हरिद्वार में विहिप का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर Reviewed by Momizat on . विश्व हिन्दू परिषद् दिल्ली के पदाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर गत 19 एवं 20 अप्रैल को हरिद्वार में आयोजित हुआ. भूपतवाला स्थित बसन्त लाल अग्रवाल सेवा सद विश्व हिन्दू परिषद् दिल्ली के पदाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर गत 19 एवं 20 अप्रैल को हरिद्वार में आयोजित हुआ. भूपतवाला स्थित बसन्त लाल अग्रवाल सेवा सद Rating: 0
You Are Here: Home » हरिद्वार में विहिप का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

हरिद्वार में विहिप का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

विश्व हिन्दू परिषद् दिल्ली के पदाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर गत 19 एवं 20 अप्रैल को हरिद्वार में आयोजित हुआ. भूपतवाला स्थित बसन्त लाल अग्रवाल सेवा सदन में शिविर का शुभारम्भ करते हुये विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री दिनेश चन्द्र ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन के कार्य की धुरी होते हैं. यह प्रशिक्षण शिविर कार्यकर्ताओं की दक्षता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा. विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री श्री विनायक राव देशपाण्डे, केन्द्रीय मंत्री श्री महावीर प्रसाद, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री करुणा प्रकाश व दिल्ली के प्रान्त अध्यक्ष श्री स्वदेशपाल गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया. शिविर की विस्तृत जानकारी देते हुये विहिप दिल्ली के महामंत्री श्री रामकृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली की भागम-भाग की जिन्दगी से अलग गंगा के तट पर आयोजित इस दो दिवसीय शिविर में हिन्दू संस्कृति, कार्यकर्ता की भूमिका, सत्संगों का महत्व तथा विहिप का स्वर्ण जयन्ती वर्ष इत्यादि विषयों पर गंभीर चिन्तन-मनन किया गया.

समापन समारोह को सम्बोधित करते हुये श्री दिनेश चन्द्र ने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता के लिए यह आवश्यक है कि वह विविध मत-पंथ-संप्रदायों वाले हिन्दू समाज के हर वर्ग को साथ लेकर प्रत्येक क्षेत्र में कार्य को निरन्तर गति देता रहे. विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री श्री विनायक राव देशपाण्डे ने कहा कि देश के महान संतों और समाज के प्रतिष्ठित प्रबुद्ध जनों द्वारा 1964 में स्थापित विहिप रूपी पौधा अब एक वट वृक्ष का रूप तो धारण कर चुका है, किन्तु समाज के लिये अभी बहुत कुछ करना बाकी है. विपरीत परिस्थितियों में भी हम सभी को संतों के मार्गदर्शन को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना होगा. शिविर में सवा सौ से भी अधिक कार्यकर्ता शामिल हुये.

About The Author

Number of Entries : 3721

Comments (1)

Leave a Comment

Scroll to top