You Are Here: Home » विचार (Page 2)

जिन्ना महान कैसे – जिन्ना ने कभी नहीं की दंगे रुकवाने की कोशिश

कांग्रेस में हाल ही में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने जिस जिन्ना की तारीफ में कसीदे पढ़े. जिस मोहम्मद अली जिन्ना का भी देश की तरक्की और आजादी में योगदान बताया. वह जिन्ना लाखों हिन्दुओं और सिक्खों के गुनहगार हैं. रावलपिंडी में मुस्लिम लीग के गुंडों ने जमकर हिन्दुओं और सिक्खों को मारा, उनकी संपति लूटी गई. पर, जिन्ना ने कभी अपने लोगों से दंगा रुकवाने की अपील नहीं की. अगस्त, 1947, भारत में लगभग 300 वर्ष रहने के ...

Read more

संघ और गांधीजी

चुनाव का शंख बज चुका है. सभी दल अपनी-अपनी संस्कृति और परम्परा के अनुसार चुनावी भाषण भी दे रहे हैं. एक दल के नेता ने कहा कि इस चुनाव में आपको गांधी या गोडसे के बीच चुनाव करना है. एक बात मैंने देखी है. जो गांधी जी के असली अनुयायी हैं, वे अपने आचरण पर अधिक ध्यान देते हैं, वे कभी गोडसे का नाम तक नहीं लेते. संघ में भी गांधी जी की चर्चा तो अनेक बार होती देखी है, पर गोडसे के नाम की चर्चा मैंने कभी नहीं सुनी है. पर ...

Read more

स्वतंत्रता संग्राम में सामूहिक आत्मबलिदान का अनुपम प्रसंग

इतिहास साक्षी है कि भारत की स्वतंत्रता के लिए भारतवासियों ने गत 1200 वर्षों में तुर्कों, मुगलों, पठानों और अंग्रेजों के विरुद्ध जमकर संघर्ष किया है. एक दिन भी परतंत्रता को स्वीकार न करने वाले भारतीयों ने आत्मबलिदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मात्र अंग्रेजों के 150 वर्षों के कालखंड में हुए देशव्यापी स्वतंत्रता संग्राम में लाखों बलिदान दिए गए. परन्तु अमृतसर के जलियांवाला बाग में हुए सामूहिक आत्मबलिदान ने अनग ...

Read more

आर्टिकल 370 – शेख अब्दुल्ला की ज़िद पर नेहरू ने संविधान सभा में पास कराया विघटनकारी अनुच्छेद

न तो शेख अब्दुल्ला और न ही गोपालस्वामी स्थायी है. भारत सरकार की ताकत और हिम्मत पर भविष्य निर्भर करेगा और अगर हमें अपनी ताकत पर भरोसा नहीं होगा, तो हम एक राष्ट्र के रूप में मौजूद नहीं रह पाएंगे - सरदार पटेल सरदार पटेल नहीं चाहते थे विघटनकारी अनुच्छेद 370 आईसीएस अधिकारी रहे वी. शंकर अपनी किताब ‘माय रेमिनिसेंस ऑफ सरदार पटेल’ में लिखते हैं कि संविधान सभा की सामान्य छवि को सबसे ज्यादा खतरा उस प्रस्ताव से हुआ जो ...

Read more

हिन्दुस्थान भारतवासियों का है और पूर्ण स्वराज्य हमारा ध्येय है – डॉ. हेडगेवार

मैं अच्छी तरह जानता हूं कि मातृभूमि के भक्तों को दमन की चक्की में पीसने वाली सरकार पर मेरे कथन का कोई भी परिणाम नहीं होने वाला है. फिर भी मैं इस बात को दोहराना चाहता हूं कि हिन्दुस्थान भारतवासियों के लिए ही है और पूर्ण स्वराज्य हमारा ध्येय है. आज तक ब्रिटिश प्रधानों एवं शासकों द्वारा उद्घोषित ‘आत्म निर्णय’ का नारा यदि कोरा ढोंग मात्र है तो सरकार खुशी से मेरे भाषण को राजद्रोहात्मक समझे, पर ईश्वर के न्याय पर ...

Read more

भारतीय कालगणना ही पूर्ण वैज्ञानिक है

वर्ष-प्रतिपदा (06 अप्रैल) से युगाब्द 5121 विक्रमी 2076 तथा शालिवाहन शक संवत्‌ 1941 का शुभारम्भ हो रहा है. अंग्रेजों के भारत में आने के पहले तक भारत का जन-समुदाय इन्हीं संवतों को मानता था. समाज की व्यवस्था ऐसी थी कि बिना किसी प्रचार के हर व्यक्ति को तिथि, मास व वर्ष का ज्ञान हो जाता था. अमावस्या को स्वतः ही बाजार व अन्य काम-काज बन्द रखे जाते थे. एकादशी, प्रदोष आदि पर व्रत-उपवास भी लोग रखते थे. तात्पर्य यह है ...

Read more

भारत का अध्यात्म आधारित विचार सर्वसमावेशी (inclusive) और उदार है

मेरे परिचित परिवार की एक छात्रा जयपुर में पढ़ती है. जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल में वह स्वयंसेवी (वालंटियर) के नाते जुड़ी थी. पहले दिन के बाद उसने अपना अनुभव बताया कि सभी सत्रों में, वक्ताओं और प्रबंधकों में भी ‘लेफ़्ट’ का साफ प्रभाव और वर्चस्व दिखता है. मुझे यह जानकर आश्चर्य नहीं हुआ, अपेक्षित था. परंतु उसने एक और अनुभव बताया कि उनकी टीम लीडर, जो एक घोर वामपंथी एक्टिविस्ट है, ने सहज बातचीत में कहा कि इस बार हम ...

Read more

वह रात, जब कश्मीर घाटी में इस्लामिक आतंकवादियों ने 24 हिन्दुओं को बेहरहमी से मार डाला

रामकिशन धर वर्ष 2018 में एक अंग्रेजी पत्रिका को बताते हैं कि, “बगल वाली मस्जिद से पंडितों और भारत के खिलाफ ऊंची आवाज में नारे लगने शुरू होते ही हम समझ जाते थे कि हमारा यहाँ से जाने का समय आ गया है.” ऐसा 1989 से लगातार होता रहा और आज जम्मू-कश्मीर हिन्दुओं से लगभग खाली हो चुका है. साल 1994 तक 2 लाख और 2003 तक विस्थापितों की संख्या 3 लाख से भी ऊपर चली गयी. इस साल तक वहां मात्र 7823 हिन्दू बचे थे. नाड़ीमर्ग नरस ...

Read more

छत्तीसिंहपुरा – जब इस्लामिक आतंकियों ने किया था 36 सिक्खों का नरसंहार

दिसंबर 2000 में भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया. उनमें से एक आतंकी सियालकोट का रहने वाला मोहम्मद सुहैल मलिक था. वह अक्तूबर 1999 में चोरी-छिपे भारत में घुसा था. सेना की एक चौकी और बस पर हुए आतंकी हमलों में शामिल, सुहैल का न्यूयॉर्क टाइम्स के एक पत्रकार ने जेल में इंटरव्यू लिया. जिसमें उसने खुलासा किया कि छत्तीसिंहपुरा नरसंहार की घटना में वह भी शामिल था. जिसका उसे कोई ख ...

Read more

इंदौर और मेरठ की घटनाओं पर मीडिया ने क्यों साधी चुप्पी

मेरठ में मुसलमानों की भीड़ अतिक्रमण हटाने के विरोध में पुलिस पर फायरिंग करती है. बसें तोड़ दी जाती हैं. इंदौर में एक स्कूल बस के नीचे बकरी का बच्चा आने के बाद मुसलमानों की भीड़ बच्चों की बस पर पथराव करती है. हाथ जोड़ते बच्चों पर भी उसे दया नहीं आती. वहीं सेकुलर मीडिया का एकांगी और पूर्वाग्रही रवैया बार बार सामने आने से आम लोगों में पनपती नाराजगी सोशल मीडिया पर दिखाई देती है. ड्राईफ्रूट बेचते हुए कुछ कश्मीरि ...

Read more

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe now to get notified about VSK Bharat Latest News

Scroll to top