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21 अक्तूबर / पुण्यतिथि – दिल्ली में सत्याग्रह की शान बहिन सत्यवती

नई दिल्ली. 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के समय दिल्ली में जिस वीर महिला ने अपने साहस, संगठन क्षमता एवं अथक परिश्रम से चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली घरेलू महिलाओं को सड़क पर लाकर ब्रिटिश शासन को हैरान कर दिया, उनका नाम था बहन सत्यवती. सत्यवती का जन्म अपने ननिहाल ग्राम तलवन (जिला जालंधर, पंजाब) में 26 जनवरी, 1906 को हुआ था. स्वाधीनता सेनानी एवं परावर्तन के अग्रदूत स्वामी श्रद्धानंद जी उनके नाना थे. उनकी माता ...

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20 अक्तूबर / जन्मदिवस – संघ सुगन्ध के विस्तारक शरद मेहरोत्रा जी

नई दिल्ली. कन्नौज (उ.प्र.) के प्रसिद्ध इत्र निर्माता व नगर संघचालक श्री हरिहर नाथ एवं श्रीमती सरला के घर में 20 अक्तूबर, 1942 को शरद जी का जन्म हुआ. संघचालक होने के कारण संघ के कार्यकर्ताओं का प्रायः उनके घर आगमन होता था, पर वे अपनी किताबों में डूबे रहते थे. इस कारण कन्नौज में वे संघ से नहीं जुड़ पाये. सेठ वासुदेव सहाय इंटर कॉलेज से इंटर और फिर विक्रमजीत सिंह सनातन धर्म महाविद्यालय, कानपुर से उन्होंने अर्थश ...

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18 अक्तूबर / जन्मदिवस – ध्येय मंदिर के पुजारी सोहन सिंह जी

नई दिल्ली. संघ कार्य के लिए जीवन समर्पित करने वाले वरिष्ठ प्रचारक सोहन सिंह जी का जन्म 18 अक्तूबर, 1923 (अश्विन शुक्ल 9, वि.सं. 1980) को ग्राम हर्चना (जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश) में चौधरी रामसिंह जी के घर में हुआ था. छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. 16 वर्ष की अवस्था में स्वयंसेवक बने. वर्ष 1942 में बीएससी करते ही उनका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया, पर उन्होंने नौकरी की बजाय प्रचारक बन राष्ट्र कार्य को स्व ...

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17 अक्तूबर / इतिहास स्मृति – श्री गुरूजी व राजा हरिसिंह की ऐतिहासिक भेंट

नई दिल्ली. 15 अगस्त, 1947 का दिन स्वतन्त्रता के साथ अनेक समस्याएं भी लेकर आया. एक ओर देश-विभाजन के कारण अपना सब कुछ लुटाकर पंजाब और बंगाल से हिन्दू आ रहे थे, तो दूसरी ओर कुछ लोग भारत में ही गृहयुद्ध का वातावरण उत्पन्न कर रहे थे. अंग्रेजों ने जाते हुए एक भारी षड्यन्त्र किया. वे सभी रियासतों को यह अधिकार दे गये कि वे अपनी इच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में मिल सकते हैं या स्वतन्त्र भी रह सकते हैं. इस सुविधा का ...

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16 अक्तूबर / इतिहास स्मृति – बंग भंग के विरोध में अद्भुत रक्षाबन्धन

नई दिल्ली. भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में बंग भंग विरोधी आन्दोलन का बहुत महत्व है. इसमें न केवल बंगाल, अपितु पूरे भारत के देशभक्त नागरिकों ने एकजुट होकर अंग्रेजों को झुकने पर मजबूर कर दिया था. उन दिनों देश के मुसलमान भी हिन्दुओं के साथ मिलकर स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष कर रहे थे. अंग्रेज शासक प्रारम्भ से ही ‘बांटो और राज करो’ (divide & rule) की नीति पर काम करते थे. उन्होंने सोचा कि यदि इनमें फूट ...

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15 अक्तूबर / बलिदान दिवस – तोपों के सामने निडर खड़े होने वाले मंगल गाडिया और सैयद हुसैन

नई दिल्ली. 1857 के स्वातंत्र्य समर को भले ही अंग्रेज या उनके चाटुकार इतिहासकार कुछ भी नाम दें. पर संदेह नहीं कि वह सम्पूर्ण देश को आप्लावित करने वाला स्वयंस्फूर्त समर था. मुम्बई में भी उस समय अनेक क्रान्तिकारी हुए, उनमें से ही मंगल गाडिया तथा सैयद हुसैन को 15 अक्तूबर, 1857 को तोप से उड़ाकर अंग्रेजों ने अपने मुंह पर कालिख पोती थी. मुम्बई में आधुनिक शिक्षा का प्रणेता मान कर जिसके गुण गाये जाते हैं, वह लार्ड म ...

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14 अक्तूबर / पुण्यतिथि – चिर युवा दत्ता जी डिडोलकर

नई दिल्ली. दत्ता जी डिडोलकर संघ परिवार की अनेक संस्थाओं के संस्थापक तथा आधार स्तम्भ थे. उन्होंने काफी समय तक केरल तथा तमिलनाडु में प्रचारक के नाते प्रत्यक्ष शाखा विस्तार का कार्य किया. उस जीवन से वापस आकर भी वे घर-गृहस्थी के बंधन में नहीं फंसे और जीवन भर संगठन के जिस कार्य में उन्हें लगाया गया, पूर्ण मनोयोग से उसे करते रहे. 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के कार्य के तो वे जीवन भर पर्यायवाची ही रहे. सरसंघचाल ...

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13 अक्तूबर / पुण्यतिथि – क्रांति और भक्ति के साधक राधा बाबा

नई दिल्ली. राधा बाबा के नाम से विख्यात श्री चक्रधर मिश्र जी का जन्म ग्राम फखरपुर (गया, बिहार) में 1913 ई. की पौष शुक्ल नवमी को एक राजपुरोहित परिवार में हुआ था. सन् 1928 में गांधी जी के आह्वान पर गया के सरकारी विद्यालय में उन्होंने यूनियन जैक उतार कर तिरंगा फहरा दिया था. शासन विरोधी भाषण के आरोप में उन्हें छह माह के लिये कारावास में रहना पड़ा. गया में जेल अधीक्षक एक अंग्रेज था. सब उसे झुककर ‘सलाम साहब’ कहते ...

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07 अक्तूबर / राज्यारोहण दिवस – दिल्ली के अंतिम हिन्दू सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य

नई दिल्ली. सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य सोलहवीं सदी के उन राष्ट्रीय महापुरुषों में से एक थे, जिनकी वीरता ने विदेशी आक्रांताओं और मुगल साम्राज्य के छक्के छुड़ा दिए. मात्र 29 दिनों के शासन काल में उन्होंने हिंदवी स्वराज की ओर अनेक कदम उठाये. 24 युद्धों में से 22 में सफ़ल रहे भारत माता के वीर सपूत का 07 अक्टूबर 1556 ई के दिन दिल्ली के पुराने किले में सम्राट विक्रमादित्य की उपाधि के साथ उनका राज्यारोहण हुआ. अपने ...

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26 सितम्बर / जन्मदिवस – कर्मयोगी पंडित सुन्दरलाल जी

नई दिल्ली. भारत के स्वाधीनता आंदोलन के अनेक पक्ष थे. हिंसा और अहिंसा के साथ कुछ लोग देश तथा विदेश में पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से भी जनजागरण कर रहे थे. अंग्रेज इन सबको अपने लिए खतरनाक मानते थे. 26 सितम्बर, 1886 को खतौली (जिला मुजफ्फरनगर, उ.प्र.) में सुंदरलाल नामक एक तेजस्वी बालक ने जन्म लिया. खतौली में गंगा नहर के किनारे बिजली और सिंचाई विभाग के कर्मचारी रहते हैं. इनके पिता तोताराम श्रीवास्तव जी उन दिनों वह ...

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