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13 अप्रैल / इतिहास स्मृति – अंग्रेजों के अत्याचारों की पराकाष्ठा “जलियांवाला बाग कांड”

नई दिल्ली. भारत की स्वतन्त्रता के लिये संघर्ष के गौरवशाली इतिहास में अमृतसर के जलियाँवाला बाग का अप्रतिम स्थान है. इस आधुनिक तीर्थ पर हर देशवासी का मस्तक उन वीरों की याद में स्वयं ही झुक जाता है, जिन्होंने अपने रक्त से भारत की स्वतन्त्रता के पेड़ को सींचा. 13 अप्रैल, 1919 को बैसाखी का पर्व था. इसे पूरे देश में ही मनाया जाता है, पर खालसा पन्थ की स्थापना का दिन होने के कारण पंजाब में इसका उत्साह देखते ही बनता ...

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8 अप्रैल/ बलिदान दिवस – क्रांति की ज्वाला धधकाने वाले क्रांतिवीर मंगल पांडे

नई दिल्ली. देश को अंग्रेजों की परतंत्रता से मुक्त करवाने के लिये 1857 में ज्वाला को धधकाने वाले क्रांतिवीर थे........मंगल पांडे. अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था. कुछ लोग इनका जन्म ग्राम सहरपुर (जिला साकेत, उत्तर प्रदेश) तथा जन्मतिथि 19 जुलाई, 1827 भी मानते हैं. युवावस्था में ही वे ...

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05 अप्रैल / जन्मदिवस – अधीश कुमार जी, एक असाधारण व्यक्तित्व

नई दिल्ली. अधीश कुमार जी का जन्म आगरा के एक संघ सहयोगी परिवार में 17 अगस्त, 1955 को हुआ था. अधीश जी के पिताजी जगदीश नारायण भटनागर एक विद्यालय में प्रधानाचार्य रहे. परिवार में पिताजी, माताजी श्रीमती उषादेवी, भाई सर्वश्री अवनीश, आशुतोष, आशीष, बहन श्रीमती पूनम हैं. अधीश जी सभी भाई-बहनों में सबसे बड़े थे. आगरा कालेज से बीएससी करने के पश्चात् उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की. 1968 में विद्या भारती के पूर्व संग ...

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03 अप्रैल / जन्म दिवस – वीरता की मिसाल फील्ड मार्शल मानेकशा

नई दिल्ली. 20वीं शती के प्रख्यात सेनापति फील्ड मार्शल सैम होरमुसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशा का जन्म 3 अप्रैल 1914 को एक पारसी परिवार में अमृतसर में हुआ था. उनके पिता जी वहां चिकित्सक थे. पारसी परम्परा में अपने नाम के बाद पिता, दादा और परदादा का नाम भी जोड़ा जाता है, पर वे अपने मित्रों में अंत तक सैम बहादुर के नाम से प्रसिद्ध रहे. सैम मानेकशा का सपना बचपन से ही सेना में जाने का था. 1942 में उन्होंने मेजर के न ...

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31 मार्च / पुण्य तिथि – संघनिष्ठ नानासाहब भागवत

नई दिल्ली. श्री नारायण पांडुरंग (नानासाहब) भागवत मूलतः महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के वीरमाल गांव के निवासी थे. वहां पर ही उनका जन्म 1884 में हुआ था. घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वे अपने मामा जी के घर नागपुर काटोल पढ़ने आ गये. आगे चलकर उन्होंने प्रयाग (उत्तर प्रदेश) से कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा चंद्रपुर के पास वरोरा में कारोबार करने लगे. इसी दौरान उनका संपर्क संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी ...

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30 मार्च / जन्मदिवस – देशसेवा की कीमत वसूलने को पाप मानते थे अप्पा जी जोशी

नई दिल्ली. एक बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने कार्यकर्ता बैठक में कहा कि क्या केवल संघकार्य किसी के जीवन का ध्येय नहीं बन सकता ? यह सुनकर हरिकृष्ण जोशी जी ने उन 56 संस्थाओं से त्यागपत्र दे दिया, जिनसे वे सम्बद्ध थे. यही बाद में ‘अप्पा जी जोशी’ के नाम से प्रसिद्ध हुए. 30 मार्च, 1897 को महाराष्ट्र के वर्धा में जन्मे अप्पा जी ने क्रांतिकारियों तथा कांग्रेस के साथ रहकर काम किया. कांग्रेस ...

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25 मार्च / जन्मदिवस – दुनिया में स्वयंसेवकों को एक सूत्र में जोड़ने वाले श्रद्धेय चमन लाल जी

नई दिल्ली. दुनिया भर में फैले स्वयंसेवकों को एक सूत्र में जोड़ने वाले चमनलाल जी का जन्म 25 मार्च, 1920 को ग्राम सल्ली (स्यालकोट, वर्तमान पाकिस्तान) में जमीनों का लेनदेन करने वाले धनी व्यापारी बुलाकीराम गोरोवाड़ा जी के घर में हुआ था. वे मेधावी छात्र और कबड्डी तथा खो-खो के उत्कृष्ट खिलाड़ी थे. गणित में उनकी प्रतिभा का लोहा पूरा शहर मानता था. वर्ष 1942 में उन्होंने लाहौर से स्वर्ण पदक के साथ वनस्पति शास्त्र मे ...

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19 मार्च / पुण्यतिथि – क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस, देशद्रोही को लगाया ठिकाने

नई दिल्ली. बंगाल के क्रांतिकारियों की निगाह में अलीपुर का सरकारी वकील आशुतोष विश्वास बहुत समय से खटक रहा था. देशभक्तों को पकड़वाने, उन पर झूठे मुकदमे लादने तथा फिर उन्हें कड़ी सजा दिलवाने में अपनी कानूनी बुद्धि का पूरा उपयोग कर रहा था. ब्रिटिश शासन के लिये वह एक पुष्प था, जबकि क्रांतिकारी उस कांटे को शीघ्र ही अपने मार्ग से हटाना चाहते थे. आशुतोष विश्वास यह जानता था कि क्रांतिकारी उसके पीछे पड़े हैं, अतः वह ...

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17 मार्च / बलिदान दिवस – आजाद हिन्द फौज के सेनानी लेफ्टिनेंट ज्ञानसिंह बिष्ट

नई दिल्ली. द्वितीय विश्व युद्ध में अंग्रेजों एवं मित्र देशों की सामरिक शक्ति अधिक होने पर भी आजाद हिन्द फौज के सेनानी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे थे. लेफ्टिनेंट ज्ञानसिंह बिष्ट भी ऐसे ही एक सेनानायक थे, जिन्होंने अपने से छह गुना बड़ी अंग्रेज टुकड़ी को भागने पर मजबूर कर दिया. 16 मार्च, 1945 को ‘सादे पहाड़ी के युद्ध’ में भारतीय सेना की ए कंपनी ने कैप्टेन खान मोहम्मद के नेतृत्व में अंग्रेजों को पराजित किया था. इस ...

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15 मार्च / जन्मदिवस – संगठन को समर्पित व्यक्तित्व सुनील उपाध्याय जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों से प्रेरित संगठनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का विशेष स्थान है. अन्य संगठनों में जहां सभी आयु वर्ग के लोग होते हैं, वहां विद्यार्थी परिषद् शुद्ध युवाओं का संगठन है. परिषद के काम को हिमाचल प्रदेश में सुदृढ़ आधार देने वाले सुनील उपाध्याय जी का जन्म 15 मार्च, 1959 को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुआ था. वे विद्या प्रकाश जी एवं पद्मावती देवी जी की छठी सन्ता ...

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