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हमें सभी भेदभाव भूलकर समरस समाज का निर्माण करना है – सुरेश सोनी जी

रायसेन (विसंकें). रायसेन के ऐतिहासिक दशहरा मैदान पर आज (21 फरवरी) समरसता कुम्भ ने इतिहास रचा. मैदान पर साधारणत: रावण वध के लिए प्रतिवर्ष दशहरे के दिन रायसेन नगर के लोग एकत्रित होते हैं. किंतु आज रायसेन जिला के हर वर्ग, जाति समाज के महिला और पुरुष सिर्फ एक ही भाव से आ रहे थे कि हम सब जाति भाषा वर्ग भेद छोड़कर सब एकरस हिन्दू समाज हैं, एक भारत माता की सन्तान हैं. विराट आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर ...

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कण-कण में भगवान को मानने वाला समाज, हर बंधु अपना भाई है, इसे अपने व्यवहार में उतारे – सुरेश सोनी जी

श्योपुर, मध्यप्रदेश (विसंकें). रविवार को श्योपुर में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया. हिन्दू सम्मेलन में हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने संदेश दिया कि हिन्दू समाज न सिर्फ संगठित है, बल्कि समाज की एकता भी बरकरार है. कार्यक्रम से पूर्व नगर में विशाल कलश एवं शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होकर निकाली गई. कलश यात्रा में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से उपस्थित मातृशक्ति ने आयोजन को सफल बनाया. आदिवासी नृत्य और यु ...

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मूल्य आधारित परंपरा के कारण दुनिया में है भारत का सम्मान – डॉ. मोहन भागवत जी

वाराणसी (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि दुनिया में हमारी सनातन परंपरा अनादि काल से चली आ रही है. हमने दुनिया को ज्ञान विज्ञान आयुर्वेद सभ्यता संस्कृति एवं संस्कार दिये. इसी कारण आज दुनिया में भारत के प्रति आदर का भाव है. संघ समागम का मतलब भीड़ इक्ठ्ठा करना नहीं है. बल्कि एक ध्येय के लिए सभी का एकत्रित होना है. यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक लक्ष्य की प्रप्ति के ल ...

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स्वयंसेवकों का समर्पण ही संघ के निरंतर विकास का आधार – सह सरकार्यवाह जी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर केंद्रित पुस्तकों का लोकार्पण ‘हमारे डॉ. हेडगेवार जी’, ‘हमारे श्रीगुरुजी’, ‘हमारे बालासाहब देवरस’, ‘हमारे रज्जू भैया’ तथा ‘हमारे सुदर्शन जी’ का लोकार्पण पटना. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने इंदिरा गांधी तारामंडल स्थित सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर ...

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भारत की संस्कृति एकता की विविधता की बात करती है – डॉ. मोहन भागवत जी

पटना (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ का स्वयंसेवक स्वयं की प्रेरणा से काम करता है. संगठन किसी के भय, प्रतिक्रिया व प्रतिरोध में काम नहीं करता. भारत की संस्कृति विविधता में एकता की बात नहीं, बल्कि एकता की विविधता की बात करती है. वे राजेन्द्र नगर स्थित शाखा मैदान में स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे. संघ कार्य का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि ब ...

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सब लोग तन-मन-धन से देशहित में काम करेंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

मुजफ्फरपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर - पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के संघ कार्यकर्ताओं की बैठक का समापन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के उद्बोधन से हुआ. 08 फरवरी से सदातपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में संघ कार्यकर्ताओं के अलग-अलग समूहों की बैठक हो रही है. अंतिम बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि पूरे विश्व के बुद्धिजीवियों का एक ही मत है कि सद्गुण संप ...

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भेदभाव मुक्त समाज का निर्माण करना ही संघ का उद्देश्य – डॉ. मोहन भागवत जी

मुजफ्फरपुर (विसंकें). बिहार, झारखण्ड के सभी 24 विभागों के 58 जिलों से चयनित किसान कार्यकर्ताओं की बैठक शहर के सदातपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सह भारती शिक्षण संस्थान के प्रांगण में संपन्न हुई. बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का जैविक खेती सह ग्राम विकास हेतु प्रेरक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. सरसंघचालक जी ने कहा कि जिन लोगों ने रासायनिक खेती करके अपनी भूमि को मात्र 400 वर्षों ...

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शिक्षा मनुष्य के जीवन को अर्थपूर्ण बनाती है – डॉ. मोहन भागवत जी

भारत भारती के वार्षिकोत्सव में महानाट्य जाणता राजा का ऐतिहासिक मंचन बैतूल, मध्यभारत (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि मनुष्य सोचता है कि पढ़ - लिखकर क्या करूंगा, कितना बड़ा बनुंगा. परंतु विद्या मात्र पेट भरने का साधन नहीं है, सिर्फ आजीविका सिखाने वाली चीज नहीं है. शिक्षा मनुष्य के जीवन में लक्ष्य देती है, शिक्षा मनुष्य के जीवन को अर्थपूर्ण बनाती है, शिक्षा मनुष्य के ...

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समाज की परख स्त्रियों के प्रति उसके व्यवहार से होती है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). कोई समाज कितना सभ्य है, उसकी परख उस समाज में स्त्रियों के प्रति व्यवहार से होती है. भारतीय समाज में स्त्री और पुरूष को लेकर छह-सात सौ वर्षों को छोड़ दें तो भेदभाव कभी नहीं रहा. यह कहना था - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी का. भारतीय जन संचार संस्थान में आयोजित भारतीय विचार और व्यवहार में स्त्री शक्ति विषय पर आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डॉ. कृष्णगोपा ...

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खोई हुई समृद्धता देश को वापस करना, यही हमारा राष्ट्रीय मिशन – डॉ. मोहन भागवत जी

मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत का व्यापार समृद्ध होगा तो विश्व का भी समृद्ध होगा. इसके लिए कुछ बदलाव भी करने होंगे. रोजगार को बढ़ावा देना होगा. व्यापार का हर एक सदस्य परिवार का हिस्सा समझकर चलना होगा. व्यापार करते समय अपनी पूंजी पर ध्यान देना होगा. साहस, बुद्धि, शक्ति, धैर्य, प्रयास, विजीगिषु वृत्ति यह हमारी पूंजी है. तथा निद्रा, तंद्रा, क्रोध, आलस यह ...

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