You Are Here: Home » Articles posted by admin (Page 6)
admin

Number of Entries : 3722

15 नवम्बर / जन्मदिवस – प्रयोगधर्मी शिक्षक गिजूभाई

नई दिल्ली. शिक्षक वह दीपक है, जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशमान करता है. इस प्रसिद्ध कहावत को गिजूभाई के नाम से प्रसिद्ध प्रयोगधर्मी शिक्षक गिरिजाशंकर वधेका जी ने पूरा कर दिखाया. 15 नवम्बर, 1885 को चित्तल (सौराष्ट्र, गुजरात) में जन्मे गिजूभाई के पिता अधिवक्ता थे. आनन्द की बात यह रही कि वे अध्यापन छोड़कर वकील बने, जबकि गिजूभाई उच्च न्यायालय की अच्छी खासी चलती हुई वकालत छोड़कर शिक्षक बने. गिजूभाई वकालत के सिल ...

Read more

परमार्थ और सबका कल्याण भारतीय संस्कृति के मूल में है – इंद्रेश कुमार जी

सोनीपत (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि भारत भूखण्डों का संकलन नहीं है, जैसे की अन्य देश हैं. इसी प्रकार हिन्दुस्तान की संस्कृति में एकात्म है. जिसका मूल परमार्थ और सर्वकल्याण है. भारतीय संस्कृति बीज की तरह अभिन्न है. जिस तरह बीज के अंदर ही एक पूरा वृक्ष, उसके पत्ते, फूल व टहनियां निहित हैं, उसी प्रकार भारत का समाज एकात्म है. उन्होंने कहा कि आ ...

Read more

सामाजिक परिवर्तन की गति बढ़ाना आवश्यक – डॉ. मोहन भागवत जी

पुणे (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ विचार के कार्य का प्रभाव सर्वदूर बढ़ रहा है. इस प्रभाव से परिवर्तन दिख रहा है. इस सामाजिक परिवर्तन की गति बढ़ाने की आवश्यकता है. सरसंघचालक जी ने कार्यकर्ताओं से कार्य की गति बढ़ाने का आह्वान किया. सरसंघचालक जी संघ विचार से प्रेरित होकर काम करने वाले विभिन्न संगठनों तथा संस्थाओं के कार्य की समीक्षा, संगठनात्मक विकास, सेवा का ...

Read more

संघ की शाखा व्यक्ति निर्माण का तंत्र – पराग जी अभ्यंकर

पाली, जोधपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  द्वारा रविवार को पाली विभाग का गुणवत्ता पथ संचलन निकाला गया. जिसमें पूर्ण गणवेश में सैकड़ों स्वंयसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर भाग लिया. एक लय में घोष की ताल पर एक साथ उठते कदम, घोष दंड के संकेतों से पूरी कतार पर नियंत्रण और समय की पाबंदी देख लोग आश्चर्य चकित हो गए. घोष की ध्वनि ने शहर वासियों में जोश भर दिया, जहाँ जहाँ से भी संचलन निकला पूरे रास्ते में माहौल जय ...

Read more

राष्ट्रहित के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता – अनिल कुमार जी

वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए चुनौतियां पैदा कीं राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन एवं फिल्मोत्सव सम्पन्न फरीदाबाद (विसंकें). वाईएमसीए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार जी ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है. वेब जर्नलिज्म और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के लिए कई चुनौतियां पैदा की हैं. इनका सामना करने के लिए मीडिया के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे नई तकनीकों से स्व ...

Read more

केंद्रीय विवि में सूचना से संवाद पुस्तक का विमोचन

धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में 'सूचना से संवाद' नामक पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया. दिव्य हिमाचल दैनिक में फीचर संपादक रहे विवि के दीनदयाल कौशल विकास अध्ययन केन्द्र के असिस्टेन्ट प्रोफेसर डॉ. जयप्रकाश सिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'सूचना से संवाद' का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र कुमार जी, केंद्रीय विवि के वीसी डॉ. कुलदीप अग्निहो ...

Read more

समाज में जागरूकता लाने के लिए मीडिया दे सकता है अहम योगदान – विजय कुमार जी

दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया सेमीनार का आयोजन फरीदाबाद (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा के प्रांत प्रचारक विजय कुमार जी ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति सभी देशों की संस्कृति से महान है, लेकिन गलत शिक्षा पद्धति के कारण हमारी संस्कृति में गिरावट आई है. हमें अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए आगे आना होगा और इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा. लोगों में जागरूकता लाने का काम मीडिया ही कर सकता है. व ...

Read more

जीवन में सफलता के साथ सार्थकता भी जरूरी है – डॉ. मोहन भागवत जी

पुणे (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि बिना सफलता के संतुष्टि नहीं मिलती है. सफलता के साथ सार्थकता पाने के लिए भी प्रयास करना पड़ता है. सरसंघचालक जी पुणे में लता मंगेशकर मेडिकल फाउंडेशन के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में कुसालकर एटॉमिक व एक्स-रे सेंटर का लोकार्पण करने के पश्चात गणमान्यजनों को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में उन्होंने मानव स्वभाव के साथ ही अन्य कई विषयों ...

Read more

10 नवम्बर / जन्मदिवस – राष्ट्रयोगी दत्तोपंत ठेंगड़ी

नई दिल्ली. दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी का जन्म दीपावली वाले दिन (10 नवम्बर, 1920)  को ग्राम आर्वी, जिला वर्धा, महाराष्ट्र में हुआ था. वे बाल्यकाल से ही स्वतन्त्रता संग्राम में सक्रिय रहे. वर्ष 1935 में वे ‘वानरसेना’ के आर्वी तालुका के अध्यक्ष थे. जब उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार जी से हुआ, तो संघ के विचार उनके मन में गहराई से बैठ गये. उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे, पर दत्तोपन्त जी एमए तथा कानून की शिक्षा पूर्णक ...

Read more

9, 10 नवम्बर / बलिदान दिवस – अमर हुतात्मा भाई मतिदास, सतिदास एवं दयाला

नई दिल्ली. गुरु तेगबहादुर के पास जब कश्मीर से हिन्दू, औरंगजेब के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने आये, तो वे उससे मिलने दिल्ली चल दिये. मार्ग में आगरा में ही उनके साथ भाई मतिदास, भाई सतिदास तथा भाई दयाला को बन्दी बना लिया गया. इनमें से पहले दो सगे भाई थे. औरंगजेब चाहता था कि गुरुजी मुसलमान बन जायें. उन्हें डराने के लिए इन तीनों को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, पर गुरुजी विचलित नहीं हुए. औरंगजेब ने स ...

Read more
Scroll to top