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18 दिसम्बर / जन्मदिवस – भोजपुरी के अमर नाटककार भिखारी ठाकुर

नई दिल्ली. बिहार के एक बड़े क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रचलित भोजपुरी भाषा या बोली है, इस विवाद को हम भाषा शास्त्रियों के लिये छोड़ दें. पर यह सत्य है कि इसे विश्व रंगमंच पर स्थापित करने में भिखारी ठाकुर जी का योगदान सर्वाधिक है. जैसे गोस्वामी तुलसीदास व कबीरदास ने पांडित्यपूर्ण भाषा के बदले लोकभाषा को अपनाकर जन-जन के मन में अपना स्थान बनाया, इसी प्रकार उत्तर भारत में भिखारी ठाकुर की मान्यता है. भि ...

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16 दिसम्बर / जन्मदिवस – इतिहास पुरुष बापूराव बरहाडपांडे

नई दिल्ली. पूरे देश में संघ कार्य को फैलाने का श्रेय नागपुर के प्रचारकों को है. पर नागपुर में संघ कार्य को संभालने, गति देने तथा कार्यकर्ताओं को गढ़ने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले बापू नारायण बरहाडपांडे का जन्म 16 दिसम्बर, 1918 को हुआ था. वर्ष 1927 में नागपुर की ऊंटखाना शाखा से उनका संघ जीवन प्रारम्भ हुआ और फिर वही उनका तन, मन और प्राण बन गया. गृहस्थी तथा अध्यापन करते हुए भी उनके जीवन में प्राथमिकता सदा सं ...

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15 दिसम्बर / इतिहास स्मृति – राष्ट्रीय अपमान का बदला सांडर्स वध

नई दिल्ली. बात वर्ष 1928 की है. भारत माता की परतन्त्रता की बेड़ियां काटने के लिए जहां एक ओर आजादी के दीवाने जूझ रहे थे, वहीं दूसरी ओर शासन भारतीयों के दमन के लिए कठोर कानून ला रहा था. सरकार ने शिकंजे को मजबूत करने के लिए जॉन साइमन के नेतृत्व में एक आयोग नियुक्त किया, जो भारत में सब ओर प्रवास कर रहा था. इस आयोग का सब जगह प्रबल विरोध हुआ. जब साइमन 30 अक्तूबर को लाहौर आया, तो पंजाब केसरी लाला लाजपत राय के नेतृ ...

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14 दिसम्बर / इतिहास स्मृति – स्टीवेंस को यमलोक पहुंचाने वाली वीर बालिकाएं शान्ति घोष और सुनीति चौधरी

नई दिल्ली. त्रिपुरा भारत का एक राज्य है, पर स्वतंत्रता से पूर्व वह बंगाल का एक जिला तथा उसका मुख्यालय कोमिल्ला था. वहां के क्रूर जिलाधीश स्टीवेंस के अत्याचारों से पूरा जिला थर्रा रहा था. वह क्रांतिवीरों को बहुत कड़ी सजा देता था. अतः क्रांतिकारियों ने उसे ही मजा चखाने का निश्चय किया. पर, यह काम आसान नहीं था, क्योंकि वह बहुत कड़ी दो स्तरीय सुरक्षा में रहता था. कार्यालय का अधिकांश काम वह घर पर ही करता था. उससे ...

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13 दिसम्बर / जन्मदिवस – परावर्तन के योद्धा मोहन जोशी जी

नई दिल्ली. भारत में जो भी मुसलमान या ईसाई हैं, वे यहीं के मूल निवासी हैं. उन्हें हिन्दू धर्म में वापस लाने का जो कार्य कभी स्वामी श्रद्धानंद जी ने किया था, मोहन जोशी ने उसे ही संगठित रूप से आगे बढ़ाया. मोहन जी का जन्म 13 दिसम्बर, 1934 को ग्राम खैराबाद (जिला कोटा, राजस्थान) में श्री रामगोपाल जी और श्रीमती रामकन्या बाई जी के घर में हुआ था. पारिवारिक आय का स्रोत खेती के साथ ही पुश्तैनी पूजा-पाठ था. कक्षा चार त ...

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12 दिसम्बर / बलिदान दिवस – स्वदेशी के लिए बाबू गेनू का बलिदान

नई दिल्ली. देशप्रेम की भावना के वशीभूत होकर कभी-कभी सामान्य सा दिखायी देने वाला व्यक्ति भी बहुत बड़ा काम कर जाता है. ऐसा ही बाबू गेनू ने भी कर दिखाया. गेनू का जन्म वर्ष 1908 में पुणे जिले के ग्राम महालुंगे पडवल में हुआ था. इस गांव से कुछ दूरी पर ही शिवनेरी किला था, जहां हिन्दू कुल गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था. गेनू बचपन में बहुत आलसी बालक था. देर तक सोना और फिर दिन भर खेलना ही उसे पसन्द था. पढ़ ...

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11 दिसम्बर / जन्मदिवस – पू. सरसंघचालक व कर्मठ कार्यकर्ता बालासाहब देवरस जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति के निर्माण एवं विकास में जिनकी प्रमुख भूमिका रही है, उन मधुकर दत्तात्रेय देवरस जी का जन्म 11 दिसम्बर, 1915 को नागपुर में हुआ था. पश्चात बालासाहब के नाम से अधिक परिचित रहे. वे ही आगे चलकर संघ के तृतीय सरसंघचालक बने. बालासाहब ने वर्ष 1927 में संघ की शाखा में जाना शुरू किया था. धीरे-धीरे उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार जी से बढ़ता गया. उन्हें मोहिते के बाड़े में लगने ...

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09 दिसम्बर / जन्मदिवस – झण्डा गीत और श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’

नई दिल्ली. भारत की स्वाधीनता के युद्ध में ‘झण्डा गीत’ का बड़ा महत्व है. यह वह गीत है, जिसे गाते हुये लाखों लोगों ने ब्रिटिश शासन की लाठी-गोली खाई, पर तिरंगे झण्डे को नहीं झुकने दिया. आज भी यह गीत सुनने वालों को प्रेरणा देता है. इस गीत की रचना का बड़ा रोचक इतिहास है. इसके लेखक श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ जी का जन्म कानपुर (उ.प्र.) के पास नरवल गाँव में नौ दिसम्बर, 1893 को हुआ था. मिडिल पास करने के बाद उनके पिताजी ...

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07 दिसम्बर / जन्मदिवस – उच्च मनोबल के धनी डॉ. अन्ना साहब देशपांडे

नई दिल्ली. डॉ. अन्ना साहब देशपांडे संघ के प्रारम्भिक कार्यकर्ताओं में से एक थे. उनका जन्म सात दिसम्बर, 1890 को वर्धा जिले के आष्टी गांव में हुआ था. प्राथमिक शिक्षा नागपुर में होने के चलते उनकी मित्रता डॉ. हेडगेवार जी से हो गयी थी. उनकी भव्य कद-काठी और बोलने की शैली भी डॉ. जी से काफी मिलती थी. नागपुर के बाद वे अमरावती चले गये. वहां से इंटर साइंस करने के बाद उन्होंने मुंबई से एमबीबीएस की उपाधि ली. इस प्रकार प ...

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04 दिसम्बर / जन्मदिवस – नव दधीचि नाना भागवत जी

नई दिल्ली. बिहार में पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और फिर विश्व हिन्दू परिषद के कार्य विस्तार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दत्तात्रेय बालकृष्ण (नाना) भागवत जी का जन्म वर्धा (महाराष्ट्र) में चार दिसम्बर, 1923 को हुआ था. छात्र जीवन में ही संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी के सम्पर्क में आ गये थे. तब से ही संघ कार्य को इन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया. एक बार ये कुछ मित्रों के साथ डॉ. हेडगेवार जी से ...

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