हिंदुत्व में ही समस्त समस्याओं का समाधान : परम पूज्य सरसंघचालक Reviewed by Momizat on . [caption id="attachment_6994" align="alignleft" width="300"] महाकौशलर प्रांत के सागर में कार्यक्रम[/caption] जबलपुर (विसंके). सागर में आयोजित विशाल एकत्रीकरण मे [caption id="attachment_6994" align="alignleft" width="300"] महाकौशलर प्रांत के सागर में कार्यक्रम[/caption] जबलपुर (विसंके). सागर में आयोजित विशाल एकत्रीकरण मे Rating: 0
You Are Here: Home » हिंदुत्व में ही समस्त समस्याओं का समाधान : परम पूज्य सरसंघचालक

हिंदुत्व में ही समस्त समस्याओं का समाधान : परम पूज्य सरसंघचालक

महाकौशलर प्रांत के सागर में कार्यक्रम

महाकौशलर प्रांत के सागर में कार्यक्रम

जबलपुर (विसंके). सागर में आयोजित विशाल एकत्रीकरण में सरसंघचालक परम पूज्य डॉ मोहन भागवत जी ने कहा कि हिन्दुत्व ही एक मात्र रास्ता है जो विविधता में सभी को समभाव से स्वीकार करता है. उन्होंने गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर के लेख स्वदेशी समाजके अंश का हवाला दिया. देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने का समर्थन करते हुये कहा कि वे संघ के करीब आयें और संघ को समझने का प्रयास करें. समृद्धि, सुरक्षा एवं विकास के लिये हमें पहले सबल बनना होगा. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने देश के विकास में अपेक्षित इच्छाशक्ति से काम नहीं किया. यही वजह है कि हम स्वतंत्र तो हुये पर दुखों का भार हल्का नहीं हुआ. योजनाएं बनीं, पैसा खर्च हुआ, काम हुआ, पर हमें अपेक्षित परिणाम नहीं मिला. हमारी सीमा के शत्रु भी बाज नहीं आ रहे, हमारा देश शक्ति सम्पन्न होगा, तभी हम सुरक्षित होंगे. अच्छा देश बनाने के लिये श्रेष्ठ नागरिकों का निर्माण जरूरी है.

उन्होंने इजराइल का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल छोटा सा रेगिस्तानी और मुट्ठी भर आबादी वाला देश जो भारत के साथ ही अस्तित्व में आया, इसकी आजादी के साथ ही आठ पड़ोसी देशों ने हमला कर दिया. इस छोटे से देश ने पांच लड़ाईयां लड़ी, अपनी मातृभूमि का डेढ़ गुना विस्तार किया और सिर उठाकर खड़ा हो गया. यह देश आज शक्तिसंपन्न व पूर्ण विकसित राष्ट्र बन गया है. वहां के नागरिकों (यहूदियों) की ओर देखने वालों की आंख भी सलामत नहीं रहती. इजरायल आज पूरी दुनिया को अन्न व फल की आपूर्ति कर रहा है. हमारे वैज्ञानिक भी इस रेतीली जमीन और जलसंकट वाले देश की तकनीक सीखने जाते हैं. सरसंघचालक जी ने कहा कि देश को बड़ा बनाने के लिये संसाधनों से ज्यादा देशभक्ति की भावना की जरूरत rss sagar 4है. संघ के बारे में देश और दुनिया में तरह तरह के विचार व्यक्त किये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिये सभी प्रकार के भेदभाव भुलाकर अपने लोंगों को बड़ा बनाने का संस्कार चाहिये और संघ यही कार्य करता है. संघ न तो व्यायामशाला है, न अर्द्ध सैनिक बल है और न ही कोई पार्टी है. लोग अपनी अपनी समझ में संघ को नापते रहते हैं. देशवासियों में संस्कार जगाने के अभियान में हम जुटे हैं. संघ क्या है, अनुभव से समझिए. संघ पिछले 90 वर्षो से समाज संगठन के काम में जुटा है. संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदुत्व ही सामाजिक सद्भाव एवं विकास का एकमात्र रास्ता है. संघ के स्वयंसेवक बिना किसी सरकारी मदद के देशभर में अनगिनत सेवा के कार्य चला रहे हैं.

 

 

महाकौशल प्रांत के सागर में पथ संचलन

महाकौशल प्रांत के सागर में पथ संचलन

About The Author

Number of Entries : 3628

Comments (1)

  • Dalipkumar

    appreciate above article.People should under stand Hindutav in right sense then we will able to solve our all problems

    Reply

Leave a Comment

Scroll to top