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29 मई / बलिदान दिवस – हैदराबाद सत्याग्रह के बलिदानी नन्हू सिंह

नई दिल्ली. 15 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों ने भारत को स्वतन्त्र कर दिया. पर इसके साथ ही यहाँ की सभी रियासतों, राजे-रजवाड़ों को यह स्वतन्त्रता भी दे गये, कि वे अपनी इच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में जा सकते हैं. देश की सभी रियासतें भारत में मिल गयीं, पर जूनागढ़ और भाग्यनगर (हैदराबाद) टेढ़ी-तिरछी हो रही थीं. इन दोनों के मुखिया मुसलमान थे. हैदराबाद में यूं तो हिन्दुओं की जनसंख्या सर्वाधिक थी, पर पुलिस शत-प्रतिशत मु ...

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28 मई / जन्मदिवस – अप्रतिम क्रांतिकारी, कवि, इतिहासकार वीर विनायक दामोदर सावरकर

नई दिल्ली. अप्रतिम क्रांतिकारी, समर्पित समाज सुधारक, महान कवि और महान इतिहासकार वीर सावरकर. सावरकर भारत के पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के केन्द्र लंदन में उसके विरूद्ध क्रांतिकारी आंदोलन संगठित किया था. वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने वर्ष 1905 के बंग-भंग के बाद 1906 में ‘स्वदेशी’ का नारा देकर, विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी और उन्हें अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की डिग्री खोनी पड़ी. सावरकर भ ...

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27 मई / आन के धनी वीर प्रताप सिंह बारहठ का बलिदान दिवस

एक पुलिस अधिकारी और कुछ सिपाही उत्तर प्रदेश की बरेली जेल में हथकड़ियों और बेड़ियों से जकड़े एक तेजस्वी युवक को समझा रहे थे,‘‘कुँवर साहब, हमने आपको बहुत समय दे दिया है. अच्छा है कि अब आप अपने क्रान्तिकारी साथियों के नाम हमें बता दें. इससे सरकार आपको न केवल छोड़ देगी, अपितु पुरस्कार भी देगी. इससे आपका शेष जीवन सुख से बीतेगा.’’ पर, युवक ने समस्त प्रलोभनों को नकार दिया. उस युवक का नाम था, प्रताप सिंह बारहठ. वे ...

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27 मई / पुण्यतिथि – कर्मवीर धर्मचंद नाहर

नई दिल्ली. धर्मचंद नाहर जी का जन्म राजस्थान में अजमेर से लगभग 150 किमी दूर स्थित ग्राम हरनावां पट्टी में वर्ष 1944 की कार्तिक कृष्ण 13 (धनतेरस) को हुआ था. जब वे केवल तीन वर्ष के थे, तब उनके पिता मिश्रीमल जी बच्चों की समुचित शिक्षा के लिये लाडनू आ गये. यह परिवार जैन मत के तेरापंथ से सम्बन्धित था. लाडनू उन दिनों तेरापंथ का प्रमुख स्थान था. सात भाई और एक बहन वाला यह परिवार एक ओर धर्मप्रेमी, तो दूसरी ओर संघ के ...

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26 मई / जन्मदिवस – निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

नई दिल्ली. आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है, पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही, उनमें श्री होंगसन्द्र वेंकटरमैया शेषाद्रि जी का नाम शीर्ष पर है. 26 मई, 1926 को बंगलौर में जन्मे शेषाद्रि जी 1943 में स्वयंसेवक बने. 1946 में मैसूर विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में प्रथम श्रेणी में स्वर्ण पदक पाकर उन्होंने एमएससी की डिग्री हास ...

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25 मई / पुण्यतिथि – नव दधीचि : अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनंत गोखले जी का जन्म 23.9.1918 को खंडवा (म.प्र.) में रामचंद्र गोखले जी के घर में हुआ. उस दिन अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद शुक्ल 14) थी, इसी से उनका नाम अनंत रामचंद्र गोखले रखा गया. खंडवा में ‘गोखले बाड़ा’ के नाम से उनके पूर्वजों का विख्यात स्थान है. द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिताजी सदाशिव गोलवलकर जी जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे ‘गोखले बाड़ा’ में ही रहते थे. बालक माधव के जीवन की वह घटना प्रसिद ...

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24 मई / पुण्यतिथि – आतंकवाद में दृढ़ चट्टान विश्वनाथ जी

नई दिल्ली. अस्सी के दशक में जब पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था, उन दिनों बड़ी संख्या में लोग पंजाब छोड़कर अन्य प्रान्तों में जा बसे थे. ऐसे में पंजाब प्रान्त प्रचारक विश्वनाथ जी ने सबको हिम्मत से वहीं डटे रहने का आग्रह किया. वे स्वयं साहसपूर्वक गाँव-गाँव घूमे और स्वयंसेवकों तथा सामान्य नागरिकों का उत्साह बढ़ाया. विश्वनाथ जी का जन्म 1925 में अमृतसर के पास सिख पन्थ के तीसरे गुरु श्री अमरदास जी द्वारा स्थापित ...

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ज्ञान का चरम हैं नारद – नारद जयंती (20 मई) पर विशेष

ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को नारद जयन्ती होती है, जो इस बार 20 मई को है. पिछले कई वर्षों से राष्ट्रवादी लोग इस दिन को पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाते हैं. नारद सृष्टि के पहले संवाददाता माने जाते हैं. हिन्दी फिल्मों और सेकुलर विमर्शकारों द्वारा उन्हें नकारात्मक चरित्र और लोगों के बीच में मनमुटाव और लड़ाई करने वाले के रूप में चित्रित किया जाता है. इसलिए कई बार ऐसे ही लोग नारद जयन्ती के आयोजनों पर अपनी भौहें तान ...

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19 मई / जन्मदिवस – संघर्षप्रिय एवं जुझारू मधुसूदन जी

नई दिल्ली. मधुसूदन जी का जन्म 19 मई, 1956 को ग्राम सीसवाली (जिला बारां, राजस्थान) में प्रभुलाल मोरवाल जी के घर में हुआ था. घर में कुछ खेती भी थी, पर उनके परिवार में बाल काटने का पुश्तैनी काम होता था. यद्यपि नयी पीढ़ी के लोग शिक्षित होकर निजी और सरकारी सेवाओं में भी जा रहे थे. अपने गांव में रहते हुये उन्होंने ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ के माध्यम से छात्रों के हित में संघर्ष किया. इससे वे शीघ्र ही विद्यार ...

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14 मई / पुण्यतिथि – उत्कृष्ट लेखक भैया जी सहस्रबुद्धे

नई दिल्ली. प्रभावी वक्ता, उत्कृष्ट लेखक, कुशल संगठक, व्यवहार में विनम्रता व मिठास के धनी प्रभाकर गजानन सहस्रबुद्धे का जन्म खण्डवा (मध्य प्रदेश) में 18 सितम्बर, 1917 को हुआ था. उनके पिताजी वहां अधिवक्ता थे. वैसे यह परिवार मूलतः ग्राम टिटवी (जलगाँव, मध्य प्रदेश) का निवासी था. भैया जी जब नौ वर्ष के ही थे, तब उनकी माताजी का देहान्त हो गया. इस कारण तीनों भाई-बहिनों का पालन बदल-बदलकर किसी सम्बन्धी के यहां होता रह ...

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