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30 नवम्बर / जन्मदिवस – धुन के पक्के भूषणपाल जी

नई दिल्ली. भूषणपाल जी का जन्म 30 नवम्बर, 1954 को जम्मू-कश्मीर राज्य के किश्तवाड़ नामक नगर में हुआ था. उनके पिता चरणदास गुप्ता जी तथा माता शामकौर जी थीं. चारों ओर फैली सुंदर हिमाच्छादित पर्वत श्रृंखलाओं और कल-कल बहती निर्मल नदियों ने उनके मन में भारत माता के प्रति प्रेम का भाव कूट-कूट कर भर दिया था. उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने कुछ समय किश्तवाड़ के भारतीय विद्या मंदिर में पढ़ाया, पर मातृभूमि के लिए कुछ और ...

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29 नवम्बर / जन्मदिवस – सेवाव्रती ठक्कर बापा

नई दिल्ली. पूजा का अर्थ एकान्त में बैठकर भजन करना मात्र नहीं है. निर्धन और निर्बल, वन और पर्वतों में रहने वाले अपने भाइयों की सेवा करना भी पूजा ही है. अमृतलाल ठक्कर ने इसे अपने आचरण से सिद्ध कर दिखाया. उनका जन्म 29 नवम्बर, 1869 को भावनगर (सौराष्ट्र, गुजरात) में हुआ था. उनके पिता विट्ठलदास ठक्कर धार्मिक और परोपकारी व्यक्ति थे. यह संस्कार अमृतलाल जी पर भी पड़ा और उन्हें सेवा में आनन्द आने लगा. शिक्षा के बाद उ ...

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28 नवम्बर / जन्मदिवस – हिमाचल के क्रांतिवीर भाई हिरदाराम

नई दिल्ली. भारत का चप्पा-चप्पा उन वीरों के स्मरण से अनुप्राणित है, जिन्होंने स्वतन्त्रता प्राप्ति के लिए अपना तन, मन और धन समर्पित कर दिया. उनमें से ही एक वीर क्रांतिकारी भाई हिरदाराम का जन्म 28 नवम्बर, 1885 को मण्डी (हिमाचल प्रदेश) में गज्जन सिंह जी (स्वर्णकार) के घर में हुआ था. उन दिनों कक्षा आठ से आगे शिक्षा की व्यवस्था मण्डी में नहीं थी. इनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि इन्हें बाहर भेज सके. अ ...

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27 नवम्बर / इतिहास स्मृति – कोटली के अमर बलिदानी स्वयंसेवक

नई दिल्ली. ‘हंस के लिया है पाकिस्तान, लड़ के लेंगे हिन्दुस्तान’ की पूर्ति के लिए नवनिर्मित पाकिस्तान ने वर्ष 1947 में ही कश्मीर पर हमला कर दिया था. देश रक्षा के दीवाने संघ के स्वयंसेवकों ने उनका प्रबल प्रतिकार किया. उन्होंने भारतीय सेना, शासन तथा जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरिसिंह को इन षड्यन्त्रों की समय पर सूचना दी. इस गाथा का एक अमर अध्याय 27 नवम्बर, 1948 को कोटली में लिखा गया, जो इस समय पाक अधिकृत कश्मीर म ...

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18 नवम्बर / जन्मदिवस – परोपकार की प्रतिमूर्ति स्वामी प्रेमानन्द

नई दिल्ली. भारत में सन्यास की एक विशेष परम्परा है. हिन्दू धर्म में ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और फिर सन्यास को आश्रम व्यवस्था कहा गया है, पर कई लोग पूर्व जन्म के संस्कार या वर्तमान जन्म में अध्यात्म और समाज सेवा के प्रति प्रेम होने के कारण ब्रह्मचर्य से सीधे सन्यास आश्रम में प्रविष्ट हो जाते हैं. आद्य शंकराचार्य ने समाज में हो रहे विघटन एवं देश-धर्म पर हो रहे आक्रमण से रक्षा हेतु दशनामी सन्यासियों की परम ...

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15 नवम्बर / जन्मदिवस – प्रयोगधर्मी शिक्षक गिजूभाई

नई दिल्ली. शिक्षक वह दीपक है, जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशमान करता है. इस प्रसिद्ध कहावत को गिजूभाई के नाम से प्रसिद्ध प्रयोगधर्मी शिक्षक गिरिजाशंकर वधेका जी ने पूरा कर दिखाया. 15 नवम्बर, 1885 को चित्तल (सौराष्ट्र, गुजरात) में जन्मे गिजूभाई के पिता अधिवक्ता थे. आनन्द की बात यह रही कि वे अध्यापन छोड़कर वकील बने, जबकि गिजूभाई उच्च न्यायालय की अच्छी खासी चलती हुई वकालत छोड़कर शिक्षक बने. गिजूभाई वकालत के सिल ...

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10 नवम्बर / जन्मदिवस – राष्ट्रयोगी दत्तोपंत ठेंगड़ी

नई दिल्ली. दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी का जन्म दीपावली वाले दिन (10 नवम्बर, 1920)  को ग्राम आर्वी, जिला वर्धा, महाराष्ट्र में हुआ था. वे बाल्यकाल से ही स्वतन्त्रता संग्राम में सक्रिय रहे. वर्ष 1935 में वे ‘वानरसेना’ के आर्वी तालुका के अध्यक्ष थे. जब उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार जी से हुआ, तो संघ के विचार उनके मन में गहराई से बैठ गये. उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे, पर दत्तोपन्त जी एमए तथा कानून की शिक्षा पूर्णक ...

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9, 10 नवम्बर / बलिदान दिवस – अमर हुतात्मा भाई मतिदास, सतिदास एवं दयाला

नई दिल्ली. गुरु तेगबहादुर के पास जब कश्मीर से हिन्दू, औरंगजेब के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने आये, तो वे उससे मिलने दिल्ली चल दिये. मार्ग में आगरा में ही उनके साथ भाई मतिदास, भाई सतिदास तथा भाई दयाला को बन्दी बना लिया गया. इनमें से पहले दो सगे भाई थे. औरंगजेब चाहता था कि गुरुजी मुसलमान बन जायें. उन्हें डराने के लिए इन तीनों को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, पर गुरुजी विचलित नहीं हुए. औरंगजेब ने स ...

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09 नवम्बर / जन्मदिवस – हिन्द केसरी मास्टर चंदगीराम जी

नई दिल्ली. भारतीय कुश्ती को विश्व भर में सम्मान दिलाने वाले मास्टर चंदगीराम जी का जन्म 09 नवम्बर, 1937 को ग्राम सिसई, जिला हिसार, हरियाणा में हुआ था. मैट्रिक और फिर उसके बाद कला एवं शिल्प में डिप्लोमा लेने के बाद वे भारतीय थलसेना की जाट रेजिमेण्ट में एक सिपाही के रूप में भर्ती हो गये. कुछ समय वहां काम करने के बाद वे एक विद्यालय में कला अध्यापक बन गये. तब से ही उनके नाम के साथ मास्टर लिखा जाने लगा. कुश्ती के ...

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08 नवम्बर / जन्मदिवस – विरक्त सन्त दिगम्बर स्वामी जी

नई दिल्ली. अनादि काल से भारत भूमि पर हजारों सन्त महात्माओं ने जन्म लेकर अपने उपदेशों से जनता जनार्दन का कल्याण किया है. इन्हीं ऋषि-मुनियों की परम्परा में थे श्री दिगम्बर स्वामी, जिनके सत्संग का लाभ उठाकर हजारों भक्तों ने अपना जीवन सार्थक किया. स्वामी जी का जन्म ग्राम सिरवइया (जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश) में आठ नवम्बर, 1903 को नन्दकिशोर जी मिश्र तथा सुखदेई जी के घर में हुआ. इनका नाम गंगाप्रसाद रखा गया. जन्म स ...

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