सीमाओं व अर्थव्यवस्था पर हमला करने वालों को दें मुंहतोड़ जवाब – विहिप Reviewed by Momizat on . नई दिल्ली. साम्राज्यवादी सोच तथा जमीन हड़पने की बढ़ती लालसा के साथ अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने को प्रयासरत चीन की बुद्धि-शुद्धि हेतु विश्व हिन्दू परिषद द्वारा य नई दिल्ली. साम्राज्यवादी सोच तथा जमीन हड़पने की बढ़ती लालसा के साथ अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने को प्रयासरत चीन की बुद्धि-शुद्धि हेतु विश्व हिन्दू परिषद द्वारा य Rating: 0
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सीमाओं व अर्थव्यवस्था पर हमला करने वालों को दें मुंहतोड़ जवाब – विहिप

नई दिल्ली. साम्राज्यवादी सोच तथा जमीन हड़पने की बढ़ती लालसा के साथ अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने को प्रयासरत चीन की बुद्धि-शुद्धि हेतु विश्व हिन्दू परिषद द्वारा यज्ञ का आयोजन किया गया. इस अवसर पर विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ हमारी सीमाओं में घुसने का बारम्बार प्रयास कर हमारे ही धन से हमारे ऊपर हमला करने का दुस्साहस करने वाले तथा हमारी कैलाश मानसरोवर में टांग अड़ाने वाले आतंकियों के पक्षधर चीन को अब सबक सिखाने का समय आ चुका है. भारत के प्रत्येक व्यक्ति को अब प्रतिज्ञा कर चीनी वस्तुओं का सम्पूर्ण बहिष्कार करना होगा. 1962 के युद्ध में 43000 वर्ग किमी भू-भाग को हड़पने वाले चीनी की कुदृष्टि अब हमारे अरुणाचल प्रदेश सहित 90,000 वर्ग किमी पवित्र भूमि पर है. भारत के कुल व्यापार घाटे का 60% हिस्सा चीन के कारण है. इसने हमारे कुल निर्माण के 24% हिस्से पर कब्जा जमा रखा है. परिणाम स्वरूप, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर विश्व में सर्वाधिक होने पर भी, देश बेरोजगारी, पर्यावरण असुरक्षा तथा आर्थिक संकट से गुजर रहा है, साथ ही वह ‘हमारी बिल्ली हमीं को म्याऊं’ की कहावत को चरितार्थ कर रहा है. कार्यक्रम में संकल्प दिलाया कि हम चीन की बनी किसी भी बस्तु का प्रयोग नहीं करेंगे चाहे वह छोटी सी राखी ही क्यों न हो. उपस्थित बहनों ने भारतीय सूती कलावे से अपने हाथ की बनाई हुई राखी को ही रक्षासूत्र के रूप में प्रयोग कर अपने बहादुर सैनिकों के सम्मान की रक्षा करने का आह्वान किया.

दक्षिणी दिल्ली के संत नगर के समीप आस्था कुञ्ज में यज्ञ के उपरान्त प्रवचन करते हुए वैदिक विद्वान सेवक जगवानी जी ने तनाव मुक्ति के विविध आयामों पर प्रकाश डाला. प्रभु कृपा से मिले मानव चोले में रह कर भी यदि हम शारीरिक, मानसिक या बाह्य तनाव में रहते हैं तो इसके लिए हम स्वयं ही जिम्मेवार हैं.

विश्व हिन्दू परिषद तथा आर्य समाज मन्दिर संत नगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चाईनीज बुद्धि-शुद्धि यज्ञ में वैदिक विदुषी विमलेश आर्या के ब्रह्मत्व में प्रात: न सिर्फ पवित्र वेद मन्त्रों के माध्यम से आहुतियाँ दी गईं.

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