You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 3)

06 अक्तूबर / पुण्यतिथि – गीत के विनम्र स्वर दत्ता जी उनगांवकर

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में देशप्रेम से परिपूर्ण अनेक गीत गाये जाते हैं. उनका उद्देश्य होता है, स्वयंसेवकों को देश एवं समाज के साथ एकात्म करना. इनमें से अधिकांश के लेखक कौन होते हैं, प्रायः इसका पता नहीं लगता. ऐसा ही एक लोकप्रिय गीत है, ‘‘पूज्य माँ की अर्चना का, एक छोटा उपकरण हूँ’’ इसके लेखक थे मध्य भारत के वरिष्ठ प्रचारक दत्ताजी उनगाँवकर, जिन्होंने अन्तिम साँस तक संघ-कार्य करने का व्रत न ...

Read more

05 अक्तूबर / जन्मदिवस – महारानी दुर्गावती

नई दिल्ली. महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं. महोबा के राठ गांव में 1524 ई. की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया. नाम के अनुरूप ही तेज, साहस और शौर्य के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गयी. उनका विवाह गढ़ मंडला के प्रतापी राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपतशाह से हुआ. 52 गढ़ तथा 35,000 गांवों वाले गोंड साम्राज्य का क्षेत्रफल 67,500 वर्गमील था. यद्यपि दुर्ग ...

Read more

01 अक्तूबर / जन्मदिवस – भारत भक्त विदेशी महिला डॉ. एनी बेसेंट

डॉ. एनी वुड बेसेंट का जन्म एक अक्तूबर, 1847 को लंदन में हुआ था. इनके पिता अंग्रेज तथा माता आयरिश थीं. जब ये पांच वर्ष की थीं, तब इनके पिता का देहांत हो गया. अतः इनकी मां ने इन्हें मिस मेरियट के संरक्षण में हैरो भेज दिया. उनके साथ वे जर्मनी और फ्रांस गयीं और वहां की भाषाएं सीखीं. 17 वर्ष की अवस्था में वे फिर से मां के पास आ गयीं. 1867 में इनका विवाह एक पादरी रेवरेण्ड फ्रेंक से हुआ. वह संकुचित विचारों का था. ...

Read more

29 सितम्बर / बलिदान-दिवस – स्वतन्त्रता सेनानी : मातंगिनी हाजरा

भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी कदम से कदम मिलाकर संघर्ष किया था. मातंगिनी हाजरा एक ऐसी ही बलिदानी माँ थीं, जिन्होंने अपनी अशिक्षा, वृद्धावस्था तथा निर्धनता को इस संघर्ष में आड़े नहीं आने दिया. मातंगिनी का जन्म 1870 में ग्राम होगला, जिला मिदनापुर, पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था. गरीबी के कारण 12 वर्ष की अवस्था में ही उनका विवाह ग्राम ...

Read more

28 सितम्बर / जन्मदिवस – क्रांति का दूसरा नाम शहीद भगत सिंह

भारत जब भी अपने आजाद होने पर गर्व महसूस करता है तो उसका सर उन महापुरुषों के लिए हमेशा झुकता है, जिन्होंने देश प्रेम की राह में अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. देश के स्वतंत्रता संग्राम में हजारों ऐसे नौजवान भी थे, जिन्होंने ताकत के बल पर आजादी दिलाने की ठानी और क्रांतिकारी कहलाए. भारत में जब भी क्रांतिकारियों का नाम लिया जाता है तो सबसे पहला नाम शहीद भगत सिंह का आता है. शहीद भगत सिंह ने ही देश के नौजवानों में ...

Read more

27 सितम्बर / जन्मदिवस – आदर्श स्वयंसेवक : सत्यनारायण बंसल

श्री सत्यनारायण बंसल का जन्म 27 सितम्बर, 1927 (अनंत चतुर्दशी) को हुआ था. उनके पिता श्री बिशनस्वरूप सामाजिक कायकर्ता तथा तथा कोयले के बड़े व्यापारी थे. सत्यनारायण जी ने बी.कॉम, एम.ए. (राजनीति शास्त्र) तथा कानून की उपाधियां प्रथम श्रेणी में प्राप्त कीं. छात्र-जीवन में क्रांतिवीर मास्टर अमीरचंद के संपर्क में आकर उन्होंने स्वाधीनता संग्राम में भाग लिया. सत्यनारायण जी अपने नाम के अनुरूप सदा सत्य पर अड़ जाते थे. ...

Read more

25 सितम्बर / जन्मदिवस – एकात्म मानववाद के प्रणेता : दीनदयाल उपाध्याय

सुविधाओं में पलकर कोई भी सफलता पा सकता है; पर अभावों के बीच रहकर शिखरों को छूना बहुत कठिन है. 25 सितम्बर, 1916 को जयपुर से अजमेर मार्ग पर स्थित ग्राम धनकिया में अपने नाना पण्डित चुन्नीलाल शुक्ल के घर जन्मे दीनदयाल उपाध्याय ऐसी ही विभूति थे. दीनदयाल जी के पिता श्री भगवती प्रसाद ग्राम नगला चन्द्रभान, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश के निवासी थे. तीन वर्ष की अवस्था में ही उनके पिताजी का तथा आठ वर्ष की अवस्था में माता ...

Read more

23 सितम्बर / जन्मदिवस – नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनुशासन के प्रति अत्यन्त कठोर श्री अनंत रामचंद्र गोखले जी का जन्म 23 सितम्बर, 1918 (अनंत चतुर्दशी) को म.प्र. के खंडवा नगर में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था. ‘’ संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिता श्री सदाशिव गोलवलकर जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे उनके घर में ही रहते थे. नागपुर से इंटर करते समय गोखले जी धंतोली सायं शाखा में जाने लगे. एक सितम्बर, 1938 को वहीं उन्होंने प्रतिज्ञा ली. इंटर की ...

Read more

हिंदुस्तानी कला, आचार-विचार को नए संदर्भ व व्याख्या और परिभाषा के साथ उजागर करने वाले

नई दिल्ली. आनंद कुमार स्वामी ने पश्चिम के सामने हिंदुस्तानी कला ही नहीं, आचार-विचार को नए संदर्भ, नई व्याख्या और परिभाषा के साथ उजागर किया. वे मूल रूप से सिंहली थे. उनका जन्म भी तब के सिलोन और आज के श्रीलंका में हुआ था. उनका परिवार तमिल भाषी था. पिता भी दार्शनिक थे और माता इंग्लिश मूल की थीं. दो साल की उम्र में पिता के देहांत के बाद उनका लालन-पालन इंग्लैंड में ही हुआ. वहीं उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई. उन्होंने ह ...

Read more

28 जुलाई / इतिहास स्मृति – त्रिपुरा के बलिदानी स्वयंसेवक

नई दिल्ली. विश्व भर में फैले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करोड़ों स्वयंसेवकों के लिए 28 जुलाई, 2001 एक काला दिन सिद्ध हुआ. इस दिन भारत सरकार ने संघ के चार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की मृत्यु की विधिवत घोषणा कर दी, जिनका अपहरण छह अगस्त, 1999 को त्रिपुरा राज्य में कंचनपुर स्थित ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ के एक छात्रावास से चर्च प्रेरित आतंकियों ने किया था. इनमें सबसे वरिष्ठ थे, 68 वर्षीय श्यामलकांति सेनगुप्ता. उनका जन्म ग ...

Read more
Scroll to top