You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 2)

05 अप्रैल / जन्मदिवस – बाबू जगजीवनराम और सामाजिक समरसता

नई दिल्ली. समाज के निर्धन और वंचित वर्ग के जिन लोगों ने उपेक्षा सहकर भी अपना मनोबल ऊंचा रखा, उनमें ग्राम चन्दवा (बिहार) में पांच अप्रैल, 1906 को जन्मे बाबू जगजीवनराम का नाम उल्लेखनीय है. उनके पिता शोभीराम थे. उनकी माता बसन्ती देवी ने आर्थिक अभावों के बीच अपने बच्चों को स्वाभिमान से जीना सिखाया. विद्यालय में हिन्दू, मुसलमान तथा दलित हिन्दुओं के लिए पानी के अलग घड़े रखे जाते थे. उन्होंने अपने मित्रों के साथ म ...

Read more

03 अप्रैल / जन्म दिवस – वीरता की मिसाल फील्ड मार्शल मानेकशा

नई दिल्ली. 20वीं शती के प्रख्यात सेनापति फील्ड मार्शल सैम होरमुसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशा का जन्म 3 अप्रैल 1914 को एक पारसी परिवार में अमृतसर में हुआ था. उनके पिता जी वहां चिकित्सक थे. पारसी परम्परा में अपने नाम के बाद पिता, दादा और परदादा का नाम भी जोड़ा जाता है, पर वे अपने मित्रों में अंत तक सैम बहादुर के नाम से प्रसिद्ध रहे. सैम मानेकशा का सपना बचपन से ही सेना में जाने का था. 1942 में उन्होंने मेजर के न ...

Read more

01 अप्रैल / जन्मदिवस – मौन साधक अरविन्द भट्टाचार्य

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सैकड़ों मौन साधकों का निर्माण किया है, जिन्होंने अपनी देह को तिल-तिल गलाकर गहन क्षेत्रों में हिन्दुत्व की जड़ें मजबूत कीं. ऐसे ही एक मौन साधक थे अरविन्द भट्टाचार्य. अरविन्द दा का जन्म एक अप्रैल, 1929 को हैलाकांडी (असम) में हुआ. वे विद्यार्थी जीवन में संघ के स्वयंसेवक बने. एम.ए. तथा बी.टी. कर एक इंटर कॉलेज में प्राध्यापक बने. उन दिनों मधुकर लिमये असम में प्रचारक थे. उनके ...

Read more

31 मार्च / पुण्य तिथि – संघनिष्ठ नानासाहब भागवत

नई दिल्ली. श्री नारायण पांडुरंग (नानासाहब) भागवत मूलतः महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के वीरमाल गांव के निवासी थे. वहां पर ही उनका जन्म 1884 में हुआ था. घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वे अपने मामा जी के घर नागपुर काटोल पढ़ने आ गये. आगे चलकर उन्होंने प्रयाग (उत्तर प्रदेश) से कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा चंद्रपुर के पास वरोरा में कारोबार करने लगे. इसी दौरान उनका संपर्क संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी ...

Read more

26 मार्च – पेड़ों की रक्षा के लिये महिलाओं को प्रेरित करने वाली गौरादेवी

पूरी दुनिया लगातार बढ़ रही वैश्विक गर्मी से चिन्तित है. पर्यावरण असंतुलन, कट रहे पेड़, बढ़ रहे सीमेंट और कंक्रीट के जंगल, बढ़ते वाहन, एसी, फ्रिज, सिकुड़ते ग्लेशियर तथा भोगवादी पश्चिमी जीवन शैली इसका प्रमुख कारण है. हरे पेड़ों को काटने के विरोध में सबसे पहला आंदोलन पांच सितम्बर, 1730 में जोधपुर (राजस्थान) में अमृता देवी के नेतृत्व में हुआ था, जिसमें 363 लोगों ने अपना बलिदान दिया था. इसी प्रकार 26 मार्च, 1974 ...

Read more

09 मार्च / पुण्यतिथि – नारी संगठन को समर्पित सरस्वती ताई आप्टे

1925 में समाज के संगठन के लिए डॉ. हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य प्रारम्भ किया। संघ की शाखा में पुरुष ही आते थे। स्वयंसेवक परिवारों की महिलाएँ एवं लड़कियाँ डॉ. हेडगेवार जी से कहती थीं कि हिन्दू संगठन में महिलाओं का भी योगदान होना चाहिए। डॉ. हेडगेवार भी यह चाहते थे; पर शाखा में लड़के एवं लड़कियाँ एक साथ खेलें, यह उन्हें व्यावहारिक नहीं लगता था। इसलिए वे चाहते थे कि कोई महिला आगे बढ़कर महिलाओ ...

Read more

05 मार्च / जन्मतिथि – क्रान्तिकारी सुशीला दीदी, क्रांतिकारियों का कंधे से कंधा मिलाकर दिया साथ

नई दिल्ली. सुशीला दीदी का जन्म पांच मार्च, 1905 को ग्राम दत्तोचूहड़ (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था. जालंधर कन्या महाविद्यालय में पढ़ते हुए वे कुमारी लज्जावती और शन्नोदेवी के सम्पर्क में आईं. इन दोनों ने सुशीला के मन में देशभक्ति की आग भर दी. शिक्षा पूर्ण कर वे कोलकाता में नौकरी करने लगीं, पर क्रांतिकार्य में उनका सक्रिय योगदान जीवन भर बना रहा. काकोरी कांड के क्रांतिवीरों पर चल रहे मुकदमे के दौरान क्रांतिकार ...

Read more

04 मार्च / पुण्यतिथि – क्रान्तिकारी की मानव कवच तोसिको बोस

नई दिल्ली. तोसिको बोस का नाम भारतीय क्रान्तिकारी इतिहास में अल्पज्ञात है. अपनी जन्मभूमि जापान में वे केवल 28 वर्ष तक ही जीवित रहीं. फिर भी सावित्री तुल्य नारी का भारतीय स्वाधीनता संग्राम को आगे बढ़ाने में अनुपम योगदान रहा. रासबिहारी बोस महान क्रान्तिकारी थे. 23 दिसम्बर, 1912 को दिल्ली में तत्कालीन वायसराय के जुलूस पर बम फैंक कर उसे यमलोक पहुंचाने का प्रयास तो हुआ, पर वह पूर्णतः सफल नहीं हो पाया. उस योजना मे ...

Read more

03 मार्च / जन्मदिवस – कारगिल युद्ध का सूरमा परमवीर संजय कुमार

नई दिल्ली. भारत माता वीरों की जननी है. इसकी कोख में एक से बढ़कर एक वीर पले हैं. ऐसा ही एक वीर है - संजय कुमार, जिसने कारगिल के युद्ध में अद्भुत पराक्रम दिखाया. इसके लिए उन्हें युद्धकाल में अनुपम शौर्य के प्रदर्शन पर दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार ‘परमवीर चक्र’ देकर सम्मानित किया गया. संजय का जन्म ग्राम बकैण (बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश) में दुर्गाराम व भागदेई के घर में 03 मार्च, 1976 को हुआ था. संजय ने 1998 ...

Read more

02 मार्च / जन्मदिवस – निर्धनों के वास्तुकार लॉरी बेकर

नई दिल्ली. दुनिया में ऐसे लोग बहुत कम होते हैं, जिनमें प्रतिभा के साथ-साथ सेवा और समर्पण का भाव भी उतना ही प्रबल हो. इंग्लैंड के बरमिंघम में दो मार्च, 1917 को जन्मे भवन निर्माता एवं वास्तुकार लारेन्स विल्फ्रेड (लॉरी) बेकर ऐसे ही व्यक्ति थे, जिन्होंने कम खर्च में पर्यावरण के अनुकूल भवन बनाए. सन् 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध के समय जिस पानी के जहाज पर वे तैनात थे, उसे किसी कारण से कुछ दिन के लिए मुम्बई में रु ...

Read more
Scroll to top