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26 मई / जन्मदिवस – निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

नई दिल्ली. आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है, पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही, उनमें श्री होंगसन्द्र वेंकटरमैया शेषाद्रि जी का नाम शीर्ष पर है. 26 मई, 1926 को बंगलौर में जन्मे शेषाद्रि जी 1943 में स्वयंसेवक बने. 1946 में मैसूर विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में प्रथम श्रेणी में स्वर्ण पदक पाकर उन्होंने एमएससी की डिग्री हास ...

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25 मई/ पुण्य तिथि – नव दधीचि : अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनंत गोखले जी का जन्म 23.9.1918 को खंडवा (म.प्र.) में रामचंद्र गोखले जी के घर में हुआ. उस दिन अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद शुक्ल 14) थी, इसी से उनका नाम अनंत रामचंद्र गोखले रखा गया. खंडवा में ‘गोखले बाड़ा’ के नाम से उनके पूर्वजों का विख्यात स्थान है. द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिताजी सदाशिव गोलवलकर जी जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे ‘गोखले बाड़ा’ में ही रहते थे. बालक माधव के जीवन की वह घटना प्रसिद ...

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24 मई / जन्मदिवस – समर्पण और निष्ठा के प्रतिरूप के. जनाकृष्णमूर्ति

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा एक ऐसी अद्भुत तथा अनुपम कार्यशाला है, जिससे प्राप्त संस्कारों के कारण व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में रहे, वहीं अपने कार्य और व्यवहार की सुगन्ध छोड़ जाता है. 24 मई, 1928 को मदुरै (तमिलनाडु) के एक अधिवक्ता परिवार में जन्मे के. जनाकृष्णमूर्ति जी ऐसे ही एक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने संघ के साधारण स्वयंसेवक से आगे बढ़ते हुए भारतीय जनता पार्टी जैसे विशाल राजनीतिक संगठन के अध् ...

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24 मई / पुण्य तिथि – आतंकवाद में दृढ़ चट्टान विश्वनाथ जी

नई दिल्ली. अस्सी के दशक में जब पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था, उन दिनों बड़ी संख्या में लोग पंजाब छोड़कर अन्य प्रान्तों में जा बसे थे. ऐसे में पंजाब प्रान्त प्रचारक विश्वनाथ जी ने सबको हिम्मत से वहीं डटे रहने का आग्रह किया. वे स्वयं साहसपूर्वक गाँव-गाँव घूमे और स्वयंसेवकों तथा सामान्य नागरिकों का उत्साह बढ़ाया. विश्वनाथ जी का जन्म 1925 में अमृतसर के पास सिख पन्थ के तीसरे गुरु श्री अमरदास जी द्वारा स्थापित ...

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23 मई / बलिदान दिवस – डॉ. चम्पक रमण पिल्लई का बलिदान

नई दिल्ली. प्रायः उच्च शिक्षा पाकर लोग धन कमाने में लग जाते हैं, पर स्वाधीनता से पूर्व अनेक युवकों ने देश ही नहीं, तो विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से उच्च उपाधियां हासिल करने के बाद भी देशसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. डॉ. चंपकरमण पिल्लई भी उसी श्रेणी के अमर बलिदानी थे. डॉ. पिल्लई का जन्म 15 सितम्बर 1881 को त्रिवेन्द्रम (केरल) में हुआ था. प्रारम्भ में उनकी रुचि अध्ययन की बजाय खेल में अधिक थी, ...

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22 मई / बलिदान दिवस – अमर बलिदानी मुरारबाजी

नई दिल्ली. पांच जनवरी, 1665 को सूर्यग्रहण के अवसर पर शिवाजी महाराज ने माता जीजाबाई के साथ महाबलेश्वर मन्दिर में पूजा की. फिर वे दक्षिण के विजय अभियान पर निकल गये. तभी उन्हें सूचना मिली कि मिर्जा राजा जयसिंह और दिलेर खाँ पूना में पुरन्दर किले की ओर बढ़ रहे हैं. शिवाजी दक्षिण अभियान को स्थगित करना नहीं चाहते थे, पर इन्हें रोकना भी आवश्यक था. कुछ ही समय में मुगल सेना ने पुरन्दर किले को घेर लिया. वह निकटवर्ती ग ...

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20 मई / जन्मदिवस – प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत

नई दिल्ली. अपनी कविताओं के माध्यम से प्रकृति की सुवास सब ओर बिखरने वाले कवि सुमित्रानंदन पंत जी का जन्म कौसानी (जिला बागेश्वर, उत्तराखंड) में 20 मई, 1900 को हुआ था. जन्म के कुछ ही समय बाद मां का देहांत हो जाने पर उन्होंने प्रकृति को ही अपनी मां के रूप में देखा और जाना. दादी की गोद में पले बालक का नाम गुसाई दत्त रखा गया, पर कुछ बड़े होने पर उन्होंने स्वयं अपना नाम सुमित्रानंदन रख लिया. सात वर्ष की अवस्था से ...

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19 मई / जन्मदिवस – संघर्षप्रिय एवं जुझारू मधुसूदन जी

नई दिल्ली. मधुसूदन जी का जन्म 19 मई, 1956 को ग्राम सीसवाली (जिला बारां, राजस्थान) में प्रभुलाल मोरवाल जी के घर में हुआ था. घर में कुछ खेती भी थी, पर उनके परिवार में बाल काटने का पुश्तैनी काम होता था. यद्यपि नयी पीढ़ी के लोग शिक्षित होकर निजी और सरकारी सेवाओं में भी जा रहे थे. अपने गांव में रहते हुये उन्होंने ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ के माध्यम से छात्रों के हित में संघर्ष किया. इससे वे शीघ्र ही विद्यार ...

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12 मई / रोचक संस्मरण – सकुशल घर लौटे तो पत्नी से किया पुनर्विवाह, परमवीर धनसिंह थापा

नई दिल्ली. एक ओर चीनी नेता हिन्दी-चीनी भाई-भाई के नारे लगा रहे थे, तो दूसरी ओर 20 अक्तूबर, 1962 को उनकी सेना ने अचानक भारत पर हमला कर दिया. उस समय लद्दाख के चुशूल हवाई अड्डे के पास स्थित चौकी पर मेजर धनसिंह थापा के नेतृत्व में गोरखा राइफल्स के 33 जवान तैनात थे. मेजर थापा खाई में मोर्चा लगाये दुश्मनों पर गोलियों की बौछार कर रहे थे. इस कारण शत्रु आगे नहीं बढ़ पा रहा था. चीन की तैयारी बहुत अच्छी थी, जबकि हमारी ...

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08 मई / बलिदान दिवस – वनवासी क्षेत्र में क्रांति की अलख जगाने वाले अल्लूरि सीताराम राजू

नई दिल्ली. अल्लूरि सीताराम राजू आन्ध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के मोगल्लु ग्राम में 4 जुलाई, 1897 को जन्मे थे. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा राजमुन्दरी व राजचन्द्रपुरम में हुई. छात्र जीवन में ही उनका सम्पर्क निकट के वनवासियों से होने लगा था. उनका मन पढ़ाई में विशेष नहीं लगता था. कुछ समय के लिए उनका मन अध्यात्म की ओर झुका. उन्होंने आयुर्वेद और ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन किया, पर उनका मन वहां भी नहीं लगा. अतः न ...

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