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विश्व कल्याण का मार्ग भारत से होकर ही निकलेगा – भय्याजी जोशी

हिन्दू एक होने की बात करता है, एक जैसा होने की नहीं जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश (भय्याजी) जोशी ने कहा कि देश के विकास में आज सबसे बड़ी बाधा हीनता का भाव है. लोग दूसरे देशों या संस्कृति से खुद को हीन समझने लगे हैं. भारत को जापान, चीन अमेरिका जैसे दूसरे देशों का अनुकरण करने के बजाय भारत को भारत रहने की आवश्यकता है. देश के युवाओं में हीनता को छोड़कर संस्कृति, भाषा, विचार आदि के ...

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कार्यकारी मंडल बैठक में पर्यावरण और जल संरक्षण पर होगी चर्चा

संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक आरंभ मुंबई (विसंकें). मुंबई के केशव सृष्टि परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आज आरम्भ हुई. बैठक का आरम्भ सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और सरकार्यवाह सुरेशजी जोशी ने छत्रपति शिवाजी महाराज तथा भारत माता के चित्र को पुष्पांजली अर्पित करके किया. इस अवसर पर रामभाऊ म्हालगी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वय ...

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जो शाश्वत है, वही सनातन धर्म है और वही हिन्दुत्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समय बदलता है, परिस्थितियां बदलती हैं. लेकिन मनुष्य के जीवन में बहुत कुछ ऐसा शाश्वत होता है, जिसको कभी बदल नहीं सकते और उस पर ही पैर गढ़ाकर, अड़ाकर बदलते समय के झोकों का सामना करते हुए मनुष्यता आगे बढ़ती है. वो जो शाश्वत है, वही सनातन धर्म है और वही हिन्दुत्व है. उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के परकीय आक्रमणों के बाद भी हिन्दुस्थान है, ...

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विश्व को धर्म व एकता का संदेश देने का दायित्व भारत का है – डॉ. मोहन भागवत जी

द्वितीय वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस, शिकागो में सरसंघचालक जी के उद्बोधन के अंश शिकागो. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हम विश्व को उत्तम बनाना चाहते हैं और हमारी प्रभुत्व की कोई आकांक्षा भी नहीं है. पूर्व में विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दू साम्राज्य थे, उन पर हिन्दू संस्कृति का प्रभाव आज भी विद्यमान है. और आश्चर्य है कि वहां के स्थानीय लोगों ने ही उसे पोषित किया है, व आगे ...

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संस्कारयुक्त शिक्षा वर्तमान समय की अनिवार्यता – सुरेश सोनी जी

उज्जैन में आयोजित विराट गुरुकुल सम्मलेन का समापन उज्जैन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी जी ने कहा कि मनुष्य एक जीवमान इकाई है. आप उसे मशीन नहीं बना सकते. अगर वह मशीन बनेगा तो शिक्षा के क्षेत्र में रिक्तता आएगी. इसलिए आज के समय में संस्कार युक्त शिक्षा होनी चाहिए, जो मनुष्य के जीवन को आदर्श बनाए. सह सरकार्यवाह उज्जैन में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन के ...

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जीविका के साथ जीवन की भी मिले शिक्षा – डॉ. मोहन भागवत जी

उज्जैन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ आजीविका ही नहीं दे, जीवन के लिए भी शिक्षा आवश्यक है. शिक्षा में जीवन के लिए दृष्टिकोण होना चाहिए, जो मूल्य आज हम परिवार में देखते हैं, उनका प्रकटीकरण भी गुरुकुल शिक्षा में होना चाहिए. सरसंघचालक जी महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रह ...

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संगठित समाज ही सब समस्याओं का हल है – सुरेश चंद्र जी

जाग्रत हिन्दू महासंगम - शक्ति नगरी पोकरण में ऐतिहासिक पथ संचलन पोकरण, जोधपुर (विसंकें). अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश चंद्र जी ने कहा कि अपने समाज की जातियां यह एक व्यवस्था है, परंतु जातिवाद का अहंकार यह उचित नहीं. सब जातियां इस विराट हिन्दू समाज के ही अंग हैं. कोई अंग कमजोर होने पर संपूर्ण समाज कमजोर होता है. हम जानते हैं कि किसी भी जाति के श्रेष्ठ व्यक्ति ने समाज और धर्म के हित के कार्य किए हैं, ऐसे सभ ...

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सत्य के पीछे शक्ति खड़ी हो तो सारी दुनिया उसे स्वीकार करती है – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर (विसंकें). नागपुर में सप्तसिंधु जम्मू कश्मीर लद्दाख महा उत्सव का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर लद्दाख गिलगित बाल्टिस्तान भारत का अविभाज्य अंग है. हम एक हैं, एक थे और एक रहेंगे. हम सभी भारतीय एक हैं. उन्होंने कहा कि लोग नहीं जानते कि जम्मू- कश्मीर में कोई आचार्य अभिनवगुप्त हो गए जो शैव मत के प्रणेता थे. शैव मत को मानने वाले सभी एक ...

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सूर्य की भांति हमारा राष्ट्र स्थिर, अमर एवं चिरंतन है – डॉ. मोहन भागवत जी

कट्टर हिन्दुत्व यानि कट्टर सत्यनिष्ठा, कट्टर अहिंसा, कट्टर अस्तेय, कट्टर ब्रह्मचर्य, कट्टर अपरिग्रह, कट्टरता उदारता के लिये मेरठ (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संपूर्ण दुनिया 2000 वर्षों तक अनेक प्रकार के प्रयोग करके थुक चुकी है. भौतिक संसाधनों के विकास से सुविधाएं तो प्राप्त हुईं, लेकिन जीवन में सुःख, समाधान व शांति प्राप्त नहीं हुए. विश्व में कलह नहीं मिटी, दुः ...

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सामाजिक समरसता को गति देगा राष्ट्रोदय का आयोजन

हिन्दवः सोदरा सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत् – श्री गुरूजी (द्वितीय सरसंघचालक) यदि अस्पृश्यता पाप नहीं, तो कुछ भी पाप नहीं – बालासाहब देवरस (तृतीय सरसंघचालक) राष्ट्रीय स्वयंसवक संघ अपने प्रारंभ काल से ही सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए दोनों पूर्व सरसंघचालकों के कथन को सार्थक कर रहा है. समरसता संघ की कार्यशैली का भाग है. इसी कड़ी में समाज के विशाल वर्ग के मध्य समरसता के संदेश को दृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट ...

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