2016 में शुरू होगा मंदिर निर्माण : वेदांती Reviewed by Momizat on . आगरा. राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने 2016 में अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के प्रारम्भ होने आगरा. राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने 2016 में अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के प्रारम्भ होने Rating: 0
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2016 में शुरू होगा मंदिर निर्माण : वेदांती

vhpआगरा. राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने 2016 में अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के प्रारम्भ होने की आशा व्यक्त की है.

उनकी आसा का आधार यह है कि 2016 में भाजपा को राज्यसभा में भी बहुमत मिल जायेगा. इसके बाद मंदिर निर्माण का श्रीगणेश हो जायेगा. वे संघ के सह कार्यवाह कृष्ण गोपाल के पिता के त्रयोदशी संस्कार में भाग लेने आये थे.

मीडिया से बातचीत में डॉ. वेदांती ने कहा कि राम जन्मभूमि के संबंध में सुप्रीम कोर्ट फैसला नहीं कर सकता. यूं कहें कि इस प्रक्रिया में बहुत देर लगेगी. लिहाजा संसद में कानून बनाना होगा. भाजपा को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत मिल गया था. अब राज्यसभा में बहुमत का इंतजार है. इसके बाद सरकार पर विधेयक लाने को दबाव बनाया जायेगा. यही देश-विदेश के हिंदू और संत-महंतों की इच्छा है कि विधेयक के बाद 67 एकड़ भूमि न्यास को सौंप दी जाये.

उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता, गौ हत्या बंदी भाजपा के एजेंडे में शामिल रहा है. धर्मांतरण के मुद्दे पर डा. वेदांती ने कहा कि इस पर रोक लगानी चाहिये. कानून बनाना होगा. ईसाइयों को दिया जायेगा जवाब. दरअसल, मिशनरी गरीबों, दलितों को पैसा, सुविधायें और तमाम प्रलोभन देकर धर्मांतरण करा रहे हैं. इन्हें रोकने के लिये आरएसएस और हिंदूवादी संगठन वनवासी क्षेत्रों में सेवायें दे रहे हैं. गरीबों के बच्चों को बेहतर सुविधायें, शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है. पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है. प्लानिंग की जा रही है.

लाखों मुस्लिम वापसी को तैयार

वेदांती ने एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 1984 में राम-जानकी रथ यात्रा के दौरान सुल्तानपुर में एक मुस्लिम सज्जन उनके पास आये थे. उन्होंने एक ईंट और 11 हजार रुपये उन्हें दिये और कहा कि इसे हमारे पूर्वजों के मंदिर में लगवा दें. उसकी आंखों में वापसी की ललक थी. अब तक ऐसे हजारों उदाहरण उनके जीवन में आये हैं. सभी अपने असली धर्म में आने को लालायित हैं.

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