजारों स्वयंसेवक-कार्यकर्ता छह माह से भी अधिक समय से परिश्रम कर रहे हैं. इसके अलावा आयोजन वाले दिन भी हजारों की संख्या स्वयंसेवक विभिन्न व्यवस्थाओं को संचालन करेंगे. सबसे अधिक स्वयंसेवक मुख्य कार्यक्रम स्थल पर प्रबंधन को संभालेंगे, मुख्य परिसर में करीब पांच हजार स्वयंसेवक विभिन्न व्यवस्थाओं को संभालेंगे. वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को संभालने के लिए 150 से अधिक स्वयंसेवक रत होंगे. कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों व अतिथियों के भोजन की व्यवस्था में 4500 के करीब स्वयंसेवक रहेंगे, 1500 स्वयंसेवकों के जिम्मे भोजन पैकेट एकत्रित करने की व्यवस्था रहेगी तथा 3000 स्वयंसेवक भोजन वितरण की व्यवस्था में रहेंगे.

मेरठ प्रांत के पूर्व संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक जी ने कहा कि राष्ट्रोदय कार्यक्रम समाज जागरण और सामाजिक समरसता के उद्देश्य को पूरा करने वाला भव्य आयोजन होगा. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये संघ के स्वयंसेवक परिश्रम कर रहे हैं, इसमें मिल रहा समाज का सहयोग भव्य आयोजन को सफल बनाने में लगे स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन कर रहा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रारंभ से ही समाज को समरसता के सूत्र में पिरोने के लिये प्रयासरत है.

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