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सीएनटी एक्ट संशोधन के विरोध के पीछे चर्च और मिशनरीज़

रांची (विसंकें). सीएनटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सरकार के विरोध में चर्च और मिशनरियों की भूमिका जांच एजेंसियों के सवालों के घेरे में है. विशेष शाखा ने सीएनटी एक्ट में बदलाव को लेकर शुरु हुई कवायद के बाद एक रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 सितंबर को आदिवासी बुद्धिजीवी मंच ने रांची में रैली बुलायी थी, जिसमें रांची, गुमला, खूंटी सिमडेगा लोहरदगा के चर्च द्वारा लोगों को शामिल किया गया. आयोजन में एक पास्टर की बड़ी भूमिका भी रही, जो खूंटी में खुद को मुंडा समाज से जुड़ा बताता है. ऐसे आंदोलनों को फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मिशनरी संस्थाओं द्वारा दिये जाने की बात भी रिपोर्ट में है. कार्यक्रम के आयोजन में बैंक अधिकारी, और दो अन्य की भूमिका अहम है. रिपोर्ट में जिक्र है कि गुमला जिले में एक स्कूल के हेड ने किसी धार्मिक संस्था से घोषणा करवायी कि खास समुदाय के लोग 200 रुपये चंदा दें. वहीं परिवार के एक व्यक्ति को निश्चित रुप से रैली में भेजने को कहा गया था. रैली के दिन प्राथमिक मध्य विद्यालय पालकोट को भी बगैर किसी आदेश के बंद कर दिया गया. स्कूल के छात्रों को रैली में भेज दिया गया. विशेष शाखा की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि धार्मिक संस्थान द्वारा वह ऐलान किया गया कि रैली में नहीं जाने पर 100 रुपये का जुर्माना देना होगा.

इस मुददे पर विहिप के प्रदेश मंत्री सह मीडिया प्रभारी गंगा प्रसाद ने कहा कि चर्च के इशारे पर मिशनरी सीएनटी एक्ट के विरोध को हवा दे रहे हैं. एक सोची-समझी साजिश के तहत झारखंड को अशांत करने की साजिश चल रही है. मतांतरण में इसाई मिशनरियां काम कर रही है. गरीब भोले-भाले आदिवासियों को शिक्षा, रुपये का लोभ देकर मतांतरण कराया जा रहा है. अब तो साबित भी हो चुका है कि मतांतरण में सरकारी पदाधिकारी भी शामिल है. उन्होंने कहा कि विहिप मांग करती है कि ऐसे पदाधिकारी को चिन्हित कर जेल भेजा जाये.

अभाविप के प्रदेश संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि सीएनटी एक्ट के मामले में मिशनरी राज्य के भोले-भाले आदिवासी समुदाय के लोगों को बरगलाने का काम कर रही है. राज्य के विकास में सबसे बड़ा दुश्मन ईसाई मिशनरियां है. मिशनरी एक सुनियोजित साजिश के तहत राज्य में शिक्षा, चिकित्सा के नाम पर मतांतरण करवा रहे है. उन्होंने कहा कि कोई भी जांच एजेंसी या प्राइवेट एजेंसी से जांच करवाकर देखा जा सकता है कि मिशनरी जहां-जहां काम कर रही है. वहां मतांतरण और नक्सली समस्या अत्यधिक है.

बजरंग दल के प्रदेश सह संयोजक रंगनाथ महतो ने कहा कि मिशनरी सीएनटी पर विरोध को हवा दे रहे हैं. एक सोची समझी साजिश के तहत झारखंड को अशांत करने की साजिश चल रही है. मतांतरण में इसाई मिशनरियां काम कर रही है. राज्य सरकार इस पर विशेष ध्यान दे.

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