You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 6)

13 जून / बलिदान दिवस – गंगा की रक्षा के लिए प्राणाहुति देने वाले स्वामी निगमानंद

नई दिल्ली. मां गंगा भारत की प्राण रेखा है. भारत की एक तिहाई जनसंख्या गंगा पर आश्रित है, पर उसका अस्तित्व आज संकट में है. उसे बड़े-बड़े बांध बनाकर बन्दी बनाया जा रहा है. उसके किनारे बसे नगरों की गंदगी गंगा में बहा दी जाती है. वहां के उद्योगों के अपशिष्ट पदार्थ गंगा में डाल दिये जाते हैं. कहें तो गंगा को मृत्यु की ओर धकेला जा रहा है. हरिद्वार एक तीर्थ है. वहां स्थित हजारों आश्रमों में रहकर सन्त लोग साधना एवं ...

Read more

04 जून / जन्मदिवस – सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य था, पिंगलवाड़ा के संत भगत पूर्ण सिंह जी

नई दिल्ली. सेवा को जीवन का लक्ष्य मानने वालों के लिए पिंगलवाड़ा धर्मार्थ संस्थान, अमृतसर के संस्थापक भगत पूर्ण सिंह एक आदर्श हैं. उनका जन्म 4 जून, 1904 को लुधियाना के राजेवाल गांव में हुआ था. उनका जन्म का नाम रामजीदास था. उनकी मां और पिता का विधिवत विवाह नहीं हुआ था. उनकी जाति अलग थी और दोनों ही पूर्व विवाहित भी थे. गांव-बिरादरी के झंझट और पति के दुराग्रह के कारण उनकी मां को अपने तीन गर्भ गिराने पड़े थे. बह ...

Read more

02 जून / पुण्य तिथि – स्वामी विवेकानंद जी का अनन्य निष्ठावान गुडविन

नई दिल्ली. स्वामी विवेकानन्द के विश्वप्रसिद्ध भाषण लिखने का श्रेय जोशिया जॉन गुडविन को है. स्वामी जी उसे प्रेम से ‘मेरा निष्ठावान गुडविन’ (My faithful Goodwin) कहते थे. उनका जन्म 20 सितम्बर, 1870 को इंग्लैंड के बैथेस्टोन में हुआ था. उसके पिता जोशिया गुडविन जी भी एक आशुलिपिक (stenographer) एवं सम्पादक थे. गुडविन ने भी कुछ समय पत्रकारिता की, पर सफलता न मिलने पर वह ऑस्ट्रेलिया होते हुए अमरीका आ गए. स्वामी जी क ...

Read more

28 मई / जन्मदिवस – अप्रतिम क्रांतिकारी, कवि, इतिहासकार वीर विनायक दामोदर सावरकर

नई दिल्ली. अप्रतिम क्रांतिकारी, समर्पित समाज सुधारक, महान कवि और महान इतिहासकार वीर सावरकर. सावरकर भारत के पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के केन्द्र लंदन में उसके विरूद्ध क्रांतिकारी आंदोलन संगठित किया था. वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने वर्ष 1905 के बंग-भंग के बाद 1906 में ‘स्वदेशी’ का नारा देकर, विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी और उन्हें अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की डिग्री खोनी पड़ी. सावरकर भ ...

Read more

27 मई / पुण्यतिथि – कर्मवीर धर्मचंद नाहर

नई दिल्ली. धर्मचंद नाहर जी का जन्म राजस्थान में अजमेर से लगभग 150 किमी दूर स्थित ग्राम हरनावां पट्टी में वर्ष 1944 की कार्तिक कृष्ण 13 (धनतेरस) को हुआ था. जब वे केवल तीन वर्ष के थे, तब उनके पिता मिश्रीमल जी बच्चों की समुचित शिक्षा के लिये लाडनू आ गये. यह परिवार जैन मत के तेरापंथ से सम्बन्धित था. लाडनू उन दिनों तेरापंथ का प्रमुख स्थान था. सात भाई और एक बहन वाला यह परिवार एक ओर धर्मप्रेमी, तो दूसरी ओर संघ के ...

Read more

26 मई / जन्मदिवस – निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

नई दिल्ली. आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है, पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही, उनमें श्री होंगसन्द्र वेंकटरमैया शेषाद्रि जी का नाम शीर्ष पर है. 26 मई, 1926 को बंगलौर में जन्मे शेषाद्रि जी 1943 में स्वयंसेवक बने. 1946 में मैसूर विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में प्रथम श्रेणी में स्वर्ण पदक पाकर उन्होंने एमएससी की डिग्री हास ...

Read more

25 मई/ पुण्य तिथि – नव दधीचि : अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनंत गोखले जी का जन्म 23.9.1918 को खंडवा (म.प्र.) में रामचंद्र गोखले जी के घर में हुआ. उस दिन अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद शुक्ल 14) थी, इसी से उनका नाम अनंत रामचंद्र गोखले रखा गया. खंडवा में ‘गोखले बाड़ा’ के नाम से उनके पूर्वजों का विख्यात स्थान है. द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिताजी सदाशिव गोलवलकर जी जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे ‘गोखले बाड़ा’ में ही रहते थे. बालक माधव के जीवन की वह घटना प्रसिद ...

Read more

24 मई / जन्मदिवस – समर्पण और निष्ठा के प्रतिरूप के. जनाकृष्णमूर्ति

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा एक ऐसी अद्भुत तथा अनुपम कार्यशाला है, जिससे प्राप्त संस्कारों के कारण व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में रहे, वहीं अपने कार्य और व्यवहार की सुगन्ध छोड़ जाता है. 24 मई, 1928 को मदुरै (तमिलनाडु) के एक अधिवक्ता परिवार में जन्मे के. जनाकृष्णमूर्ति जी ऐसे ही एक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने संघ के साधारण स्वयंसेवक से आगे बढ़ते हुए भारतीय जनता पार्टी जैसे विशाल राजनीतिक संगठन के अध् ...

Read more

24 मई / पुण्य तिथि – आतंकवाद में दृढ़ चट्टान विश्वनाथ जी

नई दिल्ली. अस्सी के दशक में जब पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था, उन दिनों बड़ी संख्या में लोग पंजाब छोड़कर अन्य प्रान्तों में जा बसे थे. ऐसे में पंजाब प्रान्त प्रचारक विश्वनाथ जी ने सबको हिम्मत से वहीं डटे रहने का आग्रह किया. वे स्वयं साहसपूर्वक गाँव-गाँव घूमे और स्वयंसेवकों तथा सामान्य नागरिकों का उत्साह बढ़ाया. विश्वनाथ जी का जन्म 1925 में अमृतसर के पास सिख पन्थ के तीसरे गुरु श्री अमरदास जी द्वारा स्थापित ...

Read more

23 मई / बलिदान दिवस – डॉ. चम्पक रमण पिल्लई का बलिदान

नई दिल्ली. प्रायः उच्च शिक्षा पाकर लोग धन कमाने में लग जाते हैं, पर स्वाधीनता से पूर्व अनेक युवकों ने देश ही नहीं, तो विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से उच्च उपाधियां हासिल करने के बाद भी देशसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. डॉ. चंपकरमण पिल्लई भी उसी श्रेणी के अमर बलिदानी थे. डॉ. पिल्लई का जन्म 15 सितम्बर 1881 को त्रिवेन्द्रम (केरल) में हुआ था. प्रारम्भ में उनकी रुचि अध्ययन की बजाय खेल में अधिक थी, ...

Read more
Scroll to top