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16 जून / बलिदान दिवस – नलिनीकान्त बागची का बलिदान

नई दिल्ली. भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में यद्यपि क्रान्तिकारियों की चर्चा कम ही हुई है, पर सच यह है कि उनका योगदान अहिंसक आन्दोलन से बहुत अधिक था. बंगाल क्रान्तिकारियों का गढ़ था. इन्हीं क्रान्तिकारियों में एक थे, नलिनीकान्त बागची, जो सदा अपनी जान हथेली पर लिये रहते थे. क्रान्तिकारियों से घबराकर अंग्रेजों ने राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली में स्थापित की थी. एक बार बागची अपने साथियों के साथ गुवाहा ...

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15 जून / जन्मदिवस – सरल, ओजस्वी व हंसमुख ब्रह्मदेव जी

नई दिल्ली. दिल्ली और आसपास के अनेक राज्यों में संघ के काम को गति देने वाले ब्रह्मदेव जी का जन्म 15 जून, 1920 को नजफगढ़ (दिल्ली) में हुआ था. उनके पिता नेतराम शर्मा जी तथा माता भगवती देवी जी थीं. वर्ष 1936 में उन्होंने हाईस्कूल तथा 1940 में दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की. वर्ष 1937 में हिन्दू महासभा भवन में लगने वाली शाखा में वे स्वयंसेवक बने. इसके बाद उनका समर्पण संघ के प्रति बढ़त ...

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14 जून / जन्मदिवस – प्रसिद्धि से दूर : भाऊसाहब भुस्कुटे

नई दिल्ली. संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी की दृष्टि बड़ी अचूक थी. उन्होंने ढूंढ-ढूंढकर ऐसे हीरे एकत्र किये, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और परिवार की चिन्ता किये बिना पूरे देश में संघ कार्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. ऐसे ही एक श्रेष्ठ प्रचारक थे 14 जून, 1915 को बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) में जन्मे गोविन्द कृष्ण भुस्कुटे, जो भाऊसाहब भुस्कुटे के नाम से प्रसिद्ध हुये. 18 वीं सदी में इनके अधिकांश पूर् ...

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13 जून / बलिदान दिवस – गंगा की रक्षा के लिए प्राणाहुति देने वाले स्वामी निगमानंद

नई दिल्ली. मां गंगा भारत की प्राण रेखा है. भारत की एक तिहाई जनसंख्या गंगा पर आश्रित है, पर उसका अस्तित्व आज संकट में है. उसे बड़े-बड़े बांध बनाकर बन्दी बनाया जा रहा है. उसके किनारे बसे नगरों की गंदगी गंगा में बहा दी जाती है. वहां के उद्योगों के अपशिष्ट पदार्थ गंगा में डाल दिये जाते हैं. कहें तो गंगा को मृत्यु की ओर धकेला जा रहा है. हरिद्वार एक तीर्थ है. वहां स्थित हजारों आश्रमों में रहकर सन्त लोग साधना एवं ...

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04 जून / जन्मदिवस – सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य था, पिंगलवाड़ा के संत भगत पूर्ण सिंह जी

नई दिल्ली. सेवा को जीवन का लक्ष्य मानने वालों के लिए पिंगलवाड़ा धर्मार्थ संस्थान, अमृतसर के संस्थापक भगत पूर्ण सिंह एक आदर्श हैं. उनका जन्म 4 जून, 1904 को लुधियाना के राजेवाल गांव में हुआ था. उनका जन्म का नाम रामजीदास था. उनकी मां और पिता का विधिवत विवाह नहीं हुआ था. उनकी जाति अलग थी और दोनों ही पूर्व विवाहित भी थे. गांव-बिरादरी के झंझट और पति के दुराग्रह के कारण उनकी मां को अपने तीन गर्भ गिराने पड़े थे. बह ...

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02 जून / पुण्य तिथि – स्वामी विवेकानंद जी का अनन्य निष्ठावान गुडविन

नई दिल्ली. स्वामी विवेकानन्द के विश्वप्रसिद्ध भाषण लिखने का श्रेय जोशिया जॉन गुडविन को है. स्वामी जी उसे प्रेम से ‘मेरा निष्ठावान गुडविन’ (My faithful Goodwin) कहते थे. उनका जन्म 20 सितम्बर, 1870 को इंग्लैंड के बैथेस्टोन में हुआ था. उसके पिता जोशिया गुडविन जी भी एक आशुलिपिक (stenographer) एवं सम्पादक थे. गुडविन ने भी कुछ समय पत्रकारिता की, पर सफलता न मिलने पर वह ऑस्ट्रेलिया होते हुए अमरीका आ गए. स्वामी जी क ...

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28 मई / जन्मदिवस – अप्रतिम क्रांतिकारी, कवि, इतिहासकार वीर विनायक दामोदर सावरकर

नई दिल्ली. अप्रतिम क्रांतिकारी, समर्पित समाज सुधारक, महान कवि और महान इतिहासकार वीर सावरकर. सावरकर भारत के पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के केन्द्र लंदन में उसके विरूद्ध क्रांतिकारी आंदोलन संगठित किया था. वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने वर्ष 1905 के बंग-भंग के बाद 1906 में ‘स्वदेशी’ का नारा देकर, विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी और उन्हें अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की डिग्री खोनी पड़ी. सावरकर भ ...

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27 मई / पुण्यतिथि – कर्मवीर धर्मचंद नाहर

नई दिल्ली. धर्मचंद नाहर जी का जन्म राजस्थान में अजमेर से लगभग 150 किमी दूर स्थित ग्राम हरनावां पट्टी में वर्ष 1944 की कार्तिक कृष्ण 13 (धनतेरस) को हुआ था. जब वे केवल तीन वर्ष के थे, तब उनके पिता मिश्रीमल जी बच्चों की समुचित शिक्षा के लिये लाडनू आ गये. यह परिवार जैन मत के तेरापंथ से सम्बन्धित था. लाडनू उन दिनों तेरापंथ का प्रमुख स्थान था. सात भाई और एक बहन वाला यह परिवार एक ओर धर्मप्रेमी, तो दूसरी ओर संघ के ...

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26 मई / जन्मदिवस – निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

नई दिल्ली. आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है, पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही, उनमें श्री होंगसन्द्र वेंकटरमैया शेषाद्रि जी का नाम शीर्ष पर है. 26 मई, 1926 को बंगलौर में जन्मे शेषाद्रि जी 1943 में स्वयंसेवक बने. 1946 में मैसूर विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में प्रथम श्रेणी में स्वर्ण पदक पाकर उन्होंने एमएससी की डिग्री हास ...

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25 मई/ पुण्य तिथि – नव दधीचि : अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनंत गोखले जी का जन्म 23.9.1918 को खंडवा (म.प्र.) में रामचंद्र गोखले जी के घर में हुआ. उस दिन अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद शुक्ल 14) थी, इसी से उनका नाम अनंत रामचंद्र गोखले रखा गया. खंडवा में ‘गोखले बाड़ा’ के नाम से उनके पूर्वजों का विख्यात स्थान है. द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिताजी सदाशिव गोलवलकर जी जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे ‘गोखले बाड़ा’ में ही रहते थे. बालक माधव के जीवन की वह घटना प्रसिद ...

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