You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 3)

01 मार्च / बलिदान दिवस – क्रान्तिवीर गोपीमोहन साहा

नई दिल्ली.  पुलिस अधिकारी टेगार्ट ने अपनी रणनीति से बंगाल के क्रान्तिकारी आन्दोलन को काफी नुकसान पहुँचाया. प्रमुख क्रान्तिकारी या तो फाँसी पर चढ़ा दिये गए थे या जेलों में सड़ रहे थे. उनमें से कई को तो कालेपानी भेज दिया गया था. ऐसे समय में बंगाल की वीरभूमि पर गोपीमोहन साहा नामक एक क्रान्तिवीर का जन्म हुआ, जिसने टेगार्ट से बदला लेने का प्रयास किया. यद्यपि दुर्भाग्यवश उसका यह प्रयास सफल नहीं हो पाया. टेगार्ट क ...

Read more

26 फरवरी / पुण्यतिथि – एक जन्म में अनेक जन्मों का कारावास पाने वाले अप्रतिम क्रांतिकारी

एक जन्म में अनेक जन्मों का कारावास पाने वाले अप्रतिम क्रांतिकारी, समर्पित समाज सुधारक, ओजस्वी वक्ता, कवि व अखंड भारत के स्वप्न दृष्टा विनायक दामोदर सावरकर जी की पुण्यतिथि पर देश शत्-शत् नमन करता है. सावरकर वे पहले कवि थे, जिन्होंने कलम-काग़ज़ के बिना जेल की दीवारों पर पत्थर के टुकड़ों से कवितायें लिखीं. कहा जाता है - उन्होंने अपनी रची दस हज़ार से भी अधिक पंक्तियों को प्राचीन वैदिक साधना के अनुरूप वर्षों स्म ...

Read more

25 फरवरी / पालखेड़ का ऐतिहासिक संग्राम – बाजीराव पेशवा (प्रथम)

नई दिल्ली. द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध सेनानायक फील्ड मार्शल मांटगुमरी ने युद्धशास्त्र पर आधारित अपनी पुस्तक ‘ए कन्साइस हिस्ट्री ऑफ वारफेयर’ में  विश्व के सात प्रमुख युद्धों की चर्चा की है. इसमें एक युद्ध पालखेड़ (कर्नाटक) का है, जिसमें 27 वर्षीय बाजीराव पेशवा (प्रथम) ने संख्या व शक्ति में अपने से दुगनी से भी अधिक निजाम हैदराबाद की सेना को हराया था. बाजीराव (प्रथम) शिवाजी के पौत्र छत्रपति शाहूजी के प्रध ...

Read more

24 फरवरी / बलिदान दिवस – लोकदेवता कल्ला जी राठौड़ का बलिदान

नई दिल्ली. राजस्थान में अनेक वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है, जिससे उनकी छवि लोकदेवता के रूप में बन गयी है. कल्ला जी राठौड़ ऐसे ही एक महामानव थे. उनका जन्म मेड़ता राजपरिवार में आश्विन शुक्ल 8, विक्रम संवत 1601 को हुआ था. इनके पिता मेड़ता के राव जयमल के छोटे भाई आसासिंह थे. भक्तिमती मीराबाई इनकी बुआ थीं. कल्ला जी की रुचि बचपन से सामान्य शिक्षा के साथ ही योगाभ्यास, औषध विज्ञान तथा शस्त्र ...

Read more

22 फरवरी / पुण्यतिथि – सेवा का अक्षय वट माधवराव परलकर

नई दिल्ली. सेवा का क्षेत्र बहुत व्यापक है. जिस व्यक्ति पर कष्ट पड़ता है, उसकी सेवा तो पुण्य है ही; पर उनके सम्बन्धियों के कष्ट भी कम नहीं होते. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता जनजीवन से जुड़े होते हैं. उन्होंने ऐसे रोगियों और उनके परिचारकों के लिए अनेक सेवा केन्द्रों की स्थापना की है. इनमें मुम्बई का ‘नाना पालकर रुग्ण सेवा केन्द्र’ भी एक है. इसके प्राण थे संघ के वरिष्ठ प्रचारक माधवराव परलकर. माधवराव अ ...

Read more

महिला शक्ति की प्रतीक कित्तूर की रानी चेन्नम्मा

कर्नाटक राज्य के कित्तूर की रानी चेन्नम्मा सन् 1824 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ अपनी सेना बनाकर लड़ने वाली पहली रानी थी. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और तभी से वह भारतीय स्वतंत्रता अभियान की पहचान बन गयीं. 23 अक्तूबर, 1778 को चेन्नम्मा का जन्म भारत के कर्नाटक राज्य के बिलगावी जिले के छोटे से गांव काकटि में हुआ था. बचपन में ही उन्होंने घोड़े की सवारी, तलवार से लड़ने और तीरंदाजी में प्रशिक्ष ...

Read more

20 फरवरी / जन्मदिवस – समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले

नई दिल्ली. महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 20 फरवरी, 1827 को पुणे (महाराष्ट्र) में हुआ था. इनके पिता गोविन्दराव जी फूलों की खेती से जीवन यापन करते थे. इस कारण इनका परिवार फुले कहलाता था. महाराष्ट्र में उन दिनों छुआछूत की बीमारी चरम पर थी. अछूत जाति के लोगों को अपने चलने से अपवित्र हुई सड़क की सफाई के लिए कमर में पीछे की ओर लम्बा झाड़ू बांधकर तथा थूकने के लिए गले में एक लोटा लटकाकर चलना होता था. एक वर्ष की अवस ...

Read more

19 फरवरी / जन्मदिवस – छत्रपति शिवाजी महाराज

महान देशभक्त, धर्मात्मा, राष्ट्र निर्माता तथा कुशल प्रशासक शिवाजी का व्यक्तित्व बहुमुखी था. माँ जीजाबाई के प्रति उनकी श्रद्धा और आज्ञाकारिता उन्हें एक आदर्श पुत्र सिद्ध करती है. शिवाजी का व्यक्तित्व इतना आकर्षक था कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उनसे प्रभावित हो जाता था. साहस, शौर्य तथा तीव्र बुद्धि के धनी शिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था. शिवाजी की जन्म तिथि के विषय में सभी विद्वान ए ...

Read more

श्री गुरुजी – राष्ट्र को समर्पित व्यक्तित्व

राष्ट्र श्री गुरुजी के जन्मदिन पर उनका पुण्य स्मरण कर रहा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री माधवराव सदाशिव राव गोलवलकर जिन्हें सब प्रेम से श्री गुरूजी कहकर पुकारते हैं, ऐसे महान व्यक्तित्व का जन्म 19 फरवरी, 1906 को नागपुर में अपने मामा के घर पर हुआ था. उनके पिता श्री सदाशिव गोलवलकर उन दिनों नागपुर से 70 किमी दूर रामटेक में अध्यापक थे. माधव बचपन से ही मेधावी छात्र थे. उन्होंने सभी परीक्षा ...

Read more

18 फऱवरी / जयंती – श्री रामकृष्ण परमहंस

श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म फागुन शुक्ल 2, विक्रमी सम्वत् 1893 (18 फरवरी, 1836) को कोलकाता के समीप ग्राम कामारपुकुर में हुआ था. पिता श्री खुदीराम चट्टोपाध्याय एवं माता श्रीमती चन्द्रादेवी ने अपने पुत्र का नाम गदाधर रखा था. सब उन्हें स्नेहवश 'गदाई' भी कहते थे. बचपन से ही उन्हें साधु-सन्तों का साथ तथा धर्मग्रन्थों का अध्ययन अच्छा लगता था. इसी कारण छोटी अवस्था में ही उन्हें रामायण, महाभारत आदि पौराणिक कथायें ...

Read more
Scroll to top