You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 48)

कर्मयोगी गोविन्दराव कात्रे

16 मई/पुण्य-तिथि कुष्ठ रोगियों को समाज में प्रायः घृणा की दृष्टि से देखा जाता है. कई लोग अज्ञानवश इस रोग को पूर्व जन्म के पापों का प्रतिफल मानते हैं. ऐसे लोगों की सेवा को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाले सदाशिव गोविन्द कात्रे का जन्म देवोत्थान एकादशी (23 नवम्बर, 1901) को जिला गुना (मध्य प्रदेश) में हुआ था. धार्मिक परिवार होने के कारण उनके मन पर अच्छे संस्कार पड़े. आठ वर्ष की अवस्था में पिताजी के देहान्त के बाद ...

Read more

वानप्रस्थी सेना के नायक जितेन्द्रवीर गुप्त

11 मई/जन्म-दिवस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य विस्तार में प्रचारकों का बड़ा योगदान है. साथ ही उस कार्य को टिकाने तथा समाज के विविध क्षेत्रों में पहुंचाने में वानप्रस्थी कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है. 11 मई, 1929 को नरवाना (हरियाणा) में संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता बाबू दिलीप चंद्र गुप्त के घर जन्मे श्री जितेन्द्रवीर गुप्त वानप्रस्थी कार्यकर्ताओं की मालिका के एक सुगंधित पुष्प थे. श्री जितेन्द्र जी को सं ...

Read more

विश्वकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर

7 मई/जन्म-दिवस बंगला और अंग्रेजी साहित्य के माध्यम से भारत को विश्व रंगमंच पर अमिट स्थान दिलाने वाले रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में हुआ था. इनके पिता का नाम श्री देवेन्द्रनाथ तथा माता का नाम शारदादेवी था. बचपन से ही काव्य में रुचि रखने वाले इस प्रतिभाशाली बालक को देखकर कौन कह सकता था कि एक दिन विश्वविख्यात नोबेल पुरस्कार जीतकर यह कवि भारत का नाम दुनिया में उज्जवल करेगा. रवीन्द्रनाथ के प ...

Read more

श्री रामानुजाचार्य

श्रीरामानुजाचार्य जयंती पर विशेष दक्षिण भारत के पाण्ड्य राज्य का महाप्रतिभुतिपुरी वह शक्ति स्थान है, जो आचार्य के आविर्भाव से धन्य हुआ. आसुरिकेशवाचार्य दीक्षित चन्द्र ग्रहण के समय कैरविणी सागर संगम पर अपनी पत्नी के साथ स्नान करने आये थे. उनकी पत्नी श्रीकान्तिमती जी श्रीयामुनाचार्य जी के शिष्य श्री शैलपूर्ण जी की बहिन थी. भगवदीय वरदान से जो तेजोमय पुत्र उन्हें यथासमय प्राप्त हुआ, उसका नाम लक्ष्मण रखा गया. यह ...

Read more

आद्य शंकराचार्य

सहस्रों वर्ष की बात है. सर्वशास्त्र-निष्णात श्रीशिवगुरु नामक एक अत्यन्त पवित्र धर्मनिष्ठ ब्राह्मण थे. उनकी पत्नी का नाम सुभद्रा था. सुभद्र देवी धर्म की मूर्ति जैसी थीं. अधिक आयु व्यतीत होने के बाद भी उन्हें कोई संतान नहीं हुई. पुण्यमयी देवी ने भगवान आशुतोष शिव की आराधना आरम्भ की.शशांकशेखरसंतुष्ट हुये और वृद्धावस्था में उनकी कोख से एक अत्यंत तेजस्वी बालक उत्पन्न हुआ. कहा जाता है, भगवान शंकर ही उपासना से तुष् ...

Read more

भीमबेटका गुफा चित्रों के अन्वेषक हरिभाऊ वाकणकर

4 मई/जन्म-दिवस भीमबेटका गुफा चित्रों के अन्वेषक हरिभाऊ वाकणकर भारतीय सभ्यता न केवल लाखों वर्ष प्राचीन है, अपितु वह अत्यन्त समृद्ध भी रही है. इसे विश्व के सम्मुख लाने में जिन लोगों का विशेष योगदान रहा, उनमें श्री विष्णु श्रीधर (हरिभाऊ) वाकणकर का नाम उल्लेखनीय है. हरिभाऊ का जन्म 4 मई, 1919 को नीमच (जिला मंदसौर, म.प्र.) में हुआ था. इतिहास, पुरातत्व एवं चित्रकला में विशेष रुचि होने के कारण अपनी प्राथमिक शिक्षा ...

Read more

राष्ट्रसन्त तुकड़ो जी महाराज

30 अप्रैल / जन्म-दिवस 23 जुलाई, 1955 को जापान के विश्व धर्म सम्मेलन में एक संन्यासी जब बोलने के लिये खड़े हुये, तो भाषा न समझते हुए भी उनके चेहरे के भाव और कीर्तन के मधुर स्वर ने ऐसा समां बांधा कि श्रोता मन्त्रमुग्ध हो उठे. लोगों को भावरस में डुबोने वाले वे महानुभाव थे राष्ट्रसंत श्री तुकड़ो जी महाराज. तुकड़ो जी का जन्म 30 अप्रैल, 1909 को अमरावती (महाराष्ट्र) के ‘यावली’ गांव में हुआ था.  इनके पिता श्री बंडो ...

Read more

क्रान्ति पुरोधा जोधासिंह अटैया

28 अप्रैल / बलिदान-दिवस भारत की स्वतन्त्रता का पावन उद्देश्य और अदम्य उत्साह 1857 की महान क्रान्ति का प्रमुख कारण ही नहीं, आत्माहुति का प्रथम आह्वान भी था. देश के हर क्षेत्र से हर वर्ग और आयु के वीरों और वीरांगनाओं ने इस आह्वान को स्वीकार किया और अपने रक्त से भारत माँ का तर्पण किया. उस मालिका के एक तेजस्वी पुष्प थे क्रान्ति पुरोधा जोधासिंह अटैया. 10 मई, 1857 को जब बैरकपुर छावनी में वीर मंगल पांडे ने क्रान्त ...

Read more

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe now to get notified about VSK Bharat Latest News

Scroll to top