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05 सितम्बर / इतिहास स्मृति – पर्यावरण संरक्षण हेतु अनुपम बलिदान

नई दिल्ली. प्रतिवर्ष पांच जून को हम ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाते हैं, लेकिन यह दिन हमारे मन में सच्ची प्रेरणा नहीं जगा पाता. क्योंकि इसके साथ इतिहास की कोई प्रेरक घटना नहीं जुड़ी है. इस दिन कुछ जुलूस, धरने, प्रदर्शन, भाषण तो होते हैं, पर उससे सामान्य लोगों के मन पर कोई असर नहीं होता. दूसरी ओर भारत के इतिहास में पांच सितम्बर, 1730 को एक ऐसी घटना घटी, जिसकी विश्व में कोई तुलना नहीं की जा सकती. राजस्थान तथा भार ...

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03 सितम्बर / जन्म दिवस – दक्षिण के सेनापति यादवराव जोशी

नई दिल्ली. दक्षिण भारत में संघ कार्य का विस्तार करने वाले यादव कृष्ण जोशी जी का जन्म अनंत चतुर्दशी (3 सितम्बर, 1914) को नागपुर के एक वेदपाठी परिवार में हुआ था. वे अपने माता-पिता के एकमात्र पुत्र थे. उनके पिता कृष्ण गोविन्द जोशी जी एक साधारण पुजारी थे. अतः यादवराव जी को बालपन से ही संघर्ष एवं अभावों भरा जीवन बिताने की आदत हो गयी. यादवराव जी का डॉ. हेडगेवार जी से बहुत निकट सम्बन्ध था. वे डॉ. जी के घर पर ही रह ...

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02 सितम्बर / बलिदान दिवस – अनाथ बन्धु एवं मृगेन्द्र दत्त का बलिदान

नई दिल्ली. अंग्रेजों के जाने के बाद भारत की स्वतन्त्रता का श्रेय भले ही कुछ नेता स्वयं लेते हों, पर वस्तुतः इसका श्रेय उन क्रान्तिकारी युवकों को है, जो अपनी जान हथेली पर लेकर घूमते थे. बंगाल ऐसे युवाओं का गढ़ था. ऐसे ही दो मित्र थे अनाथ बन्धु तथा मृगेन्द्र कुमार दत्त, जिनके बलिदान से शासकों को अपना निर्णय बदलने को विवश होना पड़ा. उन दिनों बंगाल के मिदनापुर जिले में क्रान्तिकारी गतिविधियां जोरों पर थीं. इससे ...

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31 अगस्त / प्रेरक प्रसंग – देशद्रोही का वध

नई दिल्ली. स्वाधीनता प्राप्ति के प्रयत्न में लगे क्रांतिकारियों को जहां एक ओर अंग्रेजों से लड़ना पड़ता था, वहां कभी-कभी उन्हें देशद्रोही भारतीय, यहां तक कि अपने गद्दार साथियों को भी दंड देना पड़ता था. बंगाल के प्रसिद्ध अलीपुर बम कांड में कन्हाईलाल दत्त, सत्येन्द्रनाथ बोस तथा नरेन्द्र गोस्वामी गिरफ्तार हुए थे. अन्य भी कई लोग इस कांड में शामिल थे, जो फरार हो गये. पुलिस ने इन तीन में से एक नरेन्द्र को मुखबिर ब ...

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29 अगस्त / जन्मदिवस – उनकी हॉकी से गेंद मानो चिपक जाती थी – ऐसे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द

नई दिल्ली. भारतीय हॉकी का पूरे विश्व में दबदबा था और उसका श्रेय मेजर ध्यानचन्द को जाता है. मेजर ध्यानचंद का जन्म प्रयाग, उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त, 1905 को हुआ था. उनके पिता सेना में सूबेदार थे. उन्होंने 16 साल की अवस्था में ध्यानचन्द को भी सेना में भर्ती करा दिया. वहां वे कुश्ती में बहुत रुचि लेते थे, पर सूबेदार मेजर बाले तिवारी ने उन्हें हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद तो ध्यानचंद और हॉकी एक दूसर ...

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28 अगस्त / जन्मदिवस – प्रथम प्रचारक बाबासाहब आप्टे

नई दिल्ली. 28 अगस्त, 1903 को यवतमाल, महाराष्ट्र के एक निर्धन परिवार में जन्मे प्रचारकों की श्रृंखला में प्रथम प्रचारक उमाकान्त केशव आप्टे जी का प्रारम्भिक जीवन बड़ी कठिनाइयों में बीता. 16 वर्ष की छोटी अवस्था में पिता का देहान्त होने के कारण परिवार की सारी जिम्मेदारी इन पर ही आ गयी. इन्हें पुस्तक पढ़ने का बहुत शौक था. आठ वर्ष की अवस्था में इनके मामा ‘ईसप की कथाएं’ नामक पुस्तक लेकर आये. उमाकान्त देर रात तक उस ...

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26 अगस्त / इतिहास स्मृति – चित्तौड़ का पहला जौहर

नई दिल्ली. जौहर की गाथाओं से भरे पृष्ठ भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं. ऐसे अवसर एक नहीं, कई बार आए हैं, जब हिन्दू ललनाओं ने अपनी पवित्रता की रक्षा के लिए ‘जय हर-जय हर’ कहते हुए हजारों की संख्या में सामूहिक अग्नि प्रवेश किया था. यही उद्घोष आगे चलकर ‘जौहर’ बन गया. जौहर की गाथाओं में सर्वाधिक चर्चित प्रसंग चित्तौड़ की रानी पद्मिनी का है, जिन्होंने 26 अगस्त, 1303 को 16,000 क्षत्राणियों के साथ जौहर किया था. प ...

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12 जुलाई / पुण्यतिथि – संघव्रती, जुगल किशोर परमार जी

नई दिल्ली. मध्यभारत प्रांत की प्रथम पीढ़ी के प्रचारकों में से एक जुगल किशोर जी परमार का जन्म इंदौर के एक सामान्य परिवार में वर्ष 1919 में हुआ था. भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के कारण घर वालों को उनसे कुछ अधिक ही अपेक्षाएं थीं, पर उन्होंने संघव्रत अपनाकर आजीवन उसका पालन किया. जुगल जी किशोरावस्था में संघ के सम्पर्क में आकर शाखा जाने लगे. उन्होंने इंदौर के होल्कर महाविद्यालय से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. ...

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11 जुलाई / जन्मदिवस – पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम

नई दिल्ली. बाबा कांशीराम का नाम हिमाचल प्रदेश के स्वतन्त्रता सेनानियों की सूची में शीर्ष पर लिया जाता है. उनका जन्म ग्राम पद्धयाली गुर्नाड़ (जिला कांगड़ा) में 11 जुलाई, 1888 को हुआ था. इनके पिता लखनु शाह जी तथा माता रेवती जी थीं. लखनु शाह जी और उनके परिवार की सम्पूर्ण क्षेत्र में बहुत प्रतिष्ठा थी. स्वतन्त्रता आन्दोलन में अनेक लोकगीतों और कविताओं ने राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को प्रज्वलित करने में घी का काम किय ...

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10 जुलाई / जन्मदिवस – संकल्प के धनी जयगोपाल जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में अनेक कार्यकर्ता प्रचारक जीवन स्वीकार करते हैं, पर ऐसे लोग कम ही होते हैं, जो बड़ी से बड़ी व्यक्तिगत या पारिवारिक बाधा आने पर भी अपने संकल्प पर दृढ़ रहते हैं. जयगोपाल जी उनमें से ही एक थे. उनका जन्म अविभाजित भारत के पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त स्थित डेरा इस्माइल खां नगर के एक प्रतिष्ठित एवं सम्पन्न परिवार में 10 जुलाई, 1923 को हुआ था. अब यह क्षेत्र पाकिस्तान में ...

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