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11 दिसम्बर / जन्मदिवस – कर्मठ कार्यकर्ता बालासाहब देवरस जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति के निर्माण एवं विकास में जिनकी प्रमुख भूमिका रही है, उन मधुकर दत्तात्रेय देवरस जी का जन्म 11 दिसम्बर, 1915 को नागपुर में हुआ था. पश्चात बालासाहब के नाम से अधिक परिचित रहे. वे ही आगे चलकर संघ के तृतीय सरसंघचालक बने. बालासाहब ने वर्ष 1927 में संघ की शाखा में जाना शुरू किया था. धीरे-धीरे उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार जी से बढ़ता गया. उन्हें मोहिते के बाड़े में लगने ...

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शिखर पुरुष चक्रवर्ती राजगोपालाचारी…..

भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, जिन्हें हम राजाजी के नाम से भी जानते हैं, प्रसिद्ध वकील, लेखक और दार्शिनिक थे। वे पहले भारतीय गर्वनर जनरल थे। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी का जन्म 10 दिसंबर 1778 को तमिलनाडु के सेलम जिले के होसूर के पास धोरापल्ली नामक गांव में हुआ। वैष्णव ब्राह्मण परिवार में जन्मे चक्रवर्ती जी के पिता नलिन चक्रवर्ती थे, जो सेलम न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। राजग ...

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10 दिसंबर / बलिदान दिवस – सोनाखान (छत्तीसगढ़) के हुतात्मा वीर नारायण सिंह

नई दिल्ली. वीर नारायण सिंह का जन्म सन् 1795 में सोनाखान के जमींदार रामसाय के घर हुआ था. वे बिंझवार आदिवासी समुदाय के थे, उनके पिता ने वर्ष 1818-19 के दौरान अंग्रेजों तथा भोंसले राजाओं के विरुद्ध तलवार उठाई, लेकिन कैप्टन मैक्सन ने विद्रोह को दबा दिया. इसके बाद भी बिंझवार आदिवासियों के सामर्थ्य और संगठित शक्ति के कारण जमींदार रामसाय का सोनाखान क्षेत्र में दबदबा बना रहा, जिसके चलते अंग्रेजों ने उनसे संधि कर ली ...

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श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के उन्नायक श्री अशोक सिंहल जी की पुण्यतिथि पर नमन

बीसवीं इक्कीसवीं सदी का संधि काल हिन्दू समाज के नवजागरण के काल खण्ड के रूप में इतिहास के पन्नों में अंकित होगा. यह वह कालखंड है, जब शताब्दियों से पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े जाने से उत्पन्न आत्मविस्मृति एवं आत्महीनता की भावना को तोड़कर हिन्दू समाज ने विश्वपटल पर हूंकार भरी थी. सोए हुए हिन्दू पौरुष को जगाने का आधार बना श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और इस आंदोलन के स्मरण के साथ ही इसके नायकों में जो नाम प्रमुखता ...

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जयंती – जननायक बिरसा मुंडा

बिरसा मुंडा 19वीं सदी के एक प्रमुख वनवासी जननायक थे. उनके नेतृत्‍व में 19वीं सदी के आखिरी वर्षों में महान आन्दोलन उलगुलान को अंजाम दिया. बिरसा को मुंडा समाज के लोग भगवान के रूप में पूजते हैं. सुगना मुंडा और करमी हातू के पुत्र बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड प्रदेश में राँची के उलीहातू गाँव में हुआ था. साल्गा गाँव में प्रारम्भिक पढ़ाई के बाद वे चाईबासा इंग्लिश मिडिल स्कूल में पढ़ने आए. इनका मन हम ...

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06 अक्तूबर / पुण्यतिथि – गीत के विनम्र स्वर दत्ता जी उनगांवकर

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में देशप्रेम से परिपूर्ण अनेक गीत गाये जाते हैं. उनका उद्देश्य होता है, स्वयंसेवकों को देश एवं समाज के साथ एकात्म करना. इनमें से अधिकांश के लेखक कौन होते हैं, प्रायः इसका पता नहीं लगता. ऐसा ही एक लोकप्रिय गीत है, ‘‘पूज्य माँ की अर्चना का, एक छोटा उपकरण हूँ’’ इसके लेखक थे मध्य भारत के वरिष्ठ प्रचारक दत्ताजी उनगाँवकर, जिन्होंने अन्तिम साँस तक संघ-कार्य करने का व्रत न ...

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05 अक्तूबर / जन्मदिवस – महारानी दुर्गावती

नई दिल्ली. महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं. महोबा के राठ गांव में 1524 ई. की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया. नाम के अनुरूप ही तेज, साहस और शौर्य के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गयी. उनका विवाह गढ़ मंडला के प्रतापी राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपतशाह से हुआ. 52 गढ़ तथा 35,000 गांवों वाले गोंड साम्राज्य का क्षेत्रफल 67,500 वर्गमील था. यद्यपि दुर्ग ...

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01 अक्तूबर / जन्मदिवस – भारत भक्त विदेशी महिला डॉ. एनी बेसेंट

डॉ. एनी वुड बेसेंट का जन्म एक अक्तूबर, 1847 को लंदन में हुआ था. इनके पिता अंग्रेज तथा माता आयरिश थीं. जब ये पांच वर्ष की थीं, तब इनके पिता का देहांत हो गया. अतः इनकी मां ने इन्हें मिस मेरियट के संरक्षण में हैरो भेज दिया. उनके साथ वे जर्मनी और फ्रांस गयीं और वहां की भाषाएं सीखीं. 17 वर्ष की अवस्था में वे फिर से मां के पास आ गयीं. 1867 में इनका विवाह एक पादरी रेवरेण्ड फ्रेंक से हुआ. वह संकुचित विचारों का था. ...

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29 सितम्बर / बलिदान-दिवस – स्वतन्त्रता सेनानी : मातंगिनी हाजरा

भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी कदम से कदम मिलाकर संघर्ष किया था. मातंगिनी हाजरा एक ऐसी ही बलिदानी माँ थीं, जिन्होंने अपनी अशिक्षा, वृद्धावस्था तथा निर्धनता को इस संघर्ष में आड़े नहीं आने दिया. मातंगिनी का जन्म 1870 में ग्राम होगला, जिला मिदनापुर, पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था. गरीबी के कारण 12 वर्ष की अवस्था में ही उनका विवाह ग्राम ...

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28 सितम्बर / जन्मदिवस – क्रांति का दूसरा नाम शहीद भगत सिंह

भारत जब भी अपने आजाद होने पर गर्व महसूस करता है तो उसका सर उन महापुरुषों के लिए हमेशा झुकता है, जिन्होंने देश प्रेम की राह में अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. देश के स्वतंत्रता संग्राम में हजारों ऐसे नौजवान भी थे, जिन्होंने ताकत के बल पर आजादी दिलाने की ठानी और क्रांतिकारी कहलाए. भारत में जब भी क्रांतिकारियों का नाम लिया जाता है तो सबसे पहला नाम शहीद भगत सिंह का आता है. शहीद भगत सिंह ने ही देश के नौजवानों में ...

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